Raghu Rai: कभी भाई ने पहचानी थी प्रतिभा, फिर गधे की एक फोटो ने दुनिया में बनाया मशहूर; दोस्त बोले- ट्राइपॉड मांगने के जरिए हुई थी दोस्ती..

पद्मश्री रघु राय (Raghu Rai) के निधन पर वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट बीके जैन ने यादें साझा कीं. उन्होंने बताया कि 1978 में भरतपुर में रघु राय ने उनसे ट्राइपॉड मांगकर फोटो खींची थी. 28mm लेंस के शौकीन रघु राय ने गधे की एक तस्वीर से अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई.
Raghu Rai: भारतीय फोटो पत्रकारिता के युगपुरुष व पद्मश्री से सम्मानित रघु राय का रविवार को निधन हो गया. दिल्ली के लोदी रोड स्थित शवदाह गृह में उनके प्रिय कैमरे के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई. उनके निधन पर बिहार के वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट बीके जैन ने संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें फोटो पत्रकारिता का बेताज बादशाह बताया. बीके जैन ने बताया कि रघु राय की नजर इतनी पारखी थी कि वे साधारण दृश्यों में भी जान फूंक देते थे. भोपाल गैस त्रासदी (bhopal gas tragedy) की हृदयविदारक तस्वीरें हों या मदर टेरेसा के रोजमर्रा के पल, रघु राय (Raghu Rai) के लेंस ने भारतीय इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण कालखंडों को संजोया है. उनके जाने से पत्रकारिता व कला जगत में एक ऐसा शून्य पैदा हुआ है, जिसे भरना नामुमकिन है.
भरतपुर में जब रघु राय ने बीके जैन से मांगा था ट्राइपॉड
रघु राय और बीके जैन की दोस्ती साल 1978 के करीब शुरू हुई थी. पहली मुलाकात भरतपुर बर्ड सेंचुरी (Bharatpur Bird Sanctuary) में हुई थी. शाम का वक्त था और साइबेरियन क्रेन की तस्वीर उतारने के लिए रघु राय को ट्राइपॉड (tripod) की जरूरत पड़ी. उस समय रघु राय दिल्ली की एक मैगजीन में थे. बीके जैन याद करते हैं कि तभी एक छरहरे से लंबे व्यक्ति ने उनसे ट्राइपॉडमांगा. उस दौरान अपना स्टैंड और लेंस उन्हें दे दिया. तब पता नहीं था कि यह शख्स एक दिन दुनिया का सिरमौर बनेगा. इसके बाद पुष्कर मेले में मुलाकात हुई, जहां दोनों ने साथ में पकौड़े बनाकर खाए.
रघु राय का सबसे पसंदीदी लेंस था 28एमएम
रघु राय की कार्यशैली के बारे में बताते हुए बीके जैन ने कहा कि वे तकनीकी रूप से बेहद स्पष्ट थे. वे ताउम्र निकॉन कैमरे के मुरीद रहे व उनका सबसे पसंदीदा लेंस 28एमएम (28mm)था. रघु राय का मानना था कि एक अच्छी तस्वीर वह है जिसे समझाने के लिए ‘शब्दों की बैसाखी’ की जरूरत न पड़े. उनकी तस्वीरें खुद अपनी कहानी कहती थीं. उनकी कॉफी टेबल बुक्स आज भी ज्वेल मानी जाती हैं. बीके जैन कहते हैं कि जब मुलाकात होती थी, तो रघु राय उन्हें अपना पोट्रेट निकालने को कहते थे. कई बार उनका कैमरा व लेंस का भी प्रयोग किया करते थे.
एक गधे की तस्वीर ने दिला दी रघु को अंतर्राष्ट्रीय पहचान
रघु राय को फोटो जर्नलिज्म में लाने का श्रेय उनके बड़े भाई व दिग्गज पिक्टोरियल फोटोग्राफर एस पॉल को जाता है. बीके जैन बताते हैं कि रघु ने एक गधे की तस्वीर खींची थी, जो एस पॉल को इतनी पसंद आई कि उन्होंने उसे लाइफ मैगजीन को भेज दिया. उस एक तस्वीर ने रघु राय को रातों-रात अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर कर दिया. इसके बाद भोपाल गैस कांड की मार्मिक तस्वीरें और मदर टेरेसा (MotherTeresa) पर किए गए उनके काम ने उन्हें दुनिया के महानतम छायाकारों की श्रेणी में ला खड़ाकिया. वे मेग्नम फोटोज जैसी संस्था के सदस्य बने और भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से नवाजा.
बेहद खुशमिजाज व पकौड़े खाने के शौकीन थे रघु राय
रघु राय के कद का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे विश्व प्रसिद्ध संस्था (magnum)मेग्नम फोटोज के सदस्य थे व महान छायाकार कार्टियरब्रेसन उन्हें अपना शिष्य मानते थे. बीके जैन और रघु राय ने पुष्कर मेले से लेकर मदर टेरेसा के प्रोजेक्ट्स तक कई बार साथ काम किया. बीके जैन याद करते हैं कि रघु राय बेहद खुशमिजाज और पकौड़े खाने के शौकीन थे. उन्होंने कहा कि आज के सभी फोटो जर्नलिस्ट रघु राय (Photojournalist Raghu Rai) को अपना प्रतीक और सिरमौर मानते हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By हिमांशु देव
सितंबर 2023 से पटना में प्रभात खबर से जुड़कर प्रिंट और डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. कला, साहित्य-संस्कृति, नगर निगम और स्मार्ट सिटी से जुड़ी खबरों पर प्रमुखता से काम किया है. महिला, युवा और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाना प्राथमिकता में शामिल है. व्यक्तिगत तौर पर किताबें पढ़ना और नई जगहों को एक्सप्लोर करना अच्छा लगता है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




