पटना : मेरे अधिकार में जो होगा, वह पीयू के लिए करुंगा : राज्यपाल फागू चौहान

Updated at : 05 Aug 2019 7:05 AM (IST)
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पटना : मेरे अधिकार में जो होगा, वह पीयू के लिए करुंगा : राज्यपाल फागू चौहान

पटना विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी और पटना हाइस्कूल का शताब्दी वर्ष समारोह का आयोजन पटना : राज्यपाल फागू चौहान ने कहा कि पटना विश्वविद्यालय और इसकी सेंट्रल लाइब्रेरी को आगे बढ़ाने के लिए जो उनके संवैधानिक दायित्व में आयेगा, वह जरूर करेंगे. शताब्दी वर्ष समारोह के दौरान कहा कि यह विवि आज भी राष्ट्रीय स्तर […]

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पटना विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी और पटना हाइस्कूल का शताब्दी वर्ष समारोह का आयोजन
पटना : राज्यपाल फागू चौहान ने कहा कि पटना विश्वविद्यालय और इसकी सेंट्रल लाइब्रेरी को आगे बढ़ाने के लिए जो उनके संवैधानिक दायित्व में आयेगा, वह जरूर करेंगे. शताब्दी वर्ष समारोह के दौरान कहा कि यह विवि आज भी राष्ट्रीय स्तर पर इसने अपनी पहचान बनाये रखी है.
पुस्तकालय के बिना शैक्षणिक संस्थान की कल्पना नहीं कर सकते. पूर्व का ऑक्सफॉर्ड कहे जाने वाले इस विवि का इतिहास गौरवशाली रहा है. इसमें लाइब्रेरी का योगदान अहम रहा है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कई बार सीएम रहे और एक बेहतरीन व्यक्ति हैं. इन्हें और इनके जैसे कई लोगों को भी इस ऊंचाई तक पहुंचाने में इस संस्थान और लाइब्रेरी का बेहद अहम योगदान रहा है.
हमारे बीच धोती व राेटी के संबंध : राज्यपाल
पटना. शहीद राजेंद्र प्रसाद सिंह शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (पटना हाइस्कूल) में विशेष अतिथि के रूप में प्रदेश के राज्यपाल फागू चौहान ने कहा कि मैं बिहार के निकटवर्ती यूपी के जिले आजमगढ़ का रहने वाला हूं. इसलिए भाषा और विचार आदि के नजरिये से बिहार से पूरी तरह समानता है. हमारे बीच (यूपी का पूर्वांचल और बिहार) धोती और रोटी के संबंध हैं. इसलिए मैं जल्द ही शिक्षा के बारे में बहुत कुछ जान जाऊंगा. चौहान ने बच्चों से कहा कि वे मेहनत के जरिये स्कूल और देश का नाम रोशन करें. इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को महान नेता बताया.
फागू चौहान ने बच्चों से कहा कि वे मेहनत के जरिये स्कूल और देश का नाम करें रोशन
इसी लाइब्रेरी के हॉल में बनी थी बिहार छात्र संघर्ष समिति : मोदी
पटना विवि में डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा कि इस परिसर में आते ही 45 साल पुरानी बात याद गयी. पटना विश्वविद्यालय सिर्फ ज्ञान का ही केंद्र नहीं था, बल्कि अन्याय, भ्रष्टाचार और शोषण के खिलाफ जन आंदोलन का भी केंद्र रहा है. 17-18 फरवरी 1974 को इसी सेंट्रल लाइब्रेरी के हॉल में बिहार छात्र संघर्ष समिति का गठन हुआ था. बाद में यहीं से जेपी आंदोलन की रणनीति बनी.
यहां से केंद्रीय नेतृत्व को बदलने की रणनीति बनी थी. परिवर्तन की लड़ाई यहीं से शुरू हुई थी. यहां की इतिहास के पन्नों में ये तमाम बातें आज भी सुरक्षित हैं. उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति के इस युग में लाइब्रेरी की प्रासंगिकता को बनाये रखने के लिए कई पहल करने की जरूरत है.
इसमें लाइब्रेरी को फ्री वाई-फाई और हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी से जोड़ने. ताकि यहां बैठकर छात्र खाकर गरीब छात्र ई-बुक का आसानी से उपयोग कर सकें. आगे भी लाइब्रेरी को जीवित रखने के लिए डिजिटल तरीका अपनाना ही सबसे उचित माध्यम है. उन्होंने कहा कि इस डिजिटल युग में इस लाइब्रेरी का 100 वर्ष मनाना उल्लेखनीय बात है.
वहीं, पटना हाइस्कूल समारोह को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा के विकास के लिए अभी जबरदस्त राशि खर्च की है.
बताया कि अकेले चालू वित्तीय वर्ष में शिक्षा पर 34 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है. इससे राज्य की शिक्षा में आमूल बदलाव देखने को मिलेगा. उन्होंने बताया कि लड़का और लड़कियों को डेढ़ करोड़ से अधिक साइकिलें बांटी जा चुकी हैं.
उप मुख्यमंत्री ने स्टूडेंट क्रेडिट योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसके जरिये बेहतर पढ़ाई के लिए 54 हजार से अधिक विद्यार्थियों को वित्तीय मदद दी जा चुकी है. इसके तहत प्रदेश सरकार 1427 करोड़ रुपये दे चुकी है.
माता-पिता व राष्ट्र की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का वक्त
पटना हाइस्कूल के विद्यार्थी रहे सिक्किम के राज्यपाल गंगा प्रसाद ने कहा कि बच्चों को अनुशासित ढंग से वक्त का सदुपयोग करते हुए माता-पिता और राष्ट्र की अपेक्षाओं पर खरा उतरना चाहिए. उन्होंने 1942 की अगस्त क्रांति में शहीद हुए राजेंद्र प्रसाद का जिक्र करते हुए कहा कि बच्चों को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए. राष्ट्र का सम्मान सबसे ऊंचा है.
उन्होंने स्कूल में शहीद की आदमकद प्रतिमा लगाने का आग्रह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से किया. समारोह के दौरान उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित सभी अतिथियों ने स्कूल की स्मारिका का विमोचन किया. कार्यक्रम की शुरुआत में पटना हाइस्कूल पूर्ववर्ती छात्र संघ के महासचिव राजशेखर गुप्ता ने स्वागत भाषण दिया. इस दौरान उन्होंने कहा कि इस स्कूल को सिमुलतला जैसा विद्यालय बनाये जाने की जरूरत है.
पूर्ववर्ती छात्र संघ और स्कूल की तरफ से एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखायी गयी. समारोह के अंत में स्मृति चिह्न बांटे गये. धन्यवाद ज्ञापन पूर्ववर्ती छात्र संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी कमलेश सिंह ने किया. समारोह के दौरान शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा, सांसद आरके सिन्हा, वरिष्ठ नेता एबी सिद्दीकी, विधायक संजीव चौरसिया आदि उपस्थित रहे.
मैं और मुख्यमंत्री एक ही राजनीतिक स्कूल के छात्र
राज्यपाल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ अपनी मित्रता को पुरानी बताते हुए कहा कि 1985 में हम दोनों पहली बार जीतकर विधायक बने.
दोनों एक ही पार्टी लोकदल से चुनाव जीते थे. उन्होंने कहा कि हम दोनों एक ही राजनीतिक स्कूल ‘चौधरी चरण सिंह’ के स्कूल से ही निकलकर राजनीति में यहां तक आये हैं. मुख्यमंत्री के साथ अपने संबंध बेहद पुराने होने की बात स्वीकारते हुए कहा कि वे एक बेहतरीन व्यक्ति हैं.
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