पीएमसीएच में डॉक्टरों व कर्मचारियों में चले लात-घूंसे, पांच घंटे तड़पते रहे मरीज

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 05 Jan 2019 3:18 AM

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पटना : पीएमसीएच अस्पताल एक बार फिर जंग का मैदान बन गया. जूनियर डॉक्टरों और कर्मचारी नेताओं के बीच जम कर मारपीट हुई. जूनियर डॉक्टरों ने एक कर्मचारी नेता को उपाधीक्षक के चेंबर में ही जम कर पीटा. मारपीट की घटना के बाद भगदड़ मच गयी और अफरा-तफरी के बीच नर्सों ने पांच घंटे के […]

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पटना : पीएमसीएच अस्पताल एक बार फिर जंग का मैदान बन गया. जूनियर डॉक्टरों और कर्मचारी नेताओं के बीच जम कर मारपीट हुई. जूनियर डॉक्टरों ने एक कर्मचारी नेता को उपाधीक्षक के चेंबर में ही जम कर पीटा. मारपीट की घटना के बाद भगदड़ मच गयी और अफरा-तफरी के बीच नर्सों ने पांच घंटे के लिए कार्य का बहिष्कार कर दिया.
नर्सों के समर्थन में अस्पताल के सभी कर्मचारी एक जुट हो गये. इस दौरान वार्ड में भर्ती मरीजों को इंजेक्शन से लेकर दवा आदि सभी तरह की परेशानियों से पांच घंटे तक जूझना पड़ा. देर रात तक अधीक्षक चेंबर में कर्मचारी व जूनियर डॉक्टरों के बीच वार्ता चलती रही.
यह है मामला
दो जनवरी को ओटी नंबर चार में एक जूनियर डॉक्टर का पर्स चोरी हो गया. पर्स में करीब 12 हजार रुपये थे. ऐसे में जूनियर डॉक्टरों ने ओटी नंबर चार में ऑन ड्यूटी कर्मियों पर पीएमसीएच टीओपी में मामला दर्ज कराया.
शुक्रवार को जूनियर डॉक्टरों ने कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए उपाधीक्षक डॉ आरके जैमयार से मिलने पहुंचे. ऐसे में डॉक्टर ने पर्स चोरी के आरोप में कर्मचारी कृष्ण नंदन सिंह और हीरा की पिटाई कर दी. कर्मचारियों ने पिटाई का आरोप पीजी के डॉ राहुल, डॉ मयंक और डॉ विशाल पर लगाया है.
डॉक्टरों पर दलाली का आरोप
मारपीट के विरोध में नर्सों ने काम ठप कर हंगामा करना शुरू कर दी. नर्सों ने
डॉक्टरों पर दलाली करने का आरोप लगाया. नर्सों के कार्य बहिष्कार और मरीजों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए अधीक्षक ने सीनियर, जूनियर डॉक्टर और पीजी छात्रों को अलर्ट किया और समय पर मरीजों के इलाज करने का आदेश जारी किया. नर्सों के कार्य बहिष्कार के कारण पांच घंटे मरीज काफी परेशान हुए.
क्या कहते हैं कर्मचारी
जूनियर डॉक्टरों ने फंसाने को पर्स चोरी का आरोप लगाया है. इतना ही नहीं जब हम लोग अधीक्षक व उपाधीक्षक से मिलने गये और मामले की सच्चाई बतायी, तो तीन जूनियर डॉक्टरों ने मिल कर मारपीट शुरू कर दी. अगर एफआइआर को वापस नहीं लिया गया और माफी नहीं मांगी गयी, तो अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे.
क्या कहता है जेडीए
जूनियर डॉक्टरों पर मारपीट का आरोप पूरी तरह से गलत है. किसी भी डॉक्टर ने किसी भी कर्मचारी के साथ मारपीट नहीं की है. वहीं, पिछले कई दिनों से ओटी में डॉक्टरों के पर्स से रुपये चोरी होनी की घटनाएं सामने आ रही थी. इसको देखते हुए जूनियर डॉक्टरों ने थाने में मामला दर्ज कराया.
पांच घंटे काम ठप रहने के बाद हड़ताल खत्म, 10 तक अल्टीमेटम
नर्स व कर्मचारी काम पर लौट गये. मामले में अधीक्षक ने पांच सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है. इसमें हड्डी, एनेस्थेसिया, स्त्री व प्रसूति रोग विभाग, सर्जरी और उपाधीक्षक शामिल हैं.
बिहार स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के महामंत्री विश्वनाथ सिंह व नर्स पुनीता कुमारी ने कहा कि पीएमसीएच प्रशासन को 10 दिनों का समय दिया गया है. इस दौरान मामला वापस नहीं लिया गया और मारपीट करने वाले जूनियर डॉक्टर ने माफी नहीं मांगी, तो फिर से नर्स व कर्मचारी हड़ताल पर चले जायेंगे.
ओटी 4 में पर्स चोरी के आरोप में जूनियर डॉक्टर व कर्मचारियों में धक्का-मुक्की हुई है. मरीजों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसके लिए हमने सभी डॉक्टरों को अलर्ट कर दिया था. कर्मचारियों की मांग मानते हुए जांच टीम गठित कर दी गयी है. जिसकी गलती पायी जायेगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
हड़ताल के बाद हरकत में आये अधिकारी
हड़ताल के बाद मरीजों की बढ़ती परेशानी और हंगामे के बाद पीएमसीएच के अधिकारी हरकत में आये. अधीक्षक कार्यालय में दो बार बैठक बुलायी गयी और मामले को शांत कराया गया.
शाम सात बजे दूसरी बैठक अधीक्षक डॉ राजीव रंजन प्रसाद ने बुलायी और वार्ता की. अधीक्षक ने आश्वासन दिया कि 72 घंटे के अंदर मामले पर कार्रवाई होगी. उसके बाद हड़ताल खत्म हुई.
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