पटना : मुख्यमंत्री ने वित्तीय सेहत का लिया जायजा, कहा वित्त विभाग अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाने के लिए रहे तैयार

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को वित्त विभाग की समीक्षा बैठक की. उन्होंने राज्य की वित्तीय सेहत से संबंधित मामलों पर विस्तार से चर्चा की. आने वाले समय में राज्य के वित्तीय संसाधन बढ़ाने और आर्थिक स्थिति सुदृढ़ बनाने के लिए खासतौर से विमर्श किया गया. साथ ही राज्य पर मौजूद कर्ज का सतत पेमेंट करने और इसे कम करने को लेकर भी चर्चा हुई.
मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त विभाग को एडिशनल लाइबिलिटी (अतिरिक्त आर्थिक बोझ) के लिए तैयार रहने की जरूरत है. कई जनोपयोगी योजनाएं चलायी जा रही हैं.
जैसे किसानों के लिए बिजली अनुदान, पुराने सरकारी जर्जर भवनों की मरम्मत एवं निर्माण, मेंटेनेंस पॉलिसी, नल जल योजना, स्वच्छता, प्रदूषण की रोकथाम, सामाजिक सुरक्षा समेत अन्य योजनाएं चल रही हैं. उन्होंने कहा कि लोगों की प्रवृत्ति बदल रही है, जिसके अनुरूप नयी-नयी योजनाएं बनायी जा रही हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए बेहतर वित्तीय प्रबंधन जरूरी है.
सीएम ने कहा कि विभिन्न विभागों की वित्तीय स्थिति की देखरेख करने के लिए एक व्यवस्था बनाने की जरूरत है. ताकि वित्तीय प्रबंधन बेहतर हो सके और आवंटित राशि को समय सीमा के अंदर खर्च करने की व्यवस्था हो सके. उन्होंने कहा कि राज्य में लोगों की आमदनी बढ़ रही है. मध्यम वर्ग के लोगों की भी क्रय शक्ति बढ़ी है. राज्य में बाजारों की स्थिति बेहतर हुई है.
यह एक तरह से आर्थिक प्रगति का सूचक है.उन्होंने सभी विभागों में एक-एक आंतरिक वित्तीय सलाहकार तैनात करने को कहा. इस पद पर वित्तीय एवं लेखा सेवा के पदाधिकारी की तैनाती की जायेगी और ये सभी वित्त विभाग के अंतर्गत ही काम करेंगे. इसके लिए अगर अलग से पद सृजित करने की जरूरत है, तो इसे भी किया जाये. बैठक में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, मुख्य सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त सुभाष शर्मा, वित्त प्रधान सचिव एस सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, सचिव वित्त (व्यय) राहुल सिंह, सीएम के सचिव अनुपम कुमार, ओएसडी गोपाल सिंह, चंद्रशेखर सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.
वित्तीय प्रणाली पेपरलेस करने वाला बिहार दूसरा राज्य : इस दौरान वित्त विभाग में सीएफएमएस (कॉम्प्रेहेंसिव फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम) प्रणाली की अपडेट स्थिति की समीक्षा की गयी. इसके पूरी तरह से काम करने के बाद बिहार का वित्त विभाग जल्द ही पेपरलेस हो जायेगा. बिहार देश का दूसरा राज्य हो जायेगा, जहां की पूरी वित्तीय प्रणाली पेपरलेस हो जायेगी.
इस दौरान वित्त विभाग के प्रधान सचिव एस सिद्धार्थ ने प्रस्तुतीकरण दिया. इसमें रेवेन्यू एंड कैपिटल रिसोर्स एंड एक्सपेंडीचर, रिसोर्स 2018–19, विभागवार व्यय 2018-19 और तिमाही व्यय का ट्रेंड के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी.
इसके अलावा राज्य के सकल घरेलू उत्पाद के स्रोत, एफआरबीएम सूचकांक, अतिरिक्त भार और बजट 2019-20 पर विस्तार से जानकारी दी गयी. गवर्नमेंट इ-मार्केटिंग के फायदों, वित्तीय प्रबंधन का रीस्ट्रक्चरिंग और जीपीएफ को कांटेक्टलेस बनाने से संबंधित बातों पर भी चर्च की गयी.
Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें