PMCH में आउटसोर्सिंग कर्मियों का हंगामा, छह महीने से वेतन नहीं मिलने पर ठप हुआ काम, इलाज व्यवस्था प्रभावित

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PMCH में आउटसोर्सिंग कर्मियों ने काम किया ठप

PMCH में आउटसोर्सिंग कर्मियों ने काम किया ठप

पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन न मिलने से हड़कंप मच गया है. छह महीने से लंबित भुगतान के कारण कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया है, जिससे मरीजों को भारी असुविधा हो रही है.

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PMCH News : बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में सोमवार को आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के प्रदर्शन के कारण इलाज व्यवस्था प्रभावित हो गई. छह महीने से वेतन नहीं मिलने से नाराज आउटसोर्सिंग स्टाफ ने काम ठप कर दिया और अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया.

ओटी से लेकर रजिस्ट्रेशन सेवा तक पर पड़ा असर

PMCH Outsourcing Staff Protest के कारण अस्पताल की कई महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हुईं. जानकारी के अनुसार, फ्रंटलाइन कंपनी से जुड़े आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने लंबित वेतन भुगतान की मांग को लेकर काम बंद किया. कर्मचारियों का आरोप है कि लगातार काम करने के बावजूद उन्हें कई महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.

मरीजों को वार्ड में नहीं मिला खाना, परिजन परेशान

कर्मचारियों के काम बंद करने का सीधा असर अस्पताल में भर्ती मरीजों पर पड़ा. वार्ड में आउटसोर्सिंग कर्मियों ने खाना वितरण का काम रोक दिया, जिसके कारण मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा. सुबह का भोजन भी काफी देर से उपलब्ध हो सका.

कम वेतन और लंबित भुगतान से बढ़ी परेशानी

वार्ड अटेंडेंट अनिता देवी ने बताया कि एजेंसी की ओर से करीब 8 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाता है, जो परिवार चलाने के लिए काफी नहीं है. उन्होंने कहा कि छह महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है.

पहले भी हो चुका है वेतन को लेकर प्रदर्शन

आउटसोर्सिंग स्टाफ मोहित कुमार ने बताया कि वे लोग लगातार वेतन भुगतान की मांग कर रहे हैं. इससे पहले भी अगस्त 2023 में वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया था. कर्मचारियों का आरोप है कि एजेंसी समय पर भुगतान नहीं करती है और कम वेतन में काम करने के बावजूद नियमित भुगतान नहीं मिल रहा है.

अस्पताल प्रशासन और एजेंसी पर उठे सवाल

कर्मचारियों का कहना है कि इस मामले को लेकर कई बार अस्पताल प्रशासन और एजेंसी प्रबंधन से बातचीत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. कर्मचारियों ने मांग की है कि लंबित वेतन का जल्द भुगतान किया जाए, ताकि वे दोबारा सामान्य रूप से काम शुरू कर सकें. वहीं इस मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से भी कोई संतोषजनक समाधान नहीं दिया गया है.

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करुणा तिवारी

लेखक के बारे में

By करुणा तिवारी

करुणा तिवारी पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत Doordarshan Bihar के साथ की. 8 वर्षों तक टीवी और डिजिटल माध्यम में सक्रिय रहने के बाद, वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल, बिहार टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें बिहार की राजनीति, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सामाजिक मुद्दों में विशेष रुचि है.

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