दूसरे वर्ष भी बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स के चुनाव पर संशय

Updated at : 04 Sep 2019 6:09 AM (IST)
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दूसरे वर्ष भी बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स के चुनाव पर संशय

सुबोध कुमार नंदन चैंबर के 93 साल के इतिहास में पहली बार हो रहा ऐसा , 17 सितंबर को होगी सुनवाई पटना : बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष का कार्यकाल दूसरे साल भी समाप्त हो रहा है. लेकिन मामला कोर्ट में होने के कारण 2019-20 के लिए नये अध्यक्ष, […]

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सुबोध कुमार नंदन
चैंबर के 93 साल के इतिहास में पहली बार हो रहा ऐसा , 17 सितंबर को होगी सुनवाई
पटना : बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष का कार्यकाल दूसरे साल भी समाप्त हो रहा है. लेकिन मामला कोर्ट में होने के कारण 2019-20 के लिए नये अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है. चैंबर के 93 साल के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है, जब लगातार दूसरे वर्ष भी नये पदाधिकारियों का चुनाव नहीं हो पायेगा.
चैंबर के पदाधिकारियों का चुनाव 17 सितंबर को सिविल कोर्ट में होने वाली सुनवायी पर निर्भर है कि इस बार भी चुनाव हो पायेगा या नहीं हो पायेगा. वर्तमान अध्यक्ष पीके अग्रवाल, उपाध्यक्ष एनके ठाकुर और कोषाध्यक्ष विशाल टेकरीवाल का कार्यकाल 2018-19 दिसंबर को समाप्त हो गया था, जबकि महामंत्री का कार्यकाल इस साल समाप्त हो रहा है. उल्लेखनीय है कि अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष और महामंत्री को कार्यकाल दो साल का होता है, जो दिसंबर माह में समाप्त होता है.पीके अग्रवाल इससे पूर्व चार बार अध्यक्ष पद (1993-1995, 2008-2010,2012-2014 तथा 2017-2019) संभाल चुके हैं.
अध्यक्ष पद को लेकर ओपी साह का नाम आगे
2019-2020 के अध्यक्ष पद को लेकर पूर्व अध्यक्ष ओपी साह का नाम सबसे आगे है. इससे पूर्व साह 2002-2004, 2006-2008, 2010-2012 तथा 2014 -2016 में अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. वहीं उपाध्यक्ष-कोषाध्यक्ष पद को ले कई उम्मीदवार चुनाव में उतरने को तैयार हैं, क्योंकि वर्तमान उपाध्यक्ष एनके ठाकुर और मुकेश कुमार जैन तथा कोषाध्यक्ष विशाल टेकरीवाल का कार्यकाल समाप्त हो गया है.
नये उपाध्यक्ष पद के दौर में शशि मोहन, सुभाष पटवारी, एनएन बडेरिया, ओपी टेबरिवाल, डॉ रमेश गांधी प्रमुख हैं. इसके अलावा कोषाध्यक्ष पद के लिए आलोक पोद्दार, राजेश खेतान, सुबोध जैन अपनी दावेदारी पेश करने की तैयारी में जुटे हैं. वहीं महामंत्री अमित मुखर्जी के खिलाफ में कोई नहीं है. चैंबर के सदस्यों को कहना है कि पिछले एक साल से अब तक इस मामले में कई तारीखें पड़ीं, लेकिन एक बार भी सुनवाई नहीं हो सकी है. लेकिन इस बार सुनवाई में सार्थक परिणाम सामने आयेगा.
18 सदस्यों का चुनाव पांच पदाधिकारियों सहित 18 कमेटी
सदस्यों का भी चुनाव होता है. इसके तहत 12 जोन बनाये गये हैं, जिनमें हर जोन से एक-एक सदस्य को चुना जाता है. पटना नगर निगम, पटना, मगध, भागलपुर, मुंगेर, कोशी, पूर्णिया, तिरहुत, सारण, दरभंगा डिविजन, झारखंड राज्य तथा दूसरे राज्य के सदस्य होते हैं. जबकि एरिया में पटना, भागलपुर, कोशी, तिरहुत (छपरा), दरभंगा तथा बिहार के बाहर के व्यावसायिक संगठनाें के एक-एक प्रतिनिधि कमेटी सदस्य के लिए चुने जाते हैं.
क्या है मामला
पिछले साल अक्तूबर में चैंबर के सदस्य एमपी बिदेसरिया ने चैंबर के पदाधिकारियों की चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए सिविल कोर्ट में केस दर्ज कर दिया था, जिसके कारण चैंबर की चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगी हुई है. उल्लेखनीय है कि इसी साल वे बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के महासचिव पद के लिए चुनाव लड़े और वे निर्वाचित हो गये. चैंबर से जुड़े सदस्यों का कहना है कि उनका व्यवहार अच्छा नहीं होने से उन्हें चैंबर की सदस्यता से हटा दिया गया है.
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