मॉनसून सत्र : पशुपालन विभाग में अधिक खर्च पर चारा घोटाले का नाम लिया, तो राजद का हंगामा

Updated at : 25 Jul 2019 6:23 AM (IST)
विज्ञापन
मॉनसून सत्र : पशुपालन विभाग में अधिक खर्च पर चारा घोटाले का नाम लिया, तो राजद का हंगामा

पटना : विधानसभा में बुधवार को उस दौरान राजद सदस्यों ने भारी हंगामा किया जब, उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी ने भोजनावकाश के बाद अधिकाई व्यय की रिपोर्ट पेश की. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन विभाग द्वारा 657 करोड़ 98 लाख का अधिकाई व्यय किया गया है. न्यायालय में मामला लंबित होने के […]

विज्ञापन
पटना : विधानसभा में बुधवार को उस दौरान राजद सदस्यों ने भारी हंगामा किया जब, उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी ने भोजनावकाश के बाद अधिकाई व्यय की रिपोर्ट पेश की. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन विभाग द्वारा 657 करोड़ 98 लाख का अधिकाई व्यय किया गया है.
न्यायालय में मामला लंबित होने के कारण इसे विधानसभा में स्वीकृति के लिए नहीं लाया गया है. उन्होंने बताया कि 959 भेड़, 5664 सूअर, 40504 मुर्गी, 1577 बकरी के लिए छह जिलों रांची, चाईबासा, दुमका, जमशेदपुर, गुमला और पटना में 10.5 करोड़ के चारे की आ‌वश्यकता थी. पशुपालन विभाग द्वारा 10.5 करोड़ के चारे की जगह 253.33 करोड़ के फर्जी चारे की खरीद की गयी थी.
उन्होंने यह भी कहा कि भैंस के सींग मेें तेल लगाने के लिए 15 लाख रुपये का 49 हजार 950 ग्राम सरसो का तेल होटवार दुग्ध आपूर्ति सह डेयरी फार्म के महाप्रबंधक डाॅ जेनुअल भेंगराज ने खरीदा. वित्त मंत्री द्वारा विधानसभा में पशुपालन विभाग के अधिकाई व्यय विवरणी पेश करने के दौरान राजद के सदस्य उत्तेजित हो गये और हंगामा करने लगे.
वो वित्त मंत्री के बयानों का विरोध कर रहे थे. वित्त मंत्री ने 1991 से पशुपालन विभाग में विभाग के बजट से अधिक राशि निकासी का विवरण पेश किया, जिसमें भेड़, बकरी और सूअर के चारे में बजट से अधिक राशि की निकासी की गयी. यह मामला अदालत में लंबित है. वित्त मंत्री ने सदन को बताया कि 1990-91 में पशुपालन विभाग के बजट प्रावधान 54.92 करोड़ था. उसकी जगह विभाग ने 84.21 करोड़ यानी 29.29 करोड़ अधिक निकासी की .
दरभंगा से दिल्ली व बेंगलुरु के लिए दशहरे से उड़ सकते हैं हवाई जहाज
पटना : दशहरे के अवसर पर दरभंगा वासियों को सौगात मिल सकती है. दरभंगा से दिल्ली और बेंगलुरु के लिए हवाई सेवा शुरू होने की संभावना है. इसके लिए स्पाइस जेट ने प्रस्ताव दिया है. यहां के एयरपोर्ट को विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने एक अरब 21 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. साथ ही 31 एकड़ जमीन भी दी है.
यह जानकारी बिहार विधान परिषद में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बुधवार को दी. पटना और गया के बाद दरभंगा राज्य का तीसरा एयरपोर्ट हो जायेगा, जहां से देश के अन्य शहरों के लिए आम नागरिकों के लिए हवाई यातायात की सुविधा मिल सकेगी. पहले इसी जुलाई महीने से दरभंगा से हवाई सेवा शुरू करने की योजना थी, लेकिन रनवे बिछाने सहित अन्य कई काम अधूरा रहने के कारण समय बढ़ाना पड़ा है.
बता दें कि केंद्र और राज्य सरकार ने दरभंगा, किशनगंज, भागलपुर, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर में चरणबद्ध तरीके से एयरपोर्ट बनाने की बात कही थी. इसमें से पिछले साल दरभंगा और किशनगंज में एयरपोर्ट बनाने पर सहमति हुई थी और दरभंगा में काम शुरू हुआ था. ग्रामीण कार्य मंत्री शैलेश कुमार ने ललित कुमार यादव के तारांकित प्रश्न के जवाब में कहा कि दरभंगा जिले के मनीगाछी प्रखंड मुख्यालय से रेफरल अस्पताल की सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है. इसे बनाने वाले ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है.
बिल्डरों पर हो रही कार्रवाई
डॉ रामचंद्र पूर्वे के सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि नियम का उल्लंघन करने के मामले में रेरा द्वारा बिल्डरों पर कार्रवाई की जा रही है. भू संपदा विनियमन और विकास अधिनियम 2016 की धारा 17 के अनुसार अधिभोग प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद ही बिल्डर द्वारा आवंटी को स्वामित्व का हस्तांतरण किये जाने का प्रावधान है. केदारनाथ पांडेय ने कहा कि खगौल के विजय सिंह पथ में बन रहे सांईं इंक्लेव अपार्टमेंट में रेरा नियमों का उल्लंघन हो रहा है. अनु आनंद प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अपार्टमेंट का निर्माण कराया जा रहा है.
टूटे शौचालयों काे बनाने के लिए मिलेंगे 12 हजार रुपये
पटना : विधानसभा में ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के अंतर्गत काम नहीं करने वाले शौचालय को फिर से चालू करने के लिए छह हजार रुपये दिये जायेंगे. साथ ही जो शौचालय पूरी तरह से जर्जर या टूट चुके हैं, उनके निर्माण के लिए 12 हजार रुपये देने का प्रावधान रखा गया है.
विभागीय मंत्री विधायक तारकिशोर प्रसाद के तारांकित प्रश्न का जवाब दे रहे थे. उन्होंने कहा कि 2011-12 और 2012-13 में संपूर्ण स्वच्छता अभियान या निर्मल भारत अभियान के तहत गैर-सरकारी संस्थाओं के माध्यम से राज्य में 15 लाख 22 हजार 146 शौचालयों का निर्माण कराया गया था.
हालांकि उन्होंने इस बात से पूरी तरह इन्कार किया कि एनजीओ के माध्यम से बनावाये गये इन शौचालय के निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग कर राशि का बंदरबांट किया गया है. इस तरह की गड़बड़ी का कोई मामला सामने नहीं आया है.
मोदी ने कहा कि इसी तरह से 1991-92 में बजट का प्रावधान 59.10 करोड़ था, जिसकी जगह 129.82 करोड़ ( 70.72 करोड़ अधिक) की निकासी की गयी. तीसरे वर्ष 1992-93 में 66.93 करोड़ की जगह 154.70 करोड़ (87.77 करोड़ अधिक), 1993-94 में 74.14 करोड़ की जगह 199.17 करोड़ (125.03 करोड़ अधिक), वर्ष 1994-95 में 74.40 करोड़ की जगह 245.01 करोड़ (170.61 करोड़ अधिक) और छठे वर्ष 1995-96 में 82.12 करोड़ की जगह 205.06 करोड़ (122.94 करोड़ अधिक) की निकासी की गयी. पशु चारा में पीला मक्का केवल 10 प्रतिशत होता है.
तीन वर्षों में केवल उस छह जिले में आवश्यकता का 115 गुना अधिक 154.72 करोड़ का पीला मक्का की फर्जी खरीद दिखा दिया गया. बादाम की खल्ली संयुक्त आहार में 15 प्रतिशत होती है, पर उसमें 33 गुना अधिक कीमत 72.69 करोड़ की खरीद दिखा दी गयी. इस अधिकाई व्यय को न्यायालय में होने के कारण नहीं लाया जा सकता है.
ऐसे मामलों में लोक लेखा समिति विचार नहीं करती. उन्होंने सदन में पशुपालन विभाग को छोड़कर वन, खान एवं खनिज, मंत्रिपरिषद, निर्वाचन सचिवालय एवं प्रशासन, बिक्री कर, लघु सिंचाई, भू और जल संरक्षण अल्पसंख्यक कल्याण, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग और योजना एवं विकास विभाग 142.47 करोड़ के बिहार विनियोग अधिकाई व्यय पारित करने का अनुरोध किया, जिसे सदन ने ध्वनि मत से स्वीकृति प्रदान की. इसके साथ ही विधानसभा ने अधिकाई व्यय से संबंधित बिहार विनियोग विधेयक 2019 भी पारित कर दिया.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन