पटना : शेल्टर होम मामले में रिकॉर्ड गायब, सरकार जिम्मेदार
Updated at : 30 Apr 2019 6:51 AM (IST)
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भाकपा-माले की पोलित ब्यूरो सदस्य कविता कृष्णन बोलीं 2013 में भी शेल्टर होम मामले में हुई थी तीन एफआइआर, अब रिकॉर्ड गायब पटना : भाकपा-माले की पोलित ब्यूरो सदस्य कविता कृष्णन ने सोमवार को कहा कि जब 2018 में मुजफ्फरपुर बालिका शेल्टर होम की जांच शुरू हुई, तो यह बात सामने आयी कि 2013 में […]
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भाकपा-माले की पोलित ब्यूरो सदस्य कविता कृष्णन बोलीं
2013 में भी शेल्टर होम मामले में हुई थी तीन एफआइआर, अब रिकॉर्ड गायब
पटना : भाकपा-माले की पोलित ब्यूरो सदस्य कविता कृष्णन ने सोमवार को कहा कि जब 2018 में मुजफ्फरपुर बालिका शेल्टर होम की जांच शुरू हुई, तो यह बात सामने आयी कि 2013 में भी इस मामले में तीन एफआइआर हुई थी. इसमें तीन बच्चियों के साथ बलात्कार व तीन के साथ छेड़छाड़ का मामला था और आठ लोगों को मामले में अभियुक्त भी बनाया गया था.
लेकिन, उस समय हुई एफआइआर का रिकॉर्ड और बच्चियां दोनों गायब हैं. उन्होंने कहा कि बिहार में एनडीए अपने चुनाव प्रचार में महिलाओं व लड़कियों के उत्थान की बातें कर रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि भाजपा-जदयू शासन में सरकारी संरक्षण में शेल्टर होम में महिलाओं-बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न के घटना को अंजाम दिया गया.
अब रिकॉर्ड गायब हो गया है. भाकपा-माले चुनाव के दौरान इस मामले को उठायेगा. इसके बाद जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन किया जायेगा. प्रेस काॅन्फ्रेंस में ऐपवा महासचिव मीना तिवारी, पार्टी की केंद्रीय कमेटी के सदस्य व नगर सचिव अभ्युदय व गीता मौजूद थीं.
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