रसीद की जगह हेलमेट क्यों नहीं देते

Updated:
विज्ञापन

पटना : बिहार में एक सितंबर से नया मोटर वाहन अधिनियम लागू है. इसके अंतर्गत हर दिन हजारों लोग पकड़े जा रहे हैं और उनसे लाखों रुपये फाइन की वसूली हो रही है. भारी फाइन वसूलने से आक्रोशित कई लोगों ने प्रभात खबर से कहा कि जब हेलमेट नहीं होने के चलते सरकार एक हजार […]

विज्ञापन

पटना : बिहार में एक सितंबर से नया मोटर वाहन अधिनियम लागू है. इसके अंतर्गत हर दिन हजारों लोग पकड़े जा रहे हैं और उनसे लाखों रुपये फाइन की वसूली हो रही है. भारी फाइन वसूलने से आक्रोशित कई लोगों ने प्रभात खबर से कहा कि जब हेलमेट नहीं होने के चलते सरकार एक हजार रुपये जुर्माना वसूलती है तो वो रसीद के बजाय हेलमेट ही क्यों नहीं दे देती है

आपके शहर में

विज्ञापन
ताकि आगे किसी तरह की परेशानी न हो. इसी तरह पॉल्यूशन सर्टिफिकेट नहीं होने के कारण दो पहिये वाहन चालकों से एक हजार और चारपहिया वाहन चालकों से 10 हजार रुपये जुर्माना वसूलने का प्रावधान है.
इससे काफी कम खर्च में वाहनों की फिटनेस जांच की जा सकती है और अनफिट वाहनों के चालकों को उनको फिट करने का समय दिया जा सकता है. लर्निंग और डीएल नहीं होने पर 5 हजार का फाइन है तो फिर ऑनस्पाट ही लर्निंग या डीएल आवेदन की व्यवस्था क्यों नहीं करवायी जाती है.
हम कानूनों का अनुपालन करवाने वाली एजेंसी
ट्रैफिक पुलिस केवल कानूनों का अनुपालन सुनिश्चित करनेवाली एजेंसी है. हम यदि हेलमेट खुद लोगों को देना शुरू करेंगे तो इसकी खरीद प्रक्रिया, गुणवत्ता आदि से संबंधित कई नये प्रश्न खड़े हो जायेंगे. ऐसे में बेहतर यही है कि लोग खुद अपनी पसंद की दुकान से उच्च गुणवत्तापूर्ण हेलमेट खरीदें और पहने.
डी अमरकेश, ट्रैफिक एसपी
लर्निंग या डीएल सड़क पर बनाना संभव नहीं
वाहनों का लर्निंग या परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस सड़क पर बनाना संभव नहीं है. इसके लिए कंप्यूटर व कार्यालय का होना आवश्यक है. पॉल्यूशन जांच भी ऑनस्पाट कर सर्टिफिकेट देना व्यावहारिक नहीं. इस क्रम में सड़क पर जाम लग जायेगा और दूसरे वाहन चालक छूट जायेंगे.
अजय कुमार ठाकुर, डीटीओ
विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन