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पुलिसवाले के बेटे ने भी मारी थी एएसपी को गोली

Updated at : 26 Oct 2015 9:42 PM (IST)
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पुलिसवाले के बेटे ने भी मारी थी एएसपी को गोली

पटना : पटना जिला के कोतवाली थाना अंतर्गत छज्जू बाग इलाके में गत 9 अक्तूबर की रात्रि में सहायक अधीक्षक राकेश कुमार एवं उनके अंगरक्षक सिपाही सुरेश यादव को गोली मारकर जख्मी करने वाले दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है जिसमें एक पुलिसकर्मी का पुत्र है. बिहार के पुलिस महानिदेशक पी. के. […]

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पटना : पटना जिला के कोतवाली थाना अंतर्गत छज्जू बाग इलाके में गत 9 अक्तूबर की रात्रि में सहायक अधीक्षक राकेश कुमार एवं उनके अंगरक्षक सिपाही सुरेश यादव को गोली मारकर जख्मी करने वाले दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है जिसमें एक पुलिसकर्मी का पुत्र है.

बिहार के पुलिस महानिदेशक पी. के. ठाकुर ने आज यहां संवाददाताओं को बताया कि गिरफ्तार युवकों के नाम अमित कुमार और रोहित कुमार हैं जिनमें से अमित पटना में पदस्थापित सहायक अवर निरीक्षक कामाख्या सिंह का पुत्र है. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार दोनों युवकों की स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर घटना में इस्तेमाल किए गए मोटरसाइकिल तथा उपयोग में लाया गया अवैध पिस्तौल एवं 3 कारतूस बरामद कर ली गई हैं.

ठाकुर ने बताया कि इन दोनों युवकों का पूर्व से कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं रहा है और उन्होंने पुलिस को पूछताछ के दौरान बताया कि घटना की रात्रि वर्चस्व कायम करने को लेकर उनका झगडा कुछ अन्य लडकों के साथ हुआ था। इसके पश्चात वे वापस लौट रहे थे जिस क्रम में पुलिस द्वारा पीछा करने पर पुलिस कर्मियों को विरोधी पक्ष समझ कर गलतफहमी में इन्होंने गोलियां चलानी शुरु कर दी.

उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद अमित ने सचिवालय थाना में पहुंच कर अपने आपको पुलिस कर्मी का लडका होने एवं कुछ लोगों द्वारा उसे गोली मारने के प्रयास करने की बात कही। थाना पर उपस्थित पुलिस कर्मियों द्वारा उससे पूछताछ की गई पर उसकी स्थिति को देखते हुए तत्काल यह बात प्रकाश में नहीं आ सकी कि यह वही व्यक्ति है जो पुलिस कर्मियों के साथ हुई घटना में शामिल रहा है. ठाकुर ने बताया कि सहायक पुलिस अधीक्षक और उनके अंगरक्षक सिपाही का इलाज पटना मेडिकल कालेज अस्पताल में किया गया और वे खतरे से बाहर हैं तथा उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है.

उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच और अपराधियों का पता लगाने के लिए पटना जिला के वरीय पुलिस अधीक्षक विकास वैभव के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया था जिसने इस घटना का पता 18 दिनों में लगा लिया जिसके लिए इस टीम में शामिल पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा. ठाकुर ने बताया कि इसके अतिरिक्त दोनों गिरफ्तार अभियुक्तों के मोबाइल फोन को भी जब्त किया गया है एवं उनका विश्लेषण चल रहा है.

उन्होंने बताया कि मामले में पूरी तत्परता के साथ अनुसंधान जारी है तथा शीघ्र ही अनुसंधान पूर्ण कर इस घटना का स्पीडी ट्रायल कराया जायेगा. रोहतास जिले में एक अन्य सहायक पुलिस अधीक्षक पर कथित गोलीबारी की घटना के बारे में पूछे जाने पर ठाकुर ने बताया कि उसकी जांच जारी है. इस मामले के आपराधिक मामला होने की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है.

उन्होंने बताया कि जख्मी सहायक पुलिस अधीक्षक जो कि पडोसी राज्य उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद के निवासी हैं अपने घर गए हुए हैं और उन्होंने लिखित रुप से अपनी बात नहीं रखी है. घटना जिस परिस्थिति में हुई और उक्त घटना की तात्कालिक जांच हुई है उसके आधार पर कोर्ट आफ इंक्वयारी और अग्रतर जांच की जा रही है.

उल्लेखनीय है कि पटना और रोहतास जिले में सहायक पुलिस अधीक्षक पर गोलीबारी की घटना का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति पर प्रश्न खडा किए थे.

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