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बिहार की 41 फीसदी नदियों में सिंचाई लायक पानी नहीं, रविवार को हुई बारिश, लेकिन खेती पर संकट अब भी बरकरार

Updated at : 08 Jul 2019 7:50 AM (IST)
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बिहार की 41 फीसदी नदियों में सिंचाई लायक पानी नहीं, रविवार को हुई बारिश, लेकिन खेती पर संकट अब भी बरकरार

पटना : इस मॉनसून में पर्याप्त बारिश नहीं होने से अब भी राज्य की करीब 41 फीसदी नदियों में पानी नहीं है. इसका सीधा असर खरीफ फसलों की सिंचाई पर पड़ रहा है. कृषि विभाग के अनुसार अब तक सिर्फ 67 फीसदी धान का बिचड़ा डाला गया है और करीब पांच फीसदी ही रोपनी हो […]

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पटना : इस मॉनसून में पर्याप्त बारिश नहीं होने से अब भी राज्य की करीब 41 फीसदी नदियों में पानी नहीं है. इसका सीधा असर खरीफ फसलों की सिंचाई पर पड़ रहा है.
कृषि विभाग के अनुसार अब तक सिर्फ 67 फीसदी धान का बिचड़ा डाला गया है और करीब पांच फीसदी ही रोपनी हो सकी है. हालांकि, रविवार को सुबह से देर रात तक कभी रिमझिम तो कभी झमाझम हुई बारिश से कृषि विभाग ने राहत की सांस ली है. अगले चार दिनों तक बिहार में बारिश होने की उम्मीद है.
जल संसाधन विभाग की वेबसाइट पर दिये गये ताजा आंकड़ों के अनुसार राज्य में छोटी-बड़ी करीब 78 नदियां 119 मुख्य स्थानों से होकर गुजरती हैं. इस समय इन 119 स्थानों में से 43 स्थानों से होकर गुजरने वाली 32 नदियों में पानी नहीं है. वहीं गंगा, कोसी, घाघरा, गंडक, बूढ़ी गंडक, महानंदा, बागमती, कमला बलान, पुनपुन और अधवारा समूह की नदियों में सिंचाई के लायक पानी नहीं है. जल संसाधन विभाग के मंत्री संजय कुमार झा ने कहा कि नदियों में पानी की उपलब्धता पर लगातार नजर रखी जा रही है. जरूरत के अनुसार सिंचाई के लिए पानी दिया जा रहा है. सूखे और सिंचाई की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देशों का पालन हो रहा है.
उन्होंने कहा कि बारिश नहीं होने से नदियों में पानी नहीं आया है. दूसरी ओर कुछ जिलों से पानी नहीं छोड़े जाने की शिकायत भी आयी है. जल संसाधन मंत्री ने बताया कि सरकारी परियोजनाओं में पानी की उपलब्धता के बावजूद सिंचाई का पानी नहीं दिये जाने की शिकायत पर तीन दिन पहले तीन सुपरिटेंडेंट और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को नोटिस जारी किया गया है.
पिछले साल 21.08 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ सिंचाई का लक्ष्य
राज्य सरकार ने इस साल खरीफ मौसम में राज्य के 39.12 लाख हेक्टेयर में 123.25 लाख टन अनाज उत्पादन का लक्ष्य रखा है. इसमें से 33 लाख हेक्टेयर में धान की खेती से 104.90 लाख टन चावल उत्पादन करना है. पिछले साल राज्य में 21.08 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ सिंचाई का लक्ष्य रखा गया था, इसमें से करीब 90% क्षेत्रों में खरीफ सिंचाई की सुविधा उपलब्ध करवायी जा सकी. नदियों में पानी की उपलब्धता पर लगातार नजर रखी जा रही है. पर्याप्त बारिश नहीं होने से नदियों में पानी नहीं आया है.
-संजय कुमार झा, जल संसाधन मंत्री
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