मैं 2019 के प्रधानमंत्री की दौड़ में नहीं : नीतीश

Updated at : 09 Oct 2015 6:01 AM (IST)
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मैं 2019 के प्रधानमंत्री की दौड़ में नहीं : नीतीश

नीतीश कुमार का बरखा दत्त के साथ ट्विटर पर इंटरव्यू पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साफ किया है कि वह प्रधानमंत्री पद की दौड़ में नहीं हैं. गुरुवार को ट्विटर पर वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त के साथ साक्षत्कार में जब उनके समक्ष यह सवाल पेश किया गया कि 2019 में होने वाले अगले लोकसभा […]

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नीतीश कुमार का बरखा दत्त के साथ ट्विटर पर इंटरव्यू
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साफ किया है कि वह प्रधानमंत्री पद की दौड़ में नहीं हैं. गुरुवार को ट्विटर पर वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त के साथ साक्षत्कार में जब उनके समक्ष यह सवाल पेश किया गया कि 2019 में होने वाले अगले लोकसभा चुनाव के बाद वह सात रेसकार्स जाने की इच्छा रखते हैं तो जवाब में नीतीश कुमार ने कहा,हमको अभी बिहार का चुनाव जीतना है.
अभी सुशासन के लिए, राज्य की जनता के लिए सर्वश्रेष्ठ शासन देना है.यदि लालू प्रसाद से तालमेल को लेकर मन में आपको कोई खेद है. यदि दोबारा दोस्ती करने का मौका मिले तो आप पार्टनरशिप करेंगे, नीतीश ने कहा कि नहीं, मुझे सीखने में विश्वास है खेद प्रकट करने में नहीं. आपने प्रधानमंत्री को बहस के लिए चुनौती दी है वह बिहार के सीएम के लिए नहीं दौड़ रहे इसके जवाब में नीतीश कुमार ने कहा कि मैं इसलिए उन्हें चुनौती दे रहा हूंे कि वह बिहार के सीएम के अतिरिक्त प्रभार के लिए प्रयास कर रहे हैं. यह समान्य तर्क है कि या तो वह या उनकी पार्टी सीएम का नाम तय करें, जिनसे मैं बहस कर सकूं. नहीं तो वह मुझसे बहस के लिए खुद तैयार हों. आप
आप कहते हैं कि बिहार में गोमांस कोई मुद्ददा नहीं है लेकिन कश्मीर में एक व्यक्ति गोमांस की पार्टी के लिए पीटा गया, केरल में इसका विरोध हो रहा आपका विचार क्या है, नीतीश ने कहा मैं इसे फिर दोहराता हूं. यह बिहार का इश्यू नहीं है. भाजपा कठिन प्रयास कर रही है कि यह बिहार की जनता के बीच मुद्दा बने लेकिन प्रबुद्ध् जनता भाजपा के डिजाइन को समझ रही है.
अगर नीतीश कुमार विकास में विश्वास रखते हें तो आप लालू प्रसाद और कांग्रेस के साथ क्यों समझौता किया के जवाब में नीतीश कुमार ने कहा कि गंठबंधन करना राजनीतिक सच्चाई है. मैंने बहुतों बार महागंठबंधन को लेकर कहा है कि यह विकास और न्याय के विचार से गाइड होगा. इसका सिर्फ ऐक एजेंडा है कि बिहार निरंतर विकास की यात्रा करे.
राहुल गांधी और लालू प्रसाद मंच साझा नहीं कर रहे, कहीं चर्चा नीतीश कुमार ने इसके जवाब मे कहा कि जो बात थी पहले के दरार को भूल जाना चाहिए अब इसमें कोई सिकुड़न नहीं रह गया है.
क्या अरविंद केजरीवाल के साथ दोस्ती स्वार्थ के चलते है या नरेंद्र मोदी के समान विरोधी होने के कारण, नीतीश ने कहा कोई टाइअप नहीं हुआ है. क्या आप सहमत है कि लालू प्रसाद ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के लिए गलत शब्द नरभक्षी कहा है और आप क्या इसकी निंदा करेंगे, के जवाब में नीतीश कुमार ने कहा मैं हमेशा राजनीतिक विमर्श में मृदुभाषा या सभ्य भाषा का प्रयोग करने का आदि रहा हूं. फिर भी हर आदमी यह देख रहा है कि प्रधानमंत्री किस तरह से निचले स्तर के डिबेट करते हैं और उनके सहयोगी दल भी इसी लाइन पर चल रहे हैं.
आपकी दृष्टि में आरक्षण का रिव्यू नहीं किया जाना चाहिए इससे समाज में मेधा कुंठित होती है के जवाब में नीतीश कुमार ने कहा कि वर्षों की सोच और बहस के बाद यह आरक्षण को लाया गया है. मैं वर्तमान सामाजिक और आर्थिक परिदृष्य में जो विकास की यात्रा में पीछे छूट गये हैं उनको बीच में नहीं रोकना चाहिए. वर्तमान सिस्टम बेस्ट स्थिति में है. गुलाम अली के कन्सर्ट को आप बिहार में होस्ट करेंगे के सवाल पर नीतीश कुमार ने कहा क्यों नहीं, किसी दिन करेंगे. महाराष्ट्र में क्या हो रहा है यह नरेंद्र मोदी और भाजपा के सही रंग को दर्शाता है.
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