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सड़क सुरक्षा पर मीटिंग, खाने पर डेढ़ लाख खर्च, बिल भरा ही नहीं

Updated at : 06 Dec 2019 6:05 AM (IST)
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सड़क सुरक्षा पर मीटिंग, खाने पर डेढ़ लाख खर्च, बिल भरा ही नहीं

पटना : राज्य में सड़क सुरक्षा को लेकर 21 जनवरी को हुई समीक्षात्मक बैठक के दौरान खर्च हुई राशि का भुगतान 11 माह बाद भी नहीं हुआ है. राजधानी के एक बड़े होटल में बैठक में खाने पर सिर्फ 1़ 61 लाख खर्च सहित फोटोग्राफी, बैनर, पोस्टर आदि पर कुल 3़ 60 लाख खर्च हुए […]

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पटना : राज्य में सड़क सुरक्षा को लेकर 21 जनवरी को हुई समीक्षात्मक बैठक के दौरान खर्च हुई राशि का भुगतान 11 माह बाद भी नहीं हुआ है. राजधानी के एक बड़े होटल में बैठक में खाने पर सिर्फ 1़ 61 लाख खर्च सहित फोटोग्राफी, बैनर, पोस्टर आदि पर कुल 3़ 60 लाख खर्च हुए थे.

होटल की ओर से राशि भुगतान के लिए कहा गया है, लेकिन परिवहन विभाग व जिला परिवहन कार्यालय पटना के बीच मामला फंसा हुआ है. बकाया राशि भुगतान के लिए जिला परिवहन कार्यालय पटना की ओर से परिवहन विभाग को फिर से पत्र लिखा गया है. विभाग से राशि आवंटन करने की मांग की गयी है. ताकि बकायेदारों को भुगतान किया जा सके.
सड़क सुरक्षा को लेकर लीड परिषद गठित : सड़क सुरक्षा के व्यापक प्रचार-प्रसार सहित अन्य कार्यों को लेकर लीड एजेंसी गठित की गयी है. परिवहन विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है. 21 जनवरी को हुई बैठक में सड़क सुरक्षा, मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना, वाहनों के रजिस्ट्रेशन, परमिट, प्रदूषण जांच केंद्र, राजस्व वसूली, हेलमेट-सीट बेल्ट जांच अभियान आदि की समीक्षा हुई थी. बैठक में विभागीय मंत्री, राज्य परिवहन प्राधिकार के अध्यक्ष, सभी प्रमंडलीय आयुक्त, विभागीय अधिकारी, ट्रांसपोर्टर शामिल हुए थे. दो सत्रों में बैठक आयोजित हुई थी. बेहतर काम के लिए अधिकारी सम्मानित भी हुए थे.
खाने पर 1़ 61 लाख, चालकों, अंगरक्षकों आदि के नाश्ते के पैकेट पर लगभग 29 हजार, फोटोग्राफी पर 16 हजार, प्रचार-प्रसार के लिए 1़ 53 लाख खर्च किये गये. जानकारों के अनुसार लीड एजेंसी द्वारा जिला परिवहन कार्यालय को ही राशि भुगतान करने के लिए कहा गया. इसके बाद बकायेदारों को भुगतान करने के लिए जिला परिवहन कार्यालय पटना द्वारा विभाग से राशि की मांग की जा रही है.
पटना : राज्य में सड़क सुरक्षा को लेकर 21 जनवरी को हुई समीक्षात्मक बैठक के दौरान खर्च हुई राशि का भुगतान 11 माह बाद भी नहीं हुआ है. राजधानी के एक बड़े होटल में बैठक में खाने पर सिर्फ 1़ 61 लाख खर्च सहित फोटोग्राफी, बैनर, पोस्टर आदि पर कुल 3़ 60 लाख खर्च हुए थे.
होटल की ओर से राशि भुगतान के लिए कहा गया है, लेकिन परिवहन विभाग व जिला परिवहन कार्यालय पटना के बीच मामला फंसा हुआ है. बकाया राशि भुगतान के लिए जिला परिवहन कार्यालय पटना की ओर से परिवहन विभाग को फिर से पत्र लिखा गया है. विभाग से राशि आवंटन करने की मांग की गयी है. ताकि बकायेदारों को भुगतान किया जा सके.
सड़क सुरक्षा को लेकर लीड परिषद गठित : सड़क सुरक्षा के व्यापक प्रचार-प्रसार सहित अन्य कार्यों को लेकर लीड एजेंसी गठित की गयी है. परिवहन विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है.
21 जनवरी को हुई बैठक में सड़क सुरक्षा, मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना, वाहनों के रजिस्ट्रेशन, परमिट, प्रदूषण जांच केंद्र, राजस्व वसूली, हेलमेट-सीट बेल्ट जांच अभियान आदि की समीक्षा हुई थी. बैठक में विभागीय मंत्री, राज्य परिवहन प्राधिकार के अध्यक्ष, सभी प्रमंडलीय आयुक्त, विभागीय अधिकारी, ट्रांसपोर्टर शामिल हुए थे. दो सत्रों में बैठक आयोजित हुई थी. बेहतर काम के लिए अधिकारी सम्मानित भी हुए थे.
खाने पर 1़ 61 लाख, चालकों, अंगरक्षकों आदि के नाश्ते के पैकेट पर लगभग 29 हजार, फोटोग्राफी पर 16 हजार, प्रचार-प्रसार के लिए 1़ 53 लाख खर्च किये गये. जानकारों के अनुसार लीड एजेंसी द्वारा जिला परिवहन कार्यालय को ही राशि भुगतान करने के लिए कहा गया. इसके बाद बकायेदारों को भुगतान करने के लिए जिला परिवहन कार्यालय पटना द्वारा विभाग से राशि की मांग की जा रही है.
जारी है प्रक्रिया
विभागीय बैठक में राशि खर्च हुई थी. राशि भुगतान करने को लेकर प्रक्रिया जारी है.
अजय कुमार ठाकुर,
जिला परिवहन पदाधिकारी
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