मगध यूनिवर्सिटी के 12 प्राचार्यों की नियुक्ति रद्द

Updated at : 10 Dec 2015 8:40 PM (IST)
विज्ञापन
मगध यूनिवर्सिटी के 12 प्राचार्यों की नियुक्ति रद्द

पटना : पटना उच्च न्यायालय ने मगध विश्वविद्यालय के बारह प्राचार्यों की नियुक्ति को रद्द कर दिया है. न्यायाधीश अजय कुमार त्रिपाठी की एकल पीठ ने गुरुवार को इस संबंध में अपना फैसला सुनाया. फैसले में कोर्ट ने मगध विवि के तत्कालीन कुलपति प्रो. अरुण कुमार के कार्यकाल में नियुक्क्त हुए 12 प्राचार्यों की नियुक्ति […]

विज्ञापन

पटना : पटना उच्च न्यायालय ने मगध विश्वविद्यालय के बारह प्राचार्यों की नियुक्ति को रद्द कर दिया है. न्यायाधीश अजय कुमार त्रिपाठी की एकल पीठ ने गुरुवार को इस संबंध में अपना फैसला सुनाया. फैसले में कोर्ट ने मगध विवि के तत्कालीन कुलपति प्रो. अरुण कुमार के कार्यकाल में नियुक्क्त हुए 12 प्राचार्यों की नियुक्ति प्रक्रिया को अवैध करार देते हुए तत्काल सभी संबंधित प्राचार्यों को पद से हटा देने का आदेश दिया है.

अपने 44 पन्ने के आदेश में कोर्ट ने कुलाधिपति को अवैध नियु़क्ति के लिए दोषी लोगों को चिन्हित करने के लिए जांच का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि अवैध तरीके से बारह प्राचार्यों की हुई नियुक्ति में कौन लोग शामिल थे, इसका पता लगाया जाना चाहिए. कोर्ट ने इस संबंध में चल रही निगरानी ब्यूरो की जांच को चलते रहने दिया है. जिन 14 प्राचार्यों की नियुक्ति अवैध करार दी गयी है उनमें डॉ. पुनम, अरुण कुमार रजक, डॉ. दिनेश् प्रसाद सिन्हा, डॉ. उपेंद्र प्रसाद सिंह, डॉ. रेखा कुमारी, डॉ. इंद्रजीत प्रसाद, शशि प्रताप सिंह, डॉ. वेद प्रकाश् चतुर्वेदी, प्रोफेसर शीला सिंह, प्रो प्रवीण कुमार, और सुधीर कुमार मिश्र के नाम हैं.

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि 12 प्राचार्यों की नियुक्ति के लिए 353 आवेदन आये थे. जिनमें 166 आवेदकों ने साक्षत्कार दिये. 21 दिसंबर, 2012 से 26 दिसंबर, 2012 तक साक्षात्कार लिये गये. 12 प्राचार्यों की नियुक्ति हुई. ए.एन. कालेज पटना के प्रोफेसर विमल कुमार सिंह ने इस संबंध में पटना उच्च न्यायालय में शचिका दायर कर प्राचार्यों की नियुक्ति को चुनौती दी. याचिकाकर्ता के वकील का कहना था कि बहाली प्रक्रिया में अारक्षण प्रक्रिया का पालन नहीं किया. बहाली प्रक्रिया में पांच पद सामान्य कोटि के लिए निर्धारित किये गये थे. जबकि, अनुसूचित जाति कोटे के लिए एक, पिछड़ा वर्ग के लिए चार, इबीसी के लिए एक, पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए एक पद अारक्षित था. लेकिन, आरक्षण प्रावधानों का अनुपालन नहीं किया गया. बहाली प्रक्रिया को आरक्षण के प्रावधानो को दरकिनार कर 12 प्ररचार्यों की नियुक्ति कर ली गयी. जबकि, एक डॉ. उषा सिन्हा का चयन कर उन्हें रिजर्व रखा था. कोर्ट ने उनकी भी नियुक्ति को रद्द कर दिया है.

  • प्राचार्य बैकग्राउंड कालेज
  • पुनम देवी इकोनोमिक्स कालेज आफ कामर्स
  • अरुण् कुमार रजक बाटनी गया कालेज , गया
  • डा दिनेश प्र. सिन्हा राजनीतिक शास्त्र मगध विवि, बोध गया
  • डा उपेंद्र प्र. सिंह इंगलिश एचडी जैन कालेज, आरा
  • डा रेखा कुमारी लायजनिंग अफसर किशोरी सिन्हा महिला कालेज, औरंगाबाद
  • डा इंद्रजीत प्रसाद कामर्स राजेंद्र कालेज छपरा
  • शशि प्रताप सिंह राजनीतिक शास्त्र एएन कालेज, पटना
  • डा वेद प्र.चतुर्वेदी इंगलिश कालेज आफ कामर्स
  • शीला सिंह जूलोजी किशोरी सिन्हा महिला काजेन, औरंगाबाद
  • प्रो प्रवीण कुमार भूगोल बीडी कालेज, पटना
  • सुधीर कु. मिश्रा केमेस्ट्री जेपी कालेज, छपरा
  • दलबीर सिंह गुरु गोविंद कालेज, पटना सिटटी
  • प्रो उषा सिंह अरविंद महिला कालेज
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन