राज्य में अब भी एक करोड़ से अधिक ऑनलाइन जमाबंदी के मामले हैं लंबित

Updated at : 11 Oct 2019 1:17 AM (IST)
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राज्य में अब भी एक करोड़ से अधिक ऑनलाइन जमाबंदी के मामले हैं लंबित

पटना : राज्य में ऑनलाइन जमाबंदी में हुई गड़बड़ियों को लेकर राजस्व व भूमि सुधार विभाग की ओर से अभियान के तौर पर निबटाने का निर्देश दिया गया है. अंचल कार्यालयों में कंप्यूटर ऑपरेटरों के माध्यम से प्रतिदिन जमाबंदी के मामलों की सुधार के लिए समय- सीमा निर्धारित की गयी है. जानकारी के अनुसार अभी […]

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पटना : राज्य में ऑनलाइन जमाबंदी में हुई गड़बड़ियों को लेकर राजस्व व भूमि सुधार विभाग की ओर से अभियान के तौर पर निबटाने का निर्देश दिया गया है. अंचल कार्यालयों में कंप्यूटर ऑपरेटरों के माध्यम से प्रतिदिन जमाबंदी के मामलों की सुधार के लिए समय- सीमा निर्धारित की गयी है. जानकारी के अनुसार अभी भी ऑनलाइन जमाबंदी दर्ज करने के दौरान लगभग एक करोड़ 16 लाख 27 हजार से अधिक मामले में जिनके लगान निर्धारण की जानकारी दर्ज नहीं की जा सकी है.

इसके अलावा 30 सितंबर तक 84 लाख से अधिक मामले ऐसे हैं, जिनको जमाबंदी ऑनलाइन करने के दौरान खाता की जानकारी नहीं रखी गयी है. गौरतलब है कि राज्य सरकार की ओर से जिसके नाम पर जमाबंदी रहेगी, उसी को जमीन रजिस्ट्री करने का अधिकार वाले नियम के बाद अंचल कार्यालयों में जमाबंदी सुधार या नये जमाबंदी के सृजन को लेकर मामले बढ़े हैं.
इन कारणों से हो रही परेशानी
जानकारी के अनुसार कई कारणों से जमाबंदी दर्ज नहीं होने के मामले आ रहे हैं. अंचलों में प्रमुख रूप से बेलगान जमीन यानी खतियानी जमीन का लगान निर्धारण नहीं हो पाया है. इसके अलावा वकास्त जमीन की भी जमाबंदी नहीं हुई है. कई जगहों पर गैरमजरूआ जमीन को लेकर भी जमाबंदी निर्धारण का अभाव है.
वहीं, जमाबंदी पंजी काफी पुरानी होने के कारण फट जाने से जमाबंदी गायब होने के मामले भी अंचल कार्यालयों में हजारों की संख्या में पड़े हुए हैं. इसके अलावा पहले से जमीन रजिस्ट्री व जमीन बंटवारा में नये जमाबंदी का सृजन नहीं होने से परेशानियां हुई हैं. जिनको ऑपरेशनल मोड पर निबटाने के निर्देश दिये गये हैं.
जमीन-मकान रजिस्ट्री में मंदी का जोर नहीं
पटना. बिहार में प्रॉपर्टी का कारोबार अपनी गति से सरपट दौड़ रहा है. चारों ओर मंदी की बयार है. इसके बाद भी मकान-दुकान एवं प्लाट आदि खूब बिक रहे हैं. इनकी बिक्री आदि से निबंधन विभाग राजस्व वसूली के मामले में लक्ष्य के करीब पहुंच गया है. वित्तीय वर्ष 2018- 19 में विभाग का लक्ष्य 4700 करोड़ रुपये था. विभाग ने 94.48 फीसदी राजस्व प्राप्त किया.
बीते वित्तीय वर्ष में निबंधन विभाग ने 4440.63 करोड़ रुपये राजस्व जुटाया. इस वित्तीय वर्ष 2019-20 में पिछले साल का रिकाॅर्ड टूटने की पूरी उम्मीद है. पिछले महीने तक जो लक्ष्य था, वह सौ फीसदी के करीब हासिल कर लिया है. विभाग को 2350 करोड़ रुपये 30 सितंबर, 19 तक राजस्व संग्रहण करना था. इसमें से 2342 करोड़ रुपये की प्राप्ति हो चुकी है. यह निबंधन विभाग के निर्धारित लक्ष्य का 99.67 फीसदी है.
फेस्टिवल सीजन में और बढ़ेगी कमाई
इस वित्तीय वर्ष में अभी पांच महीने रह गये हैं. इसमें भी दीपावली का फेस्टिवल सीजन बाकी है. शुभ मुहूर्त में विश्वास रखने के कारण अधिकतर लोग नवरात्र और दीपावली के आसपास प्राॅपर्टी की खरीद-फरोख्त करते हैं.
इस कारण अक्तूबर – नवंबर का महीना निबंधन विभाग के लिए बहुत मायने रखता है. निबंधन विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले दिनों हुई समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने मुख्यालय के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वह प्रत्येक जिला में राजस्व संग्रहण की निगरानी करें. कोशिश है कि इस साल हर हाल में टारगेट को पूरा किया जाये.
छह माह में आये 16 करोड़ से अधिक लगान
ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद बीते छह माह में ऑनलाइन लगान जमा करने वालों की संख्या बढ़ी है. अक्तूबर माह में विभाग की ओर से एक अप्रैल से लेकर 30 सितंबर तक के आंकड़े जारी किये गये हैं. इसमें अब तक दस लाख नौ हजार एक सौ 16 लोगों से 16 करोड़ 51 लाख 63 हजार एक सौ 10 की राशि जमा की है.
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