नियोजित शिक्षकों को इपीएफ का लाभ देने के मामले में शिक्षा विभाग उदासीन
Author Prabhat khabar digital desk
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पटना : कर्मचारी भविष्य निधि(इपीएफ) का लाभ नियोजित शिक्षकों को एक अरसे से नहीं मिल पा रहा है,जबकि 2017 के शुरुआत में ही विभागीय शीर्ष अफसरों, यहां तक कि प्रदेश के तत्कालीन मुख्य सचिव ने भी आदेश जारी कर कहा था कि नियोजित शिक्षकों को इपीएफ का लाभ दिया जाये.करीब ढाई साल पूरा होने को […]
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पटना : कर्मचारी भविष्य निधि(इपीएफ) का लाभ नियोजित शिक्षकों को एक अरसे से नहीं मिल पा रहा है,जबकि 2017 के शुरुआत में ही विभागीय शीर्ष अफसरों, यहां तक कि प्रदेश के तत्कालीन मुख्य सचिव ने भी आदेश जारी कर कहा था कि नियोजित शिक्षकों को इपीएफ का लाभ दिया जाये.करीब ढाई साल पूरा होने को आये,अभी तक शिक्षा विभाग ने इस आदेश को पूरी तरह चुप्पी साध रखी है.
फिलहाल हालिया हाइकोर्ट के आदेश के बाद इपीएफओ कार्यालय ने शिक्षा विभाग को एक नया पत्र लिखा है कि प्रदेश के सभी चार लाख से अधिक नियोजित शिक्षकों को इसका लाभ दिया जाये.
विभाग को इस संबंध में अपनी प्रक्रिया शुरू करनी है. विभागीय अफसराें ने इस मामले में अभी तक कोई खास पहल नहीं की है. नियमानुसार शिक्षा विभाग को प्रत्येक जिले में नोडल अफसर बनाकर नियोजित शिक्षकों की सूची तैयार अंशदान को सुनिश्चित करना चाहिए.
हालांकि इस मामले में इपीएफओ कार्यालय सीधे हस्तक्षेप करके अपने आदेश का पालन करा सकता है. उल्लेखनीय है कि 21 फरवरी 2017 को तत्कालीन मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग समेत सभी विभागों को पत्र लिखकर निर्देशित किया था कि ऐसे कर्मचारी, चाहें वे संविदा कर्मी हों या नियोजित शिक्षक सभी को भविष्य निधि का लाभ
दिया जाये.
मुख्य सचिव के आदेश का पालन कराने के लिए प्रदेश प्रशासन विभाग के तत्कालीन निदेशक सुशील कुमार ने मार्च 2017 में ही, न केवल शिक्षा विभाग बल्कि उसके सभी निदेशालयों से कहा था कि सभी दैनिक वेतन भोगी/संविदा/ आउटसोर्सिंग के जरिये नियोजित कर्मचारियों को भविष्य निधि एवं पेंशन लाभ देने की कवायद शुरू करें. यह आदेश करीब ढाई साल बाद भी ताक पर रखा गया है.
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