पटना : शिक्षक ने चाकूओं से गोदकर की दोस्त की हत्या

Updated at : 21 Jul 2019 9:33 AM (IST)
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पटना : शिक्षक ने चाकूओं से गोदकर की दोस्त की हत्या

बैंक लोन और हत्यारोपित की बड़ी बेटी को नौकरी दिलाने के लिए भी लिया था पैसा पटना : पटना जंक्शन के पास होटल आदर्श इंटरनेशनल के कमरा नंबर-201 में पूर्णिया के रहने वाले विक्रम कुमार झा (30 वर्ष) की चाकूओं से गोदकर हत्या कर दी गयी. यह हत्या विक्रम के शिक्षक दोस्त 42 वर्षीय लक्ष्मी […]

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बैंक लोन और हत्यारोपित की बड़ी बेटी को नौकरी दिलाने के लिए भी लिया था पैसा

पटना : पटना जंक्शन के पास होटल आदर्श इंटरनेशनल के कमरा नंबर-201 में पूर्णिया के रहने वाले विक्रम कुमार झा (30 वर्ष) की चाकूओं से गोदकर हत्या कर दी गयी. यह हत्या विक्रम के शिक्षक दोस्त 42 वर्षीय लक्ष्मी बेसरा ने की है.

दोनों 24 घंटे से होटल के एक ही कमरे में ठहरे थे. शुक्रवार की रात 1.30 बजे जब विक्रम नींद में सो रहा था तो लक्ष्मी ने सब्जी काटने वाले चाकू से विक्रम के सीने पर ताबड़तोड़ वार किया, जिससे उसकी मौत हो गयी. होटल मैनेजर शिवनाथ पासवान ने कोतवाली पुलिस को जानकारी दी. पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और लक्ष्मी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने होटल मैनेजर समेत तीन लोगों को भी हिरासत में लिया है. पूछताछ जारी है. पुलिस ने होटल से फुटेज निकाला है. कमरे से दोनों के बैग बरामद हुए हैं.

बैंक से लोन और बेटी की नौकरी दिलाने को विक्रम ने लिया था पैसा

विक्रम झा पूर्णिया जिले के देवरी बड़हरा कोठी के रहने वाले कृष्णा देव झा के बेटे हैं. विक्रम बैंक में दलाली कर लोगों से कमीशन लेकर लोन दिलाता था. लक्ष्मी बेसरा पूर्णिया जिले के धमदाहा का रहने वाला है. वह धमदाहा मध्य विद्यालय में शिक्षक है. लक्ष्मी का कहना है कि 2015 में स्कूल जाने के दौरान उसकी मुलाकात विक्रम से हुई थी. उसने बताया था कि वह बैंक से लोन पास करा देता है. लक्ष्मी के कहने पर विक्रम ने पांच लोगों का लोन कमीशन लेकर पास करा दिया.

इसके बाद लक्ष्मी ने खुद जमीन खरीदने और स्कार्पियो के लिए लोन कराने के लिए विक्रम से बोला. उसने 1.10 लाख रुपये विक्रम को दिये थे, लेकिन उसका लोन पास नहीं हुआ. कई दिनाें से विक्रम उसे दौड़ा रहा था. विक्रम पर लक्ष्मी के अलावा भी कई लोगों से पैसे लेने का आरोप है. वह तंत्र-मंत्र का प्रभाव दिखा कर लोगों को डराता भी था.

19 जुलाई को दोनों सहरसा से आये थे पटना

17 जुलाई को विक्रम ने लक्ष्मी को बताया कि उसका लोन पास हो गया है, सहरसा चलना है. दोनों बाइक से सहरसा पहुंचे. वहां से विक्रम उसे लेकर अपने मौसी के घर बड़रा चला गया.

वहां रात भर रुकने के बाद कहा कि बैंक अधिकारी से मिलने पटना चलना पड़ेगा. इस पर दोनों ट्रेन पकड़कर 19 जुलाई की सुबह पटना पहुंचे और होटल आदर्श में कमरा लिया. दोपहर में विक्रम खीरा लेकर आया और चाकू से काटकर दोनों खाये. इसके बाद लक्ष्मी को कमरे में बंद कर बाहर से कुंडी लगाकर विक्रम चला गया. लक्ष्मी बिना कुछ खाये दिनभर कमरे में पड़ा रहा. विक्रम शाम को खाना खाकर शराब के नशे में होटल पहुंचा. दोनों में पहले बहस हुई, फिर दोनों सो गये. विक्रम को नींद आ गयी, लेकिन लक्ष्मी जगा हुआ था. उसने विक्रम के बैग से सब्जी काटने वाला चाकू निकाला और उसने घटना को अंजाम दिया.

लक्ष्मी के परिवार के करीब आ गया था विक्रम

दरअसल दोनों में अच्छे संबंध होने के कारण घर आना-जाना था. दोनों में काफी करीबियां थी. विक्रम लक्ष्मी की बड़ी बेटी की नौकरी दिलाने के लिए भी पैसा लिया था. लेकिन लक्ष्मी को पैसा देने के बाद भी न लोन मिल रहा था और न ही बेटी को नौकरी. लक्ष्मी का कहना है कि वह बैग में 50 हजार लाया था, वह भी ले लिया, एटीएम कार्ड से भी 5,000 निकाल लिया था. विक्रम की हरकताें से परेशान होकर उसने हत्या की है. आरोपित लक्ष्मी बेसरा की चार बेटियां हैं.

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