पटना : लेटलतीफी में फंसा असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति का मामला

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 29 Aug 2019 9:28 AM

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विवि से नहीं मिली खाली जगहों की जानकारी विवि में प्रोफेसर और नॉन टीचिंग स्टाफ की भारी कमी पटना : प्रदेश के विश्वविद्यालयों और उनसे जुड़े सरकारी कालेजों में सहायक प्राध्यापकों की भर्ती का मामला खुद विश्वविद्यालयों की लापरवाही के कारण लटक गया है. शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों से अपने कालेजों में प्राध्यापकों की रिक्तियों […]

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विवि से नहीं मिली खाली जगहों की जानकारी
विवि में प्रोफेसर और नॉन टीचिंग स्टाफ की भारी कमी
पटना : प्रदेश के विश्वविद्यालयों और उनसे जुड़े सरकारी कालेजों में सहायक प्राध्यापकों की भर्ती का मामला खुद विश्वविद्यालयों की लापरवाही के कारण लटक गया है.
शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों से अपने कालेजों में प्राध्यापकों की रिक्तियों को जानकारी 30 जुलाई तक मांगी थी. अब तक छह विवि ने अपनी रिक्तियां विभाग को नहीं भेजा है. इसके चलते नियुक्ति प्रक्रिया आरंभ नहीं हो पा रहा है. जबकि, सरकार की ओर से सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति के लिए विवि सेवा आयोग का गठन किया गया है और उसके लिए कर्मियों के पद भी सृजित किये गये हैं.
विवि की रिपोर्ट तब नहीं आ पा रही, जब विवि में प्रोफेसर और नॉन टीचिंग स्टाफ की भारी कमी है. पटना विवि के कई विभागों में प्रोफेसर, लेक्चरर, अस्टिटेंट प्रोफेसर नहीं हैं. इस विश्वविद्यालय में प्राध्यापकों की कमी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टीचिंग सेक्शन के 810 पदों में 500 और नॉन टीचिंग सेक्शन में 1300 से ज्यादा पद रिक्त हैं.
दरअसल,अकेले पटना यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर, लेक्चरर के 810 स्थायी पद हैं, लेकिन फिलहाल यहां पिछले महीने तक की स्थिति के मुताबिक केवल 311 ही सहायक प्रोफेसर, प्रोफेसर और लेक्चरर बचे हैं. अगले तीन साल में 94 प्रोफेसर रिटायर होने जा रहे हैं. उच्च शिक्षा विभाग में निदेशक डा रेखा कुमारी ने बताया कि विश्वविद्यालयों को अभी रिक्तियों की जानकारी दे देनी चाहिए थी, लेकिन निर्धारित समय सीमा में उन्होंने मांगी गयी जानकारी नहीं सौंपी है. फिलहाल इस मामले में नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकी है.
बिहार विधानसभा की प्राक्कलन समिति की बैठक में उच्च शिक्षा विभाग को विश्वविद्यालयों को वेतन और उनके अनुदानों का उपयोगिता प्रमाण पत्र एक माह के अंदर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. इस संदर्भ में समिति की एक अहम बैठक गुरुवार को हुई थी. उच्च शिक्षा विभाग ने एक बार फिर विश्वविद्यालयों को अविलंब उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने को कहा है .
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