....जब सीएम नीतीश ने कहा, बंद होनी चाहिए केंद्र प्रायोजित योजनाएं, काम पर मिला वोट, बिहार को चाहिए विशेष राज्य का दर्जा
Updated at : 11 Jun 2019 6:58 AM (IST)
विज्ञापन

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि लोकसभा चुनाव में काम के आधार पर जनता ने हमलोगों को समर्थन दिया. चुनाव खत्म होते ही वह अपने काम पर लग गये हैं. उन्होंने दोहराया कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा अवश्य चाहिए. साथ ही उन्होंने केंद्र प्रायोजित योजनाएं बंद करने का सुझाव दिया. सोमवार […]
विज्ञापन
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि लोकसभा चुनाव में काम के आधार पर जनता ने हमलोगों को समर्थन दिया. चुनाव खत्म होते ही वह अपने काम पर लग गये हैं. उन्होंने दोहराया कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा अवश्य चाहिए.
साथ ही उन्होंने केंद्र प्रायोजित योजनाएं बंद करने का सुझाव दिया. सोमवार को लोक संवाद के बाद प्रेस काॅन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा कि वह बुनियादी विचार और सिद्धांत से कोई समझौता नहीं करते हैं. राम मंदिर का निर्माण कोर्ट के निर्णय से या लोगों की सहमति से हो. कॉमन सिविल कोड को थोपे जाने और धारा 370 हटाये जाने के पक्ष में नहीं हैं.
चुनाव के बाद उनकी दिलचस्पी काम में है. भाजपा से कड़वाहट की खबरों को लेकर उन्होंने कहा कि कोई कटुता नहीं है. जैसे पहले सौहार्द का संबंध था, वैसे आज भी है. उन्होंने इस बात से भी इन्कार किया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में जदयू के नहीं शामिल होने से बिहार के विकास पर प्रभाव पड़ेगा.
सीएम ने कहा कि बिहार के पिछड़ेपन को दूर कराने के लिए नीति आयोग की बैठक में हम शामिल होंगे और विशेष राज्य का दर्जा दिलाने को पूरी कोशिश करेंगे.
14वें वित्त आयोग ने इसे खारिज कर दिया था, लेकिन 15वें वित्त आयोग के सामने बिहार एनडीए के तीनों घटक दलों ने अपनी बात रखी है. बिहार का पूरा हित देखा जायेगा. पांच साल तक पिछड़े राज्यों को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने को प्रयास होने चाहिए. केंद्र प्रायोजित योजनाओं की जगह केंद्र अपना स्कीम चलाये. हर राज्य की अपनी जरूरत के हिसाब से अपना-अपना स्कीम होना चाहिए.
नीतीश कुमार ने कहा हमने एक प्रयोग किया था, जो सफल हुआ है. लोकसभा चुनाव के जिस तरह की बातें हो रही थीं, हम नहीं चाहते थे कि उन पर हम प्रतिक्रिया देकर लोगों का भाव बढ़ाएं. जनता ने सभी को चुप करा दिया है.
सूखा से निबटने के लिए सरकार इंतजाम में जुटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली बार की तरह इस बार भी सूखा चिंता का विषय है. इसके लिए पीने के पानी और सिंचाई की समस्याओं को लेकर लगातार बैठकें हो रही हैं. साथ ही पुराने चापाकलों की मरम्मत, नये चापाकलों को गहराई में लगाया जा रहा और पानी के टैंकर की व्यवस्था की जा रही है. सीएम ने हर घर नल का जल योजना को जल्दी पूरा करने का निर्देश दिया है.
लॉ एंड ऑर्डर पर सीएम की सीधी नजर
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव गृह, डीजीपी से कहा कि कानून-व्यवस्था पर उनकी सीधी नजर है. पिछली बैठक में दिये गये निर्देशों पर कितना अमल हुआ, वह खुद एक-एक बिंदु देखेंगे. इसके लिए वह 25 जून को समीक्षा बैठक करेंगे.
सीएम ने इस बात पर नाराजगी जतायी कि हाजीपुर में पुलिस ने हत्या के एक मामले में लेखपाल द्वारा मापी कराये जाने के बाद शव को उठाया गया. इस मामले में डीजीपी ने बताया कि डीआइजी को भेजा गया है तो सीएम ने कहा डीआइजी को भेजने के साथ थानेदारों पर कार्रवाई भी होनी चाहिए. पुलिस की जिम्मेदारी है कि वह देखते ही कार्रवाई करे.
केंद्र सरकार से जदयू के बाहर रहने से बिहार के विकास पर असर नहीं
प्रशांत किशोर को करना होगा पार्टी के लिए काम
सीएम नीतीश कुमार ने प्रशांत किशोर को लेकर कहा कि उनके व्यक्तिगत कार्य या कंपनी के काम से पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ता. जदयू विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की रणनीति पर अमल करेगा, इसके जवाब में उन्होंने कहा कि वह जदयू के सदस्य हैं.
उनको पार्टी के लिए काम तो करना ही होगा. सीएम ने इस बात पर आपत्ति प्रकट की कि कुछ लोग नालंदा के विकास को नालंदा मॉडल का नाम दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि नालंदा उनका क्षेत्र है. वहां वह उसी तरह विकास करा रहे हैं, जैसे अन्य जिलों में करा रहे हैं.
मुजफ्फरपुर में बच्चों की हो रही मौत पर स्वास्थ्य विभाग की नजर
मुजफ्फरपुर में बच्चों की हो रही मौत पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग हालात पर नजर रख रहा है. सरकार ने पूरा संसाधन उपलब्ध करा दिया है. ऐसा लगता है कि स्थानीय स्तर पर जागरूकता में कहीं कमी रह गयी है. मुख्य सचिव यह देखेंगे. कमी दूर की जायेगी. बरसात से पहले एइएस मुजफ्फरपुर में व बरसात के दौरान गया में बच्चों की जान ले रहा है.
यह चिंता का विषय है. स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि अब तक 11 बच्चों की मौत हो चुकी है. 48 मामले सामने आये हैं. 12 जिलों के 222 प्रखंड पीड़ित हैं. समीक्षा हो रही है. दवाएं भेज दी गयी हैं. सात अस्पतालों में बच्चों के आइसीयू खोले गये हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




