पटना : प्याज का लगा शतक, तो चिकेन की बिक्री 40% गिरी

Updated at : 05 Dec 2019 8:51 AM (IST)
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पटना : प्याज का लगा शतक, तो चिकेन की बिक्री 40% गिरी

सुबोध नंदन पटना में रोजाना चिकेन की औसत बिक्री तीन लाख किलो से घटकर 1.80 लाख किलो हुई पटना : प्याज का भाव ताव खा रहा है और दाम आंसू निकाल रहे हैं. पटना में बुधवार को प्याज ने शतक लगाया है, तो दूसरी ओर पिछले दो-तीन दिनों में चिकेन की बिक्री में 30 से […]

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सुबोध नंदन
पटना में रोजाना चिकेन की औसत बिक्री तीन लाख किलो से घटकर 1.80 लाख किलो हुई
पटना : प्याज का भाव ताव खा रहा है और दाम आंसू निकाल रहे हैं. पटना में बुधवार को प्याज ने शतक लगाया है, तो दूसरी ओर पिछले दो-तीन दिनों में चिकेन की बिक्री में 30 से 40 फीसदी तक गिरावट दर्ज की गयी है. प्याज की बढ़ती कीमत के कारण होटल में थाली से प्याज गायब हो गये हैं.
साथ ही मटन और चिकेन की मांग में भी कमी दर्ज की गयी है. खुदरा बाजार में पिछले एक सप्ताह में प्याज का भाव 30 रुपये प्रति किलो तक बढ़ चुका है. दुकानदारों की मानें तो आने वाले दिनों में प्याज के भाव में और तेजी आयेगी. बुधवार को खुदरा बाजार में प्याज 100-110 रुपये प्रति किलो तक बिका.
भाव में लगातार तेजी के कारण प्याज की मांग में 50 फीसदी तक कमी अायी है. प्याज के थोक कारोबारी संतोष कुमार ने बताया कि नया प्याज 80- 90 रुपये प्रति किलाे, तो पुराना प्याज 100 रुपये प्रति किलो बिका. उन्होंने बताया कि भाव तेज होने के कारण बिक्री में 40 से 50 तक की कमी आयी है. प्याज की जो भी थोड़ी-बहुत मांग है, तो वह लगन के कारण है.
होटल में खाने की थाली से प्याज पूरी तरह गायब हो गया है. होटल संचालकों को कहना है कि 50-70 की थाली के साथ सलाद में प्याज देना संभव नहीं है. इसके अलावा सब्जियों और मटन व चिकेन में प्याज का प्रयोग कम करने को मजबूर हैं. कीमत में तुरंत बदलाव लाना व्यावहारिक नहीं है, इसलिए बीच का रास्ता अपनाना पड़ रहा हैं.
िचकेन कारोबारी बोले, खर्च भी िनकालना मुिश्कल
प्याज के बढ़ते भाव के कारण चिकेन कारोबारी काफी परेशान हैं. उनकी मानें तो चिकेन की बिक्री में लगातार कमी आ रही है. पिछले दो- तीन िदनों में चिकेन की बिक्री 30 से 40 फीसदी तक गिरी है. इसके कारण खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है. पिछले साल इस वक्त बैठने की फुर्सत नहीं होती थी. लेकिन आज बैठ कर ग्राहकों का इंतजार करना पड़ रहा है.
बाजार से िचकेन के ग्राहक गायब
दुकानदारों की मानें तो एक सामान्य दुकानदार एक दिन में लगभग 150-250 किलो तक चिकेन बेच लेता है. शहर में दो हजार से अधिक चिकेन दुकानदार हैं.
एक अनुमान के अनुसार शहर में हर दिन लगभग तीन लाख किलो चिकेन की बिक्री होती है. इसमें सबसे अधिक बिक्री फार्म वाले मुर्गे की होती है. कंकड़बाग के चिकेन विक्रेता अजहर ने बताया कि फार्म वाला मुर्गा (खड़ा) 120 से 130 रुपये प्रति किलाे है, जबकि देसी मुर्गा 350 रुपये प्रति किलो. उन्होंने बताया कि दो -तीन दिनों से बिक्री में काफी कमी अायी है. 200 किलो के बदले अभी 140- 160 किलो काफी मुश्किल से बिक पा रहा है. लोग चिकेन खाना चाह रहे हैं, लेकिन प्याज का भाव चिकेन के भाव तक पहुंच गया है, जिसके कारण चिकेन बाजार से ग्राहक गायब हो गये हैं.
होटलों में प्याज के बदले पत्तागोभी का प्रयोग
प्याज की बढ़ती कीमत से परेशान होटल संचालक प्याज के बदले पत्तागोभी का प्रयोग कर रहे हैं. सूत्रों से के अनुसार मटन और चिकेन में प्याज के बदले पत्तागोभी के पत्ते को पतला-पतला कर तैयार होने के कुछ मिनट पहले मिक्स कर देते हैं, जो सामान्य तौर पर प्याज जैसा दिखता है. स्वाद के लिए काफी कम मात्रा में प्याज डाल दिया जाता है, ताकि ग्राहकों को संदेह न हो. इसके कारण इन दिनों पत्तागोभी की सबसे अधिक मांग होटलों में है.
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