गांधीघाट पर गंगा खतरे के निशान से ऊपर, पटना में अब तक सामान्य से 38% कम हुई बारिश
Updated at : 22 Aug 2019 6:34 AM (IST)
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पांच-सात सेंटीमीटर वृद्धि होने पर मंदिर में पानी पहुंचने की आशंका पटना : पिछले दो दिनों से जलग्रहण क्षेत्र में हो रही तेज बारिश के कारण गंगा गांधीघाट में बुधवार को खतरे के निशान को पार कर गयी. जल बढ़ कर घाट के पास स्थित मंदिर के चबूतरानुमा प्लेटफॉर्म के सतह के पास तक पहुंच […]
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पांच-सात सेंटीमीटर वृद्धि होने पर मंदिर में पानी पहुंचने की आशंका
पटना : पिछले दो दिनों से जलग्रहण क्षेत्र में हो रही तेज बारिश के कारण गंगा गांधीघाट में बुधवार को खतरे के निशान को पार कर गयी. जल बढ़ कर घाट के पास स्थित मंदिर के चबूतरानुमा प्लेटफॉर्म के सतह के पास तक पहुंच गया और देर रात पांच-सात सेंटीमीटर की वृद्धि होने पर इसके मंदिर के भीतर पहुंच जाने की आशंका भी उत्पन्न हो गयी.
जल संसाधन विभाग द्वारा जारी बुलेटिन में कहा गया है कि बुधवार की सुबह छह बजे खतरे के निशान से दो सेमी नीचे था, जो गुरुवार की सुबह बढ़कर खतरे के निशान के 22 सेमी ऊपर चढ़ सकता है. वहीं दीघाघाट पर यह बुधवार की सुबह खतरे के निशान से 67 सेमी नीचे था, जिसमें गुरुवार सुबह तक 34 सेमी की वृद्धि होने का अनुमान था.
दानापुर में गंगा के जल स्तर में वृद्धि
दानापुर : दानापुर दियारे के निचले इलाकाें में पानी घुस चुका है. बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा बुधवार की शाम को देवनानाला पर गंगा का जल स्तर 165 फुट रिकॉर्ड किया गया, जबकि खतरे का निशान 168 फुट है.
शंकरपुर, कासीमचक, हेतनपुर, पुरानी पानापुर व नवदियरी के निचले इलाकों व तटवर्टी क्षेत्र में पानी फैलने लगा है. वहीं, दियारे के पुरानी पानापुर, कासीमचक पंचायत समेत आदि गांवों में ग्रामीण दहशत में है. सहायक अभियंता विजय कुमार प्रिंस ने बताया कि इंद्रपुरी से सोन नदी में पानी छोड़ा गया है, जिससे गंगा के जल स्तर में वृद्धि हुई है.
मनेर में कई मार्गों पर चढ़ा गंगा का पानी
मनेर : गंगा नदी के जल स्तर में लगातार हो रही वृद्धि के कारण गांव जाने वाले कई निचले रास्तों पर पानी चढ़ गया. हल्दी छपरा संगम व श्मशान घाट जाने के रास्ते भी बंद हो गये हैं.
गंगा नदी के किनारे नवनिर्माण हो रहे सूर्य मंदिर का आधा हिस्सा जलमग्न हो गया है. इस्लामगंज, छिहत्तर, महावीर टोला आदि गांव के रास्तों पर पानी चढ़ गया है. लोगों को पानी में घुस कर जाना पड़ रहा है. सैकड़ों हेक्टेयर में लगी सब्जियां डूब गयी हैं.
देर शाम हुई वर्षा ने शहर को भिगोया, 24 घंटे में 36 मिलीमीटर हुई बारिश
पटना : बुधवार की रात साढ़े आठ बजे के बाद शहर में झमाझम तेज बारिश हुई.आंधी के साथ हुई इस बारिश ने समूचे शहर को भिगो दिया. इससे पहले शाम को जबरदस्त ऊमस महसूस की गयी. आधा घंटे की बारिश में करीब 25 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई. तेज हवा के साथ हुई इस बारिश के बाद शहर में ठंडक पसर गयी. हालांकि इस दौरान पूरे शहर में कई जगह पानी भर गया. इससे पहले सुबह आठ बजे से शाम आठ बजे तक 11 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गयी.
इस तरह 24 घंटे में 36 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी. आइएमडी के मुताबिक रात को हुई बारिश की वजह पूर्वी उत्तरी प्रदेश और सीमावर्ती बिहार के इलाके में बने कम दाब के केंद्र वाले चक्रवात है. दरअसल बक्सर,आरा और छपरा में प्रभावी चक्रवात अचानक पटना की तरफ मुड़ गया.
अब तक पटना में सामान्य से 38% कम बारिश
पटना : सूखे से दक्षिण बिहार में हालात भयंकर बन रही है. अभी तक प्रदेश में सामान्य से 12 फीसदी कम बारिश हुई है. लेकिन, दक्षिण बिहार की स्थिति सबसे ज्यादा नाजुक है. यहां के एक-दो जिलों को छोड़ दें, तो सभी जिलों में सामान्य से बहुत कम बारिश हुई है. वहीं पटना जिले में सामान्य से 38 फीसदी कम बारिश हुई है. सूत्रों के मुताबिक साउथ बिहार के लिए सरकार अलग रणनीति बना सकती है.
आइएमडी, पटना के मौसम विज्ञानियों के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर और उससे सटे बिहार के कुछ जिलों मसलन बक्सर, छपरा आदि पर कम दबाव का केंद्र बना हुआ है. लेकिन, उससे बिहार में नाम मात्र की बारिश होगी. शेष बिहार में अगले चार- पांच दिन साधारण बारिश का ही पूर्वानुमान है.
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