बंगाल चुनाव 2026 से पहले डूबी कबीर की नाव! ओवैसी के बाद पीरजादा अमीन ने भी छोड़ा साथ

Humayun Kabir Party Ajup President Resignation West Bengal Election 2026
Humayun Kabir Party AJUP President Resignation: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 से पहले हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी में बड़ी टूट. प्रदेश अध्यक्ष पीरजादा खोबायब अमीन ने इस्तीफा दिया. AIMIM ने जैसे ही कबीर से नाता तोड़ा, पार्टी में भगदड़ मच गयी. पढ़ें पूरी खबर.
Humayun Kabir Party AJUP President Resignation| बशीरहाट, मनोरंजन सिंह : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले हुमायूं कबीर और उनकी पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) की मुश्किलें बढ़ती ही जा रहीं हैं. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन (AIMIM) चीफ असदुद्दीन ओवैसी के झटके से अभी हुमायूं कबीर उबर भी नहीं पाये थे कि प्रदेश अध्यक्ष ने भी इस्तीफा दे दिया. इस तरह हुमायूं कबीर अब बीच मझधार में अकेले रह गये हैं. उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट दरबार शरीफ के प्रभावशाली पीरजादा खोबायब अमीन ने शनिवार को पार्टी और स्टेट प्रेसिडेंट पद से त्यागपत्र दे दिया.
ओवैसी के बाद घर के ‘चिराग’ ने दिया झटका
राजनीतिक गलियारों में हुमायूं कबीर के लिए इसे एक तगड़ा झटका माना जा रहा है. शुक्रवार को ही असदुद्दीन ओवैसी ने बंगाल चुनाव में हुमायूं कबीर की पार्टी के साथ चुनावी तालमेल खत्म करने की आधिकारिक घोषणा की थी. अब संगठन के सबसे बड़े चेहरे यानी प्रदेश अध्यक्ष पीरजादा खोबायब अमीन के इस्तीफे ने पार्टी के वजूद पर सवाल खड़े कर दिये हैं.
Humayun Kabir Party AJUP President Resignation: सोशल मीडिया पर वायरल पत्र
पीरजादा खोबायब अमीन ने अपना इस्तीफा सीधे पार्टी के चेयरमैन हुमायूं कबीर को भेजा है. पत्र में पार्टी छोड़ने के कारणों का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, लेकिन उन्होंने आम जनता उन्नयन पार्टी और प्रदेश अध्यक्ष पद को तत्काल प्रभाव से छोड़ दिया है. पीरजादा ने अपने इस फैसले की जानकारी खुद अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से इस्तीफे की कॉपी पोस्ट करके दी. यह पोस्ट अब बंगाल के सियासी हलकों में तेजी से वायरल हो रहा है.
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बशीरहाट और अल्पसंख्यक वोटों पर पड़ेगा असर
बशीरहाट दरबार शरीफ के पीरजादा होने के नाते खोबायब अमीन का अल्पसंख्यक मतदाताओं के बीच खासा प्रभाव माना जाता है. उनके इस्तीफे से न केवल हुमायूं कबीर का सांगठनिक ढांचा चरमरा गया है, बल्कि उत्तर 24 परगना और सीमावर्ती इलाकों में पार्टी के वोट बैंक में भी भारी सेंध लगने की आशंका है.
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By मिथिलेश झा
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