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मसौढ़ी : अभिभावक बोले-स्कूल नहीं आते शिक्षक

Updated at : 09 Jan 2019 9:31 AM (IST)
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मसौढ़ी : अभिभावक बोले-स्कूल नहीं आते शिक्षक

मसौढ़ी : धनरूआ प्रखंड के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नदवां की प्राचार्या व शिक्षकों के अनियमित तरीके से विद्यालय आने-जाने से नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार को वहां मौजूद शिक्षकों को विद्यालय से निकाल मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया. इस दौरान उन्होंने स्कूल को पंजीयन करने व फॉर्म भरने की संस्था भर बनकर रह जाने […]

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मसौढ़ी : धनरूआ प्रखंड के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नदवां की प्राचार्या व शिक्षकों के अनियमित तरीके से विद्यालय आने-जाने से नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार को वहां मौजूद शिक्षकों को विद्यालय से निकाल मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया. इस दौरान उन्होंने स्कूल को पंजीयन करने व फॉर्म भरने की संस्था भर बनकर रह जाने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की और कहा कि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आगे आंदोलन करेंगे. करीब आधे तक गेट पर ही नारेबाजी करने के बाद ग्रामीण वापस चले गये. गौरतलब है कि उक्त विद्यालय इंटर स्तर का है.
इसमें नौवीं कक्षा में 271 व 10 वीं में 259 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जबकि इंटर में विज्ञान के 60 व कला के 82 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं. मिली जानकारी के मुताबिक नदवां के दो दर्जन से अधिक ग्रामीण पंचायत के मुखिया शंकर कुमार व पैक्स अध्यक्ष राकेश कुमार चुन्नू के नेतृत्व में मंगलवार को पूर्वाह्न करीब पौने 11 बजे विद्यालय पहुंचे. उस वक्त विद्यालय की प्राचार्या दीपा गुप्ता विद्यालय में मौजूद नहीं थीं और कुल 13 शिक्षक-शिक्षिकाओं में से 10 उपस्थित थे, लेकिन क्लास या बच्चों पर ध्यान देने के बजाय सभी शिक्षक एक कमरे में बैठकर गप कर रहे थे और विद्यालय में एक भी छात्र-छात्राएं मौजूद नहीं थे.
यह देख ग्रामीणों ने विद्यालय में हंगामा करना शुरू कर दिया. उनका आरोप था कि न तो प्राचार्या नियमित रूप से विद्यालय आती हैं और न ही शिक्षक व शिक्षिकाएं ही विद्यालय नियमित रूप से आते जाते हैं. इस कारण विद्यालय में पठन-पाठन नहीं होता है. उनका आरोप था कि विद्यालय का काम केवल पंजीयन करना व फार्म भरने भर रह गया है. ग्रामीणों ने विद्यालय में मौजूद शिक्षक-शिक्षिकाओं को विद्यालय से बाहर कर विद्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया. ग्रामीणों ने विद्यालय की स्थिति में सुधार नहीं होने पर शीघ्र ही पटना-गया मुख्य मार्ग (एनएच-83) को जाम करने व तीव्र आंदोलन करने की धमकी दी.
विद्यालय में मौजूद शिक्षकों व शिक्षिकाओं का आरोप था कि विद्यालय के छात्र-छात्राएं विद्यालय नहीं आते हैं और पढ़ने के लिए निजी कोचिंग संस्थानों में जाते हैं. उन्होंने बताया कि अभिभावकों द्वारा छात्रों की उपस्थिति विद्यालय में आकर जबर्दस्ती बनायी जाती है, ताकि सरकार से मिलने वाले लाभ से वे वंचित न हों. हमलोग चाह कर भी कुछ नहीं कर पाते.
अपने ओहदेदार पति का रोब दिखाती हैं प्राचार्या
जिला शिक्षा पदाधिकारी ज्योति कुमार ने बताया कि विद्यालय की प्राचार्या दीपा गुप्ता नियोजित शिक्षिका हैं और वे डीडीसी व जिला परिषद के अध्यक्ष के नियंत्रण में हैं. उन्‍होंने बताया कि पूर्व में भी प्राचार्या के खिलाफ शिकायतें मिली हैं. वे अपने ओहदेदार पति का रौब जमा अपनी दबंगता दिखलाती हैं. उन्होंने बताया कि मंगलवार की घटित घटना की रिपोर्ट अपने स्तर डीडीसी को देंगे. इधर, इस संबंध में जब विद्यालय की प्राचार्या दीपा गुप्ता से उनके मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन उठ नहीं उठाया. जिससे उन‍का पक्ष नहीं जाना जा सका.
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