काउंसिल ने की नगर आयुक्त के अधिकार घटाने की मांग
Updated at : 05 Dec 2019 6:55 AM (IST)
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पटना : नगर आयुक्त बिना स्वीकृति के 60 लाख रुपये खर्च कर सकते हैं. इस अधिकार को राज्य सरकार शीघ्र खत्म करे. यह मांग बुधवार को मेयर सीता साहू की अध्यक्षता में आयोजित मेयर-डिप्टी मेयर काउंसिल ऑफ बिहार की बैठक में उठी. बैठक में उपस्थित मेयर व डिप्टी मेयर ने कहा कि निगम के प्रति […]
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पटना : नगर आयुक्त बिना स्वीकृति के 60 लाख रुपये खर्च कर सकते हैं. इस अधिकार को राज्य सरकार शीघ्र खत्म करे. यह मांग बुधवार को मेयर सीता साहू की अध्यक्षता में आयोजित मेयर-डिप्टी मेयर काउंसिल ऑफ बिहार की बैठक में उठी. बैठक में उपस्थित मेयर व डिप्टी मेयर ने कहा कि निगम के प्रति सशक्त स्थायी समिति व निगम बोर्ड जवाबदेह है. स्थायी समिति व बोर्ड से स्वीकृत योजना पर ही राशि खर्च की जाये. यह 14वें वित्त आयोग में प्रावधान भी किया गया है.
सरकार से मांग की गयी कि नगरपालिका एक्ट की धारा 36 के तहत सृजित पदों का पदस्थापन सशक्त स्थायी समिति से स्वीकृति मिलने के बाद की जाये. इसके साथ ही एक्ट की धारा 41 के तहत प्रशासनिक पदाधिकारियों को पदस्थापित करने व निलंबित करने का स्पष्ट प्रावधान किया जाये.
काउंसिल के संयोजक अखौरी ओंकार नाथ ने कहा कि मेयर, डिप्टी मेयर व पार्षदों को बैठक भत्ता देने का प्रावधान है. इसके तहत मेयर को 50 हजार, डिप्टी मेयर को 45 हजार, सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों को 30 हजार और पार्षदों को 20 हजार प्रतिमाह दिया जाये.
मांगों पर सरकार व विभाग गंभीरता से विचार नहीं करेंगे, तो शीघ्र हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटायेंगे. बैठक में बेगूसराय के मेयर उपेंद्र प्रसाद सिंह, गया के मेयर बिरेंद्र कुमार, मुजफ्फरपुर के मेयर सुरेश कुमार, आरा की मेयर रूबी कुमारी, पटना की डिप्टी मेयर मीरा देवी सहित कई डिप्टी मेयर उपस्थित थे.
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