पटना : नवंबर से आंगनबाड़ी केंद्र होंगे डिजिटल मुख्यालय से होगी हर दिन निगरानी

Updated at : 09 Aug 2019 9:07 AM (IST)
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पटना : नवंबर से आंगनबाड़ी केंद्र होंगे डिजिटल मुख्यालय से होगी हर दिन निगरानी

सभी केंद्रों की सेविकाओं को 31 अगस्त तकमिल जायेंगे मोबाइल उपलब्ध करा दिये जायेंगे. 21 जिलों में अगले माह से सेविका, सहायिका की होगी ट्रेनिंग, पेपरलेस होगा पूरा केंद्र पटना : राज्य के एक लाख 14 हजार आंगनबाड़ी केंद्र नवंबर से डिजिटल हो जायेंगे. सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की मॉनीटरिंग कैश एप्लीकेशन एप से अधिकारी हर […]

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सभी केंद्रों की सेविकाओं को 31 अगस्त तकमिल जायेंगे मोबाइल उपलब्ध करा दिये जायेंगे.
21 जिलों में अगले माह से सेविका, सहायिका की होगी ट्रेनिंग, पेपरलेस होगा पूरा केंद्र
पटना : राज्य के एक लाख 14 हजार आंगनबाड़ी केंद्र नवंबर से डिजिटल हो जायेंगे. सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की मॉनीटरिंग कैश एप्लीकेशन एप से अधिकारी हर दिन मुख्यालय में बैठे-बैठे ही कर पायेंगे. एप काे कैसे चलाना है, इसके लिए सेविका-सहायिकाओं को अपडेट किया जायेगा. सितंबर से प्रशिक्षण कार्यक्रम आइसीडीएस के माध्यम से शुरू होगा. सभी केंद्रों की सेविकाओं को 31 अगस्त तक मोबाइल उपलब्ध करा दिये जायेंगे. इसके लिए विभागीय प्रक्रिया पूरी हो गयी है.
ऐसे होगी मॉनीटरिंग, हर दिन बच्चों का बनेगा अटेंडेंस : कैश एप्लीकेशन एप सिस्टम मुख्यालय स्थित आइटी सेल से जुड़ा रहेगा. सीडीपीओ द्वारा टेबलेट से आंगनबाड़ी केंद्रों में होने वाली गतिविधियों की सूचना इसी पर दी जायेगी. इसके साथ ही एप से खाद पदार्थों की राशि की कमी संबंधी शिकायतों का निराकरण भी सुनिश्चित किया जा सकेगा. इसके साथ ही सभी प्रतिवेदन कैश एप्लीकेशन पर मांगे जायेंगे. हर दिन बच्चों का अटेंडेंस भी एप के माध्यम से ही बनाया जायेगा.
आंगनबाड़ी की भूमिका और काम
छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों का टीकाकरण
सभी गर्भवती स्त्रियों के लिए प्रसव पूर्व देखभाल और टीकाकरण
छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों को अनुपूरक पोषण
गर्भवती और शिशुओं की देखभाल करने वाली स्त्रियों को अनूपूरक पोषण
15-45 वर्ष के आयु वर्ग की सभी महिलाओं के लिए पोषण और स्वास्थ्य शिक्षा
गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व देखभाल तथा शिशुओं की देखरेख
नये जन्मे शिशुओं तथा छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों की देखभाल
कुपोषण अथवा बीमारी के गंभीर मामलों को अस्पतालों, समुदाय स्वास्थ्य केंद्रों अथवा जिला अस्पतालों (पोषण पुनर्वास केंद्र/नवजात शिशु गहन देखरेख यूनिट) को भेजना.
3-6 वर्ष की उम्र के बच्चों को अनौपचारिक विद्यालय पूर्व शिक्षा देना.
एप से क्या-क्या होना है
सेंटर कब खुला और कब बंद हुआ
बच्चों को पोषक आहार में क्या दिया गया
हर दिन कितने बच्चे आये हैं
रजिस्टर से मॉनीटरिंग बंद हो जायेगी
बच्चों का स्वास्थ्य जांच हुई या नहीं
बच्चों के साथ तस्वीर खींचकर एप पर लोड करना होगा
इन जिलों में मिलेगा प्रशिक्षण
सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, किशनगंज, अररिया, दरभंगा, मधुबनी, शिवहर, इस्ट व बेस्ट चंपारण, वैशाली, छपरा, सीवान, गोपालगंज, अरवल, जमुई, पटना, नालंदा, रोहतास, सहरसा और कैमूर.
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