फुलवारीशरीफ : एम्स की अधिकृत दवा दुकान में न फार्मासिस्ट मिला न रजिस्टर

Updated at : 14 Mar 2019 9:45 AM (IST)
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फुलवारीशरीफ : एम्स की अधिकृत दवा दुकान में न फार्मासिस्ट मिला न रजिस्टर

ड्रग विभाग ने की कार्रवाई, मिलीं गड़बड़ियां दवा दुकान एम्स की गाइडलाइंस का नहीं कर रहे अनुपालन फुलवारीशरीफ : पटना एम्स में अधिकृत दवा दुकान मेडिसिन पैलेस में एम्स की गाइडलाइंस के अनुसार मरीजों को दवा उपलब्ध नहीं कराने की शिकायत पर बुधवार को ड्रग विभाग की छापेमारी की गयी और मामले को सही पाया. […]

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ड्रग विभाग ने की कार्रवाई, मिलीं गड़बड़ियां
दवा दुकान एम्स की गाइडलाइंस का नहीं कर रहे अनुपालन
फुलवारीशरीफ : पटना एम्स में अधिकृत दवा दुकान मेडिसिन पैलेस में एम्स की गाइडलाइंस के अनुसार मरीजों को दवा उपलब्ध नहीं कराने की शिकायत पर बुधवार को ड्रग विभाग की छापेमारी की गयी और मामले को सही पाया. एम्स में सस्ती दर पर दवाओं को उपलब्ध कराने के लिए अंजनी कुमार सिंह की दवा दुकान मेडिसिन पैलेस को दुकान चलाने की अनुमति मिली थी.
एम्स में एडमिट मरीजों और परिजनों द्वारा पटना के सहायक औषधि नियंत्रक के पास लगातार शिकायतें मिल रही थीं. शिकायत के आलोक में औषधि निरीक्षक मो क्युमउद्दीन अंसारी, राजेश कुमार और संजय कुमार पासवान की टीम ने एम्स के ओल्ड ओपीडी बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर पर स्थित मेडिसिन पैलेस में छापेमारी की.
औषधि निरीक्षक क्युमउद्दीन अंसारी ने बताया कि रोजाना मरीजों को दवा खरीद में यहां बीस प्रतिशत की रियायत दी जा रही है, जबकि 75 प्रतिशत की रियायत देनी है. दुकानदार ने जेनरिक मेडिसिन में मात्र दो दिन ही 75 प्रतिशत दिखाया है. दुकान में जेनरिक और दूसरी ब्रांडेड दवाओं की भी बिक्री होती है.
पांच दवाओं का बिल भी नहीं दिखा पाये
एम्स से दुकानदार का जो अनुबंध है उसके अनुसार जेनरिक दवाओं को 75 प्रतिशत रियायत पर एम्स के मरीजों को उपलब्ध कराना है. लेकिन जांच में सिर्फ दो ही दिन ऐसा होने की जानकारी मिली है.
यह भारी गड़बड़ी पकड़ी गयी. इसके अलावा मेडिसिन दुकान में दो फार्मासिस्ट होने चाहिए, जो नहीं थे. इतना ही नहीं शिड्यूल एचवन रजिस्टर भी दुकान में नहीं था. कैश मेमो भी एम्स की गाइडलाइन के अनुसार नहीं था.
इसके अलावा 17 दवाओं में पांच दवाओं का बिल भी दुकानदार नहीं दिखा पाये. दुकानदार अंजनी कुमार सिंह की मेडिसिन पैलेस में जो गड़बड़ियां पायी गयी हैं, उसकी रिपोर्ट सहायक औषधि नियंत्रक पटना को जांच और आगे की कार्रवाई के लिए भेज दी गयी है. इस पूरे मामले पर पटना एम्स के निदेशक डॉ प्रभात कुमार सिंह ने कहा कि उन्हें भी मेडिसिन पैलेस दवा दुकान के बारे में शिकायतें मिली हैं.
दुकान के अनुबंध का समय जल्द ही समाप्त भी होने वाला है और इसे जल्द ही एम्स से हटा दिया जायेगा. निदेशक ने कहा की एम्स का अपना मेडिसिन स्टॉल है, जिस पर काफी सस्ती दर पर मरीजों को दवाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं.
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