पटना : शहर के विकास का मास्टर प्लान शामिल नहीं कर रहे नेताजी
Updated at : 06 May 2019 6:12 AM (IST)
विज्ञापन

अनिकेत त्रिवेदी राजधानी के लिए लगभग तीन वर्ष पहले ही पास हो चुका मास्टर प्लान, मगर जमीन पर नहीं पहुंची एक भी योजना पटना : लोकसभा चुनाव में अपने-अपने जीत को पक्की करने के लिए उम्मीदवारों का धुआंधार प्रचार जारी है. बड़े व नामी नेता के अलावा छूट भैया नेता भी जनसंपर्क व सभा में […]
विज्ञापन
अनिकेत त्रिवेदी
राजधानी के लिए लगभग तीन वर्ष पहले ही पास हो चुका मास्टर प्लान, मगर जमीन पर नहीं पहुंची एक भी योजना
पटना : लोकसभा चुनाव में अपने-अपने जीत को पक्की करने के लिए उम्मीदवारों का धुआंधार प्रचार जारी है. बड़े व नामी नेता के अलावा छूट भैया नेता भी जनसंपर्क व सभा में जुटे हैं. पटना साहिब व पाटलिपुत्र लोकसभा में सब अपनी-अपनी जीत के चुनावी गणित को फिट करने में लगे हैं. भाजपा, कांग्रेस व राजद जैसी बड़ी पार्टियों के प्रत्याशियों ने क्षेत्र में दौड़ लगाना शुरू कर दिया है.
उम्मीदवार अपने पक्ष में पार्टी के बड़े नेताओं के रोड-शो की तैयारी में लगे हैं. कुल मिला कर सभी उम्मीदवारों के अपने दिल-दिमाग में जीत का प्लान तैयार कर जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है. मगर, जिस लोकसभा की कुर्सी पर नेताओं की नजर है, उस क्षेत्र के विकास के प्लान पर नेताजी कोई चर्चा नहीं कर रहे हैं.
विकास कैसे करेंगे, उनको जनता क्यों चुने इसका जवाब नेताजी के पास नहीं है. सबसे बड़ी बात है कि जिस मास्टर प्लान पर तैयार होने में 35 वर्ष लग गये. बीते तीन वर्षों से फाइनल होकर फाइलों में घूम रहा है, उस पर न तो नेताजी को कोई जानकारी है और न ही वे उसे अपने चुनावी एजेंडे में शामिल कर रहे हैं.
क्यों जरूरी है मास्टर प्लान
किसी भी शहर को व्यवस्थित तरीके से बसने, सभी को सब बुनियादी सुविधाओं को मिलने के लिए जरूरी है कि उस शहर में मास्टर प्लान लागू किया जाये. किस क्षेत्र को अौद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जायेगा. कहां एजुकेशनल हब बनेगा. किस क्षेत्र में प्राइवेट अस्पतालों बनेगा. कौन सी नयी सड़क विकसित की जायेगी.
कैसे ग्रामीण इलाके को मुख्य सड़क से जोड़ा जायेगा. सरकार किसी क्षेत्र में प्राइवेट व किस क्षेत्र में आवासीय कॉलोनियां विकसित करेगी. इसकी पूरी प्लानिंग मास्टर प्लान में दी गयी है. सबसे बड़ी बात है कि मास्टर प्लान-2031 को जमीन पर नहीं उतारने के कारण बगैर प्लान के पूरा शहर फैल रहा है.जो फैलाव आने वाले समय में लोगों के बुनियादी जरूरतों को पूरा नहीं कर पायेगा. जल-जमाव की परेशानी होगी. जाम की समस्या होगी. अतिक्रमण लोगोंको परेशान करेगा.
कहां तक है मास्टर प्लान
मास्टर प्लान इसमें शहर की बाहरी सीमा निर्धारित कर की गयी है. अब पटना महानगर का फैलाव पूरब में खुसरूपुर फतुहा और पश्चिम में मनेर बिहटा तक माना गया है.
इसमें पटना नगर निगम क्षेत्र के साथ ही बिहटा, दानापुर, मनेर, फतुहा, नौबतपुर, धनरुआ, खुसरूपुर, मसौढ़ी, फुलवारीशरीफ, पुनपुन व संपतचक प्रखंडों के ग्रामीण इलाकों को भी शामिल किया गया है. इन इलाकों के चरणबद्ध तरीके से विकास कर महानगर की सुविधाएं उपलब्ध करायी जानी है. मगर अक्तूबर 2016 से मास्टर प्लान लागू होने के बाद इस पर कोई काम नहीं किया गया है.
एक नजर में प्लान
पटना प्लानिंग क्षेत्र का निर्धारण 1167.04 वर्ग किमी क्षेत्र में होगा.
563 वर्ग किमी क्षेत्र का विकास किया जाना है.
2031 तक पटना महानगर की आबादी 60.25 लाख होने की बात की गयी है.
पूर्वी बंका घाट-मनेर में 80 मीटर चौड़ी 42 किमी सड़क का निर्माण.
11 रिंग रोड की चौड़ाई निर्धारण 60-60 मीटर
20 सेक्टोरल रोड की चौड़ाई निर्धारण 45-45 मीटर
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




