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एसएनसीयू में एक साल में नवजात मृत्यु दर में दो फीसदी की आयी कमी

Updated at : 05 Jul 2024 1:31 AM (IST)
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एसएनसीयू में एक साल में नवजात मृत्यु दर में दो फीसदी की आयी कमी

राज्य में सेवा देनेवाले स्पेशल न्यू बार्न केयर (एसएनसीयू) यूनिट में भर्ती होकर इलाज करानेवाले नवजातों की मृत्यु में एक साल के दौरान दो प्रतिशत की कमी आयी है.

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संवाददाता,पटना राज्य में सेवा देनेवाले स्पेशल न्यू बार्न केयर (एसएनसीयू) यूनिट में भर्ती होकर इलाज करानेवाले नवजातों की मृत्यु में एक साल के दौरान दो प्रतिशत की कमी आयी है. एसएनसीयू में शून्य दिन से लेकर 28 दिनों के नवजातों को इलाज के लिए भर्ती कराया जाता है. नवजातों की मृत्यु दर में यह कमी एसएनसीयू में डिस्चार्ज रेट में बढ़ोतरी और दी जाने वाली सुविधाओं में बढ़ोतरी के कारण एक वर्ष में पांच से तीन पर आ गयी है. अभी मई तक राज्य में डिस्चार्ज रेट 83 प्रतिशत से बढ़कर 85 प्रतिशत हो गया है. वर्ष 2024-25 के मई माह तक कुल पांच हजार 568 बच्चे एसएनसीयू में भर्ती हुए थे. एसएनसीयू के निर्धारित बेड के अनुपात में 84 प्रतिशत बेड पर शिशु भर्ती रहे. स्वास्थ्य विभाग ने इसकी उच्चस्तरीय समीक्षा की . इस बैठक में एसएनसीयू के कार्य को सराहा गया. वर्तमान के डिस्चार्ज रेट को 85 प्रतिशत से ज्यादा करने एवं एसएनसीयू के तहत रेफरल केस को 10 प्रतिशत से कम करने का निर्देश दिया गया. समीक्षा बैठक के दौरान एसएनसीयू में सांस की समस्या के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले सी-पैप मशीन की उपलब्धता एवं उसकी क्रियाशीलता को सभी एसएनसीयू में अनिवार्य करने का भी निर्देश दिया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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