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पटना : नौकरी दिलाने व वीजा बनाने का पटना में हो रहा है खेल

Updated at : 14 Dec 2018 8:40 AM (IST)
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पटना : नौकरी दिलाने व वीजा बनाने का पटना में हो रहा है खेल

सऊदी अरब पहुंचने पर होती है ठगी की जानकारी पटना : पटना में ऐसी कई कंसलटेंसी सर्विस खुली है जो सऊदी अरब में नौकरी दिलाने व वीजा के नाम पर हजारों रुपये ले लेती है. इसमें नौकरी दिलाने से लेकर वीजा और आने-जाने का खर्च भी शामिल होता है. पैसा लेने के बाद कंसलटेंसी सर्विस […]

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सऊदी अरब पहुंचने पर होती है ठगी की जानकारी
पटना : पटना में ऐसी कई कंसलटेंसी सर्विस खुली है जो सऊदी अरब में नौकरी दिलाने व वीजा के नाम पर हजारों रुपये ले लेती है. इसमें नौकरी दिलाने से लेकर वीजा और आने-जाने का खर्च भी शामिल होता है. पैसा लेने के बाद कंसलटेंसी सर्विस उन्हें सऊदी अरब भेज देती है. लेकिन वहां जाने के बाद लोगों को पता चलता है कि वे लोग ठगी के शिकार हो चुके हैं और वहां फंस गये हैं. अगर कोई चालाक है तो वह तुरंत वहां से निकल जाता है.
इन कंसलटेंसी वालों के संपर्क सऊदी अरब में बैठे लोगों से है. जैसे ही कोई वहां पहुंचता है तो वहां सक्रिय लोग तुरंत ही उस व्यक्ति का पासपोर्ट अपने हाथ में लेने की कोशिश करते है, ताकि अगला व्यक्ति कुछ करने लायक नहीं बचे. अगर उसने अपना पासपोर्ट उन लोगों को सौंप दिया तो फिर उनकी बुरी हालत होना तय है. वे देश से इतने दूर हैं कि उनकी मदद तक करने वाला कोई नहीं मिलता है. ऐसे मामले कई बार पहले भी हो चुके हैं जिसमें भारतीय सऊदी अरब में काम करने के नाम पर गये थे और वहां फंस गये थे. बाद में भारत सरकार के हस्तक्षेप के बाद ही वापस लौट पाये थे.
इंस्पेक्टर के रिश्तेदार से लिये 75 हजार और भेज दिया सऊदी अरब
गांधी मैदान थाने में इसी तरह का मामला सामने आया. पटना में ही पदस्थापित एक इंस्पेक्टर के रिश्तेदार नीरज कुमार से एक्जीविशन रोड के एक कंसलटेंसी सर्विस के लोगों ने नौकरी, वीजा और आने-जाने के खर्च के नाम पर 75 हजार रुपये ले लिया. इसके बाद नीरज कुमार कुमार को वहां भेज दिया गया. हालांकि उसका टूरिस्ट वीजा बनवाया गया.
नीरज जब वहां पहुंचा तो उसने नौकरी के साथ ही वहां रहने के लिए कम से कम दो साल का प्रमाण पत्र बनाने की बात कही. लेकिन कंसलटेंसी से जुड़े लोगों ने बताया कि पहले वो अपना पासपोर्ट दे दे तो वह कागजात बनवा देगा. इस पर नीरज को शक हुआ और उसने अपना पासपोर्ट देने से इन्कार कर दिया. उन लोगों ने उसके लिए न तो नौकरी की व्यवस्था की और न ही वहां रहने का प्रमाण पत्र बनवाया.
टूरिस्ट वीजा होने के कारण उसकी अवधि खत्म होने लगी तो नीरज को चिंता सताने लगी और उसने तुरंत ही प्लेन का टिकट कटाया और इंडिया चला आया. इसके बाद नीरज ने पैसे लौटाने को कहा. पैसा नहीं मिला तो उसने गांधी मैदान थाने में मामले की जानकारी दी. उसकी सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और कंसलटेंसी सर्विस के दो लोगों को पकड़ लिया
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