पटना : चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्रियों के परिवारों की साख दांव पर, जानें
Updated at : 23 Apr 2019 6:40 AM (IST)
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पटना : मुख्यमंत्री के रूप में शीर्ष पर पहुंचने वाले परिवारों की साख इस लोकसभा चुनाव में दांव पर है. जनता की नजरों में इनकी कितनी साख है, इसका खुलासा 23 मई को हो जायेगा. राजनीतिक दलों ने टिकट वितरण में पूर्व मुख्यमंत्रियों के परिवार के सदस्यों को टिकट दिया है. इन नेताओं के परिवार […]
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पटना : मुख्यमंत्री के रूप में शीर्ष पर पहुंचने वाले परिवारों की साख इस लोकसभा चुनाव में दांव पर है. जनता की नजरों में इनकी कितनी साख है, इसका खुलासा 23 मई को हो जायेगा.
राजनीतिक दलों ने टिकट वितरण में पूर्व मुख्यमंत्रियों के परिवार के सदस्यों को टिकट दिया है. इन नेताओं के परिवार का अपने-अपने लोकसभा क्षेत्रों में जनता का कितना भरोसा है, इसका भी लिटिमस टेस्ट जारी है. चुनाव में राजनीतिक विरासत को कौन बचा पाता है, यह देखना बहुत ही दिलचस्प होगा.
23 मई को आयेगा जनता का रिपोर्ट कार्ड
जीतन राम मांझी
(पूर्व मुख्यमंत्री)
लोकसभा चुनाव 2019 में जिन परिवारों को इस जनता की परीक्षा में पास करना है उसमें पूर्व मुख्यमंत्री रहे जीतन राम मांझी खुद गया लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशी हैं. उनको महागठबंधन का प्रत्याशी बनाया गया है. इसके पहले 2014 में वह जदयू के प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में थे. इस चुनाव में हारने के बाद ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जीतन राम मांझी को बिहार का मुख्यमंत्री बनाकर राज्य की कमान सौंपी थी.
मीसा भारती
(पुत्री- लालू प्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री)
बिहार की राजनीतिक परिवार की दूसरी परीक्षा पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद व पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के परिवार का भी है. लालू प्रसाद राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. लालू परिवार पाटलिपुत्र संसदीय सीट को परंपरागत मानता है. इस सीट से खुद लालू प्रसाद भी चुनाव लड़ चुके हैं. पाटलिपुत्र सीट से लालू प्रसाद के एक समय खास रहे रंजन यादव ने पराजित कर दिया था. राजद ने पाटलिपुत्र सीट से एक बार फिर लालू प्रसाद की बड़ी बेटी मीसा भारती को उम्मीदवार बनाया है.
चंद्रिका राय
(पुत्र- दारोगा प्रसाद राय, पूर्व मुख्यमंत्री)
सारण दो पूर्व मुख्यमंत्रियों की परंपरागत सीट मानी जाती है. पहले पूर्व मुख्यमंत्री दारोगा प्रसाद राय और इसके बाद लालू प्रसाद ने इस लोकसभा सीट को अपना बना लिया. लालू प्रसाद यहां चुनाव जीत दर्ज करते रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री दारोगा प्रसाद राय के पुत्र चंद्रिका राय राजद में लालू प्रसाद के साथ ही डटे रहे. लालू प्रसाद व चंद्रिका राय समधी बन गये हैं. चंद्रिका राय वर्तमान में परसा विधानसभा के विधायक हैं. राजद ने इस लोकसभा चुनाव में उनको सारण लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया है.
कीर्ति झा आजाद
(पुत्र – भागवत झा आजाद, पूर्व मुख्यमंत्री)
दरभंगा से तीन बार सांसद रहे कीर्ति झा आजाद पूर्व मुख्यमंत्री स्व भागवत झा आजाद के पुत्र हैं. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र कीर्ति झा आजाद को इस बार दल बदलने के बाद अपना लोकसभा क्षेत्र भी बिहार छोड़कर झारखंड में बनाना पड़ा. कांग्रेस में आने वाले कीर्ति इस बार धनबाद लोकसभा क्षेत्र से चुनावी मैदान में हैं. इनका मूल जन्मस्थान झारखंड के गोड्डा जिला में है. इनके पिता भागलपुर से राजनीति करते थे.
शाश्वत केदार
(पौत्र- केदार पांडेय, पूर्व मुख्यमंत्री)
पूर्व मुख्यमंत्री स्व केदार पांडेय के पौत्र शाश्वत केदार को कांग्रेस ने वाल्मीकिनगर लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया है. स्व पांडेय चंपारण क्षेत्र के एक कद्दावर नेता थे. स्व पांडेय के पुत्र स्व मनोज पांडेय के बाद पहली बार उनके पौत्र शाश्वत केदार ने राजनीति में कदम रखा है.
मीरा कुमार
(पुत्री- जगजीवन राम, पूर्व उपप्रधानमंत्री)
राष्ट्रीय राजनीति के महत्वपूर्ण नेता पूर्व उपप्रधानमंत्री स्व जगजीवन राम की पुत्री मीरा कुमार फिर सासाराम लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस की प्रत्याशी हैं. मीरा कुमार राष्ट्रीय स्तर की नेता हैं. वह 15वीं लोकसभा की स्पीकर भी रह चुकी हैं. उनके पास पारिवारिक विरासत के अलावा लंबा राजनीतिक अनुभव भी है.
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