दूसरी बार टला मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन शोषण मामले का फैसला, 14 जनवरी को आयेगा फैसला

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पटना / नयी दिल्ली : मुजफ्फरपुर के चर्चित बालिका गृह यौन शोषण कांड में दिल्ली के साकेत स्थित पॉक्सो कोर्ट में आज एडिशनल सेशन जज के अवकाश पर रहने के कारण गुरुवार को फैसला नहीं आयेगा. अब 14 जनवरी को फैसला आयेगा. मालूम हो कि मामले में सीबीआइ ने ब्रजेश ठाकुर समेत 21 अभियुक्तों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था.

जानकारी के मुताबिक, मुजफ्फरपुर के चर्चित बालिका गृह यौन शोषण कांड में दिल्ली के साकेत स्थित पॉक्सो कोर्ट के एडिशनल जज डॉ सौरभ कुलश्रेष्ठ के अवकाश पर रहने के कारण गुरुवार को आनेवाला फैसला टल गया है. अब 14 जनवरी को मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड में फैसला आयेगा.

कानूनविद मान रहे हैं कि साकेत कोर्ट आरोपितों को दोषी करार दे सकता है और फिर सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए तिथि तय करेगा. मालूम हो कि 14 नवंबर को मामले का फैसला आनेवाला था. लेकिन, दिल्ली में अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ कुलश्रेष्ठ ने फैसला टालते हुए 12 दिसंबर की तिथि तय की थी.

टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस (टिस) की रिपोर्ट पर मुजफ्फरपुर के महिला थाने में 31 मई, 2018 में सहायक निदेशक दिवेश शर्मा के आवेदन पर बालिका गृह की बच्चियों से उत्पीड़न और यौन शोषण की प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. इसके बाद इसी साल सात फरवरी को मुजफ्फरपुर कोर्ट से केस को दिल्ली स्थानांतरित कर दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई साकेत पॉक्सो कोर्ट में 23 फरवरी को स्थानांतरित करते हुए त्वरित सुनवाई करने का आदेश दिया था.

ये हैं आरोपित

ब्रजेश ठाकुर, बाल संरक्षण इकाई की तत्कालीन सहायक निदेशक रोजी रानी, निलंबित बाल संरक्षण पदाधिकारी रवि कुमार रोशन, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष रहे दिलीप वर्मा, सदस्य विकास कुमार, बालिका गृह की कर्मचारी इंदु कुमारी, मीनू देवी, मंजू देवी, चंदा देवी, नेहा कुमारी, हेमा मसीह, किरण कुमारी, विजय कुमार तिवारी, गुड्डू कुमार पटेल, किशन राम उर्फ कृष्णा, डॉ अश्विनी उर्फ आसमानी, विक्की, रामानुज ठाकुर उर्फ मामु, रामाशंकर सिंह उर्फ मास्टर साहब, डॉ प्राेमिला व शाइस्ता परवीन उर्फ मधु.

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