पटना : जीपीओ घोटाले की गाज तीन और कर्मियों पर, 72 लाख जमा कराने का नोटिस

Updated at : 23 Feb 2020 8:26 AM (IST)
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पटना : जीपीओ घोटाले की गाज तीन और कर्मियों पर, 72 लाख जमा कराने का नोटिस

सुबोध कुमार नंदन पटना : पटना जीपीओ में हुए 5.42 करोड़ रुपये के घोटाला मामले में जीपीओ के डिप्टी चीफ पोस्टमास्टर ने तीन डाक सहायकों को 72 लाख रुपये सरकारी खाते में जमा करने का नोटिस दिया है.जानकारी के अनुसार डाक सहायक प्रमोद कुमार सिंह को 36 लाख, राकेश कुमार को 17 लाख और अब्दुल […]

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सुबोध कुमार नंदन
पटना : पटना जीपीओ में हुए 5.42 करोड़ रुपये के घोटाला मामले में जीपीओ के डिप्टी चीफ पोस्टमास्टर ने तीन डाक सहायकों को 72 लाख रुपये सरकारी खाते में जमा करने का नोटिस दिया है.जानकारी के अनुसार डाक सहायक प्रमोद कुमार सिंह को 36 लाख, राकेश कुमार को 17 लाख और अब्दुल शमद को 19 लाख रुपये का नोटिस दिया गया है.
यह राशि उनके वेतन से 20 हजार रुपये प्रति माह के हिसाब से किस्तों में काटी जायेगी. कटौती के संबंध में शनिवार को नोटिस मिलने के बाद पटना जीपीओ के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया. नोटिस की सूचना पर संबंधित कर्मचारियों की पत्नियां पटना जीपीओ पहुंचीं और डिप्टी चीफ पोस्ट मास्टर सुब्रत मांजी से मुलाकात करने के लिए लगभग छह घंटे तक इंतजार करती रहीं, लेकिन मुलाकात नहीं हुई. इस संबंध में डिप्टी चीफ पोस्ट मास्टर सुब्रत मांजी से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया.
कर्मियाें की पत्नियों ने कहा-दोषी हैं, तो बर्खास्त किया जाये : राकेश कुमार की पत्नी शोभा कुमारी, प्रमोद कुमार सिंह की पत्नी सुमन सिंह और अब्दुल शमद की पत्नी जीनत कौसर ने बताया कि सुबह 10 बजे से तीन बजे तक डिप्टी चीफ पोस्ट मास्टर सुब्रत मांजी से मुलाकात करने की कोशिश की, लेकिन बार-बार कहा गया कि साहब मीटिंग में हैं.
थक-हारकर वापस लौट रही हूं. इस मामले की सीबीआइ जांच होनी चाहिए. अगर दोषी हैं, तो डाक विभाग उन्हें तत्काल बर्खास्त कर दे. जानकारी के अनुसार डिप्टी चीफ पोस्ट मास्टर ने 21 फरवरी (शुक्रवार) की देर रात नोटिस जारी किया, लेकिन कर्मचारियों को नोटिस 22 फरवरी शनिवार को कार्यालय आने पर सौंपा.
कई अन्य पर गिरी गाज
सूत्रों की मानें, तो इन कर्मचारियों पर घोटाले के मुख्य आरोपित काउंटर क्लर्क मुन्ना कुमार को सिस्टम से पैसा ट्रांसफर करने का आरोप लगाया गया है. इस मामले में तीन अन्य डाक सहायक सुनील कुमार पर 1.50 लाख रुपये का फाइन किया गया. जबकि उदय कुमार का छह माह के लिए इन्क्रीमेंट रोका गया. वहीं, राज कुमार का इन्क्रीमेंट एक साल के लिए रोका गया है. कर्मचारियों का कहना है कि पटना जीपीओ के तत्कालीन चीफ पोस्ट मास्टर राजदेव प्रसाद को मुन्ना कुमार ने पत्र लिखा था और घोटाला कबूल किया था. इनमें से 1.14 करोड़ रुपये सरकारी खाते में जमा भी करा दिये. ज्ञात हो कि घोटाले की जांच सीबीआइ के पास है.
अब तक ये हो चुके हैं निलंबित
बचत कोष नियंत्रण संगठन के सुपरवाइजर जनमेय कुमार, काउंटर क्लर्क मुन्ना कुमार, सहायक डाकपाल राजेश कुमार शर्मा, सुजय तिवारी, आदित्य कुमार सिंह, सुधीर कुमार सिंह, कामेश्वर राय को घोटाले में शामिल होने की बात स्वीकार करने के बाद निलंबित किया जा चुका है.
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