संवाददाता, पटना मगध महिला कॉलेज में शुक्रवार को आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन सेल (आइक्यूएसी) के सहयोग में उच्च शिक्षा संस्थानों के मूल्यांकन की नयी बाइनरी प्रणाली विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कॉलेज के प्राचार्य प्रो एनपी वर्मा के मार्गदर्शन में यह आयोजन किया गया. मुख्य व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए मगध महिला कॉलेज की पूर्व प्रधानाचार्या व एलएनएमयू की पूर्व प्रो-वाइस चांसलर प्रो डॉली सिन्हा ने नैक के नये बाइनरी सिस्टम की बारीकियों को विस्तार से समझाया. उन्होंने राष्ट्रीय विकास में योगदान, वैश्विक प्रतिस्पर्धा, समावेशी शिक्षा, मूल्यों के समावेश और पर्यावरणीय जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष जोर दिया. प्रो सिन्हा ने उच्च शिक्षा के समक्ष मौजूद वैश्विक चुनौतियों का जिक्र करते हुए नैक मूल्यांकन के तीन प्रमुख चरणों—स्व-अध्ययन रिपोर्ट (एसएसआर), छात्र संतुष्टि सर्वेक्षण (एसएसएस) और पीयर टीम रिपोर्ट की प्रक्रिया को स्पष्ट किया. उन्होंने संस्थान के विकास के लिए सामूहिक जिम्मेदारी, प्रभावी शासन, पाठ्यक्रम विकास और अनुसंधान की महत्ता को रेखांकित किया. इस कार्यशाला के सफल आयोजन में आइक्यूएसी समन्वयक प्रो पुष्पलता कुमारी के साथ सदस्य प्रो पुष्पांजलि खरे और डॉ मनीष कुमार वर्मा ने सक्रिय भूमिका निभायी. कार्यक्रम में विज्ञान संकाय की डीन सहित कॉलेज के तमाम शिक्षण व गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. कार्यशाला का समापन सामान्य सचिव सोनल प्रिया के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ.
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