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पटना : 15 घंटे के बाद समाप्त हुई दवा दुकानदारों की हड़ताल

Updated at : 23 Jan 2020 9:02 AM (IST)
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पटना : 15 घंटे के बाद समाप्त हुई दवा दुकानदारों की हड़ताल

पटना : खुदरा व थोक दवा दुकानदारों की राज्यव्यापी तीन दिवसीय हड़ताल 15 घंटे बाद बुधवार की रात समाप्त हो गयी. स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय व विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार से वार्ता के बाद बिहार केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन (बीसीडीए) ने रात 9:30 बजे हड़ताल खत्म करने की घोषणा की. इससे पहले राज्य […]

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पटना : खुदरा व थोक दवा दुकानदारों की राज्यव्यापी तीन दिवसीय हड़ताल 15 घंटे बाद बुधवार की रात समाप्त हो गयी. स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय व विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार से वार्ता के बाद बिहार केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन (बीसीडीए) ने रात 9:30 बजे हड़ताल खत्म करने की घोषणा की. इससे पहले राज्य के दवा दुकानदारों ने बुधवार की सुबह से ही सभी थोक व खुदरा दवा दुकानों में तालाबंदी कर दी थी.
बीसीडीए के प्रदेश अध्यक्ष परसन कुमार सिंह, महासचिव अमरेंद्र कुमार, कोषाध्यक्ष प्रदीप कुमार चौरसिया, संरक्षक उत्पल कुमार सेन, रमेश पटेल सहित अन्य प्रतिनिधियों के साथ स्वास्थ्य मंत्री व विभाग के पदाधिकारियों के साथ वार्ता हुई. वार्ता में सरकार ने बताया कि फार्मेसी की पढ़ाई के लिए दो कॉलेजों की मान्यता दी गयी है. राज्य में 22 फार्मेसी कॉलेज खुलने की प्रक्रिया में हैं. दवा दुकानों में विभागीय निरीक्षण के लिए जारी किये गये निर्देशों को एक सप्ताह के अंदर सरलीकरण किया जायेगा. इसमें बीसीडीए के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जायेगा.
तकनीकी बिंदुओं की स्पष्ट व्याख्या करते हुए दिशानिर्देश दिया जायेगा और निरीक्षण के क्रम में तकनीकी गलती पर दवा दुकानों को उसे सुधारने का मौका दिया जायेगा. बिना विभागीय पदाधिकारी के किसी भी दवा दुकान में पुलिस सीधे छानबीन या कार्रवाई नहीं करेगी. विभागीय कार्रवाई के बाद निलंबित अथवा रद्द किये गये लाइसेंस की सूची सरकार ऑनलाइन जारी करेगी. ड्रग एक्ट के अनुसार दवा दुकानदार को क्या करना है और क्या नहीं करना है, इसके बारे में विभाग की ओर से केमिस्टों को जागरूक किया जायेगा.
लाइसेंस के रिन्युअल केंद्रीय गजट में जारी किये गये निर्देशों के अंतर्गत ही किया जायेगा. विभागीय निरीक्षण के दौरान यदि किसी दवाओं के बारे में किसी विभागीय पदाधिकारी को आशंका होती है और दवा दुकानदार उस दवा की खरीदारी का बिल प्रस्तुत करता है तो जब तक जांच प्रयोगशाला में उसके नकली या सबस्टैंडर्ड होने का प्रमाण नहीं मिलता, तब तक उसे नकली या उसकी जब्ती की घोषणा नहीं की जायेगी. वार्ता के बाद एसोसिएशन के सदस्यों ने आपात बैठक बुलायी और सरकार के आश्वासनों पर चर्चा के बाद सर्वसम्मति से हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया.
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