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पटना : रहने को ली जमीन, करने लगे कारोबार, यह है बड़े लोगों का हाल

Updated at : 26 Jul 2019 7:15 AM (IST)
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पटना : रहने को ली जमीन, करने लगे कारोबार, यह है बड़े लोगों का हाल

पटना : पटना क्षेत्रीय विकास प्राधिकार (विघटित) ने राजधानी के एसके पुरी स्थित भूखंडों का आवंटन आवासीय कॉलोनी बसाने को लेकर किया. लेकिन, आवंटियों ने आवासीय भूखंडों पर लीज की शर्तों का उल्लंघन करते हुए व्यावसायिक गतिविधियां संचालित कर कमाई करनी शुरू कर दी. इन आवंटियों में अधिकतर बड़े-बड़े लोग हैं. पहले चरण में सहदेव […]

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पटना : पटना क्षेत्रीय विकास प्राधिकार (विघटित) ने राजधानी के एसके पुरी स्थित भूखंडों का आवंटन आवासीय कॉलोनी बसाने को लेकर किया. लेकिन, आवंटियों ने आवासीय भूखंडों पर लीज की शर्तों का उल्लंघन करते हुए व्यावसायिक गतिविधियां संचालित कर कमाई करनी शुरू कर दी.
इन आवंटियों में अधिकतर बड़े-बड़े लोग हैं. पहले चरण में सहदेव महतो मार्ग के दोनों किनारों पर स्थित 32 भूखंड के आवंटियों को नोटिस भेजने के बाद अब निगम के निशाने पर एसके पुरी के 100 से अधिक भूखंड हैं, जिन पर व्यावसायिक कार्य किया जा रहा है.
शुरू किया गया भूखंडों का सर्वे
नगर आयुक्त अनुपम कुमार सुमन के निर्देश पर भू-संपदा शाखा के कर्मियों ने गुरुवार से एसके पुरी स्थित भूखंडों का सर्वे कार्य शुरू कर दिया है. निगम की टीम ने सर्वे के पहले दिन एक दर्जन भूखंडों का सर्वे किया, जिसमें हॉस्टल, कोचिंग संस्थान, मेडिकल दुकान और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां चल रही है. सर्वे के दौरान फोटो भी लिये गये, ताकि भूखंडों पर चल रहे व्यावसायिक कार्य को सिद्ध किया जा सके.
10 दिनों के अंदर भेजा जायेगा नोटिस
निगम अधिकारी ने बताया कि पहले चरण में 32 आवंटियों को नोटिस भेजा गया था. इनमें से पूर्व मुख्यमंत्री स्व भागवत झा आजाद सहित चार का आवंटन रद्द भी कर दिया गया है. नोटिस के बाद हरिलाल स्वीट्स को ताला लगाना पड़ा. दूसरे चरण में अब 100 भूखंडों के आवंटियों को नोटिस भेजने का लक्ष्य है. भूखंड के आवंटी नोटिस मिलने के तत्काल बाद आवासीय संरचना में तब्दील करते हैं, तो ठीक है. अन्यथा आवंटन रद्द करने की कार्रवाई की जायेगी.
कार्रवाई के बाद दबाव बना रहे वीआइपी
वीआइपी इलाके में हो रही इस कार्रवाई के बाद नगर निगम पर भी दबाव बढ़ा है. इन भूखंडों के मालिक पॉलिटिकल व ब्यूरोक्रेट कनेक्शन तलाश कर रहे हैं, ताकि निगम अधिकारियों पर दबाव बनाकर कार्रवाई रोकी जा सके. मालूम हो कि भूखंडों के अधिकतर मालिक पटना से बाहर रहते हैं और उन्होंने अपनी जमीन किराये पर दे रखी है.
राजेंद्र नगर में कब कार्रवाई करेगा निगम?
पीआरडीए (विघटित) ने एसके पुरी के साथ-साथ राजेंद्र नगर में भी आवासीय भूखंडों का आवंटन किया था. इस क्षेत्र में व्यावसायिक व आवासीय क्षेत्र चिह्नित हैं. इसके बावजूद अधिकतर आवासीय भूखंडों पर भी व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं.
इसके साथ ही निगम से एनओसी लिये बिना ही आवासीय भूखंडों पर अपार्टमेंट बना लिये गये हैं. निगम प्रशासन ने एसके पुरी स्थित आवासीय भूखंडों के आवंटियों पर कार्रवाई तो शुरू कर दी है, लेकिन राजेंद्र नगर के आवासीय भूखंडों पर चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर भी कार्रवाई का अब भी इंतजार है.
विधान परिषद में उठा मामला
पटना : विधान परिषद में शून्यकाल में जदयू के डॉ रणवीर नंदन ने एसके पुरी में नगर निगम द्वारा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद कराने का मामला उठाया. कहा कि इन प्रतिष्ठानों से लाखों लोगों की रोजी-रोटी व वाणिज्यकर विभाग को करोड़ों का राजस्व मिलता है. इस क्षेत्र में प्रतिष्ठित स्कूलों की शाखा भी है. निगम के इस कदम से हजारों बच्चों का भविष्य अधर में लटक जायेगा. बाजार दर पर टैक्स का निर्धारण कर इन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से चालू रहने दिया जाये.
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