50 माइक्रॉन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक का उत्पादन बंद करे केंद्र

Updated at : 17 Jan 2020 8:48 AM (IST)
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50 माइक्रॉन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक का उत्पादन बंद करे केंद्र

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण पर्षद का सम्मेलन, मोदी ने कहा पटना : उपमुख्यमंत्री सह पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि पर्यावरण की कीमत पर विकास नहीं हो सकता. उन्होंने देश में 50 माइक्रॉन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक का उत्पादन बंद करने की केंद्र सरकार से मांग की है. […]

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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण पर्षद का सम्मेलन, मोदी ने कहा
पटना : उपमुख्यमंत्री सह पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि पर्यावरण की कीमत पर विकास नहीं हो सकता.
उन्होंने देश में 50 माइक्रॉन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक का उत्पादन बंद करने की केंद्र सरकार से मांग की है. साथ ही इलेक्ट्रॉनिक, बायोमेडिकल और ठोस कचरा के निबटाने को लेकर एक गाइडलाइन बनाने की सलाह दी है. वे गुरुवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के राष्ट्रीय सम्मेलन में सभी राज्यों के प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे. इस दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन बिहार म्यूजियम में किया गया था. इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि करीब 10 साल पहले तक इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट (इ-कचरे) की समस्या नहीं थी, लेकिन आज बड़े पैमाने पर घरों में खराब मोबाइल और टेलीविजन जमा हो रहे हैं. इसके लिए नीति बने.
, जो कंपनियां जिस चैनल से इसे लांच करती हैं, उसी चैनल से वे इ-कचरे को वापस भी लें. अब बिहार के आधे से अधिक अस्पतालों में बायो-वेस्ट का डिस्पोजल किया जा रहा है, लेकिन इसे अस्पताल के नजदीक जमा करने की नीति बने.
सिंगल यूज प्लास्टिक पर बने स्पष्ट नीति
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्लास्टिक का उपयोेग हमारी जीवन शैली बन गयी है. ऐसे में सिंगल यूज प्लास्टिक को लेकर व्यावहारिक नीति बनाने और इसके तहत शामिल चीजों को स्पष्ट करने की सलाह दी. वहीं, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर डोर-टू-डोर कचरा इकट्ठा करने और उसे अलग करने के लिए तकनीक के अध्ययन की अधिकारियों को सलाह दी. उन्होंने कहा कि फ्लाइ एश से ईंट बनाने का काम शुरू हो गया है और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए ईंट भट्ठों में जिग जैग तकनीक का इस्तेमाल शुरू करने का निर्देश पिछले साल ही दिया था.
वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए केंद्र करेगा आर्थिक सहयोग
केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव सीके मिश्रा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा शुरू किये गये जल-जीवन-हरियाली अभियान को दुनिया के पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण बताया.
उन्होंने कहा कि प्रदूषण और पर्यावरण संबंधी नियम व्यावहारिक बनें. इसके लिए काम को आसानी से करने के लिए केंद्र सरकार नियमोें में परिवर्तन करेगी. उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए काम करने में केंद्र सरकार आर्थिक सहयोग करेगी.
डेलीगेट्स का स्वागत
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह और बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अध्यक्ष एके घोष ने सभी राज्यों से आये डेलीगेट्स का स्वागत किया. साथ ही उम्मीद जतायी कि इस दो दिवसीय सम्मेलन से पर्यावरण के क्षेत्र में बेहतर तथ्य निकलकर सामने आयेंगे.
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