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फुलवारीशरीफ : 6 घंटे में 21 मरीजों का किया गाॅल ब्लाडर स्टोन का ऑपरेशन

Updated at : 13 Jun 2019 9:09 AM (IST)
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फुलवारीशरीफ : 6 घंटे में 21 मरीजों का किया गाॅल ब्लाडर स्टोन का ऑपरेशन

अनुसंधान के अनुसार सबसे कम 35 मिनट में एक गाॅल ब्लाडर का आॅपेरशन किया गया है, जो विश्व रिकाॅर्ड है फुलवारीशरीफ : पटना एम्स के ट्राॅमा एंड इमरजेंसी के हेड सर्जन डाॅ अनिल कुमार ने औसत 12से 13 मिनट में एक गाॅल ब्लाडर स्टोन का आॅपेरशन कर सर्जरी दुनिया में हलचल मचा दी है. छह […]

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अनुसंधान के अनुसार सबसे कम 35 मिनट में एक गाॅल ब्लाडर का आॅपेरशन किया गया है, जो विश्व रिकाॅर्ड है
फुलवारीशरीफ : पटना एम्स के ट्राॅमा एंड इमरजेंसी के हेड सर्जन डाॅ अनिल कुमार ने औसत 12से 13 मिनट में एक गाॅल ब्लाडर स्टोन का आॅपेरशन कर सर्जरी दुनिया में हलचल मचा दी है. छह घंटे में कुल 21 मरीजों के गाॅल ब्लाडर स्टोन का सफल आॅपरेशन करके एक उदाहरण कायम किया है.
सभी मरीज स्वस्थ हैं. सर्जन डाॅ अनिल कुमार ने आॅपरेशन करने के बाद बताया कि सरकारी अस्पतालों में बुनियादी ढांचों में 1 टू 6 नियम लागू किया जाये तो अधिक- से- अधिक गाॅल ब्लाडर का आॅपरेशन किया जा सकता है.1 टू 6 नियम में कहा गया है कि लेप्रोस्कोपिक काॅली सिस्टेक्टोमी से आॅपरेशन किया जाये तो छह घंटे में 21 से 25 आॅपरेशन किया जा सकता है.
डाॅ अनिल ने 1 टू 6 नियम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि एक सर्जन, दो टेबुल , तीन असिस्टेंट एसआर,जेआर, चार बेहोशी के डाॅक्टर, 5 सपोर्टिंग स्टाफ और 6 घंटे हैं. अगर सभी सर्जन इस नियम का पालन करें तो गाॅल ब्लाडर में स्टोन के मरीज का कम समय में अधिक- से- अधिक सफल आॅपरेशन किया जा सकता है.
एक अनुसंधान के अनुसार पूरी दुनिया में सबसे कम 35 मिनट में एक गाॅल ब्लाडर का आॅपरेशन किया गया है, जो विश्व रिकाॅर्ड है.
पटना एम्स में औसत 12 से 13 मिनट में एक गाॅल ब्लाडर स्टोन के आॅपरेशन में समय लगा. इस अलोक में कहा जा सकता है कि विश्व रिकाॅर्ड बनाने के लिए एक कदम आगे बढ़ा है. 21 में से सिर्फ एक मरीज के ऑपरेशन 40 मिनट लगा. इस मरीज को ड्रेन लगाया गया. शेष मरीजों में औसत 12 से 13 मिनट का समय आॅपरेशन करने में लगा.गुरुवार को सभी को डिस्चार्ज कर दिया जायेगा.
इनका हुआ आॅपरेशन
डाॅ अनिल ने बताया कि 21 मरीजों में 20 महिलाएं और एक पुरुष थे. गाॅल ब्लाडर में स्टोन की बीमारी महिलाओं में अधिक पायी जाती है.
बिहार में गाॅल ब्लाडर में स्टोन की बीमारी अधिक है, जो खासकर गंगा के तराई इलाकों में रहने वाले लोगों में हो रही रहा है. महिला मरीजों में प्रिया देवी,संजू, माला, डॉली कुमारी, ममता देवी, प्रतिमा देवी,सविता देवी,शोभा देवी, मधु चौधरी,बिंदु देवी,निधि प्रसाद, शारदा, खुशबू कुमारी, राधिका देवी,विभा कुमारी, सरस्वती देवी, हेना कौसर, मनोसरी देवी , निभा देवी व निभा कुमारी शामिल हैं. पुरुष मरीज में अमिताभ रंजन शामिल हैं.
डाक्टरों की थी टीम
डाॅक्टरों की टीम में सर्जन अनिल कुमार,बेहोशी के डाॅक्टर डा शगुफ्ता नाज, डाॅ अभि उदय, डाॅ रवि कुमार, डाॅ शिव कुमार, डाॅ दीपक और डा अमलपुष्प थे.
निदेशक समेत हर विभाग के डाॅक्टरों ने डाॅ अनिल की टीम को बधाई दी है. बधाई देने वालों में निदेशक डाॅ पीके सिंह,एमएस डाॅ सीएम सिंह,डाॅ प्रेम कुमार, डाॅ संजीव कुमार,डाॅ सुदीप कुमार, डाॅ अनुप कुमार, डाॅ क्रांति भावना, डाॅ सूर्य विक्रम, डाॅ प्रशांत कुमार,डाॅ अमरजीत कुमार, डाॅ अजीत कुमार, डाॅ मुक्ता अग्रवाल, डाॅ मोनिका अनंत, डाॅ रवि कीर्ति, डाॅ देवेंदु भूषण आदि शामिल हैं.
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