बजट पूर्व रायशुमारी : सरकार का फोकस बाल कुपोषण महिला स्वास्थ्य पर : सुशील मोदी

Updated at : 14 Feb 2020 8:19 AM (IST)
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बजट पूर्व रायशुमारी : सरकार का फोकस बाल कुपोषण महिला स्वास्थ्य पर : सुशील मोदी

महिला व बाल क्षेत्र के लोगों से विमर्श पटना : डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि बिहार सरकार अपने बजट में हर बार महिला और बाल विकास से जुड़ी योजनाओं पर खासतौर से फोकस करती है. राज्य सरकार अब बाल कुपोषण और महिला स्वास्थ्य समेत इससे जुड़े तमाम मुद्दों में पिछड़े प्रखंडों […]

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महिला व बाल क्षेत्र के लोगों से विमर्श
पटना : डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि बिहार सरकार अपने बजट में हर बार महिला और बाल विकास से जुड़ी योजनाओं पर खासतौर से फोकस करती है.
राज्य सरकार अब बाल कुपोषण और महिला स्वास्थ्य समेत इससे जुड़े तमाम मुद्दों में पिछड़े प्रखंडों को चिह्नित कर इनके उत्थान के लिए खासतौर से योजनाएं चलायेगी. इससे पहले ऐसे 13 जिलों को चिह्नित कर इनमें काम किये जा रहे हैं. उपमुख्यमंत्री गुरुवार को मुख्य सचिवालय स्थित सभागार में महिला एवं बाल क्षेत्र में काम करने वाले लोगों एवं संस्थानों के साथ बजट पूर्व रायशुमारी कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि किसी योजना की मॉनीटरिंग व संचालन में आइटी का इस्तेमाल ज्यादा होना चाहिए. अब सभी आशा को भी स्मार्ट फोन जल्द दिये जायेंगे. इधर, डिप्टी सीएम ने ट्वीट कर कहा है कि बिहार में एनडीए सरकार ने न्याय के साथ विकास और सेवा के काम से जनता का आशीर्वाद पाया है.
अब आशा को दिया जायेगा स्मार्ट फोन
बाल विवाह मुक्त पंचायत
की कार्ययोजना बनेगी
उन्होंने कहा कि बाल विवाह और दहेज उन्मूलन अभियान के अंतर्गत राज्य की प्रत्येक पंचायतों में 31 हजार 929 समूहों का गठन कर लिया गया है. इस समूह में तीन किशोरी और एक किशोर को शामिल किया गया है. बाल विवाह को लेकर सर्वाधिक संवेदनशील महादलित टोलों के किशोर-किशोरियों को इस अभियान की कमान सौंपी गयी है. बाल विवाह मुक्त पंचायत की कार्ययोजना तैयार की जा रही है.
एइएस की रोकथाम के लिए विशेष प्रयास : मंगल पांडेय
इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री
मंगल पांडेय ने कहा है कि मुजफ्फरपुर जिले में एइएस की रोकथाम के लिए अभी से विशेष प्रयास किये जा रहे हैं. राज्य में बच्चियों का आइएमआर (शिशु मृत्यु दर) अब भी 47 है, जो चिंता का विषय है. इसे दूर करने के लिए खासतौर से प्रयास करने की जरूरत है.
पूरक पोषाहार के लिए 664 करोड़
15वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर आंगनबाड़ी केंद्रों के स्तर से दिये जा रहे पूरक पोषाहार के लिए 664 करोड़ रुपये व प्रति लाभार्थी तीन रुपये अतिरिक्त मिलेंगे. मातृ वंदना योजना के तहत 10. 2 लाख महिलाओं को पांच हजार रुपये दिये जा चुके हैं. 12,527 अनाथ बच्चों के परिजनों को हर माह एक हजार भत्ता दिया जा रहा है.
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