मुजफ्फरपुर कांड : सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की रिपोर्ट के विवरण को बताया ‘भयानक'' और ‘डरावना''

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 25 Oct 2018 12:37 PM

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नयी दिल्ली / पटना : सुप्रीम कोर्ट ने मुजफ्फरपुर आश्रय गृह में लड़कियों से कथित यौन हिंसा और बलात्कार के आरोपों की जांच कर रहे केंद्रीय जांच ब्यूरो की रिपोर्ट में दिये गये विवरण को गुरुवार को ‘भयानक’ और ‘डरावना’ करार दिया. न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर, न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की […]

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नयी दिल्ली / पटना : सुप्रीम कोर्ट ने मुजफ्फरपुर आश्रय गृह में लड़कियों से कथित यौन हिंसा और बलात्कार के आरोपों की जांच कर रहे केंद्रीय जांच ब्यूरो की रिपोर्ट में दिये गये विवरण को गुरुवार को ‘भयानक’ और ‘डरावना’ करार दिया. न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर, न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने केंद्रीय जांच ब्यूरो की प्रगति रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद कहा, ‘‘यह सब क्या हो रहा है? यह तो बहुत ही भयानक है.’

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शीर्ष अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा आश्रय गृह के मालिक ब्रजेश ठाकुर के खिलाफ की गयी टिप्पणियों का भी संज्ञान लिया और उसे नोटिस जारी कर पूछा कि क्यों नहीं उसे राज्य के बाहर किसी जेल में स्थानांतरित कर दिया जाये. सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि ब्रजेश ठाकुर एक प्रभावशाली व्यक्ति है और जेल में उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है. ब्रजेश ठाकुर इस समय न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है.

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शीर्ष अदालत ने राज्य की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के पति चंद्रशेखर वर्मा का पता लगाने में हुए विलंब पर बिहार सरकार और केंद्रीय जांच ब्यूरो से सफाई मांगी है. पीठ ने बिहार पुलिस को आदेश दिया कि पूर्व मंत्री और उनके पति के यहां से बड़ी संख्या में हथियार बरामद होने के मामले की वह जांच करे. इस आश्रय गृह कांड की वजह से मंजू वर्मा को बिहार सरकार के समाज कल्याण मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था. पीठ ने कहा कि इस मामले की जांच कर रहे केंद्रीय जांच ब्यूरो के दल में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाये. इस मामले में न्यायालय अब 30 अक्टूबर को आगे विचार करेगा.

सीबीआई ने अब तक दस से अधिक लोगों को कर चुकी है गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम के संचालक ब्रजेश ठाकुर कई वर्षों से शेल्टर होम चलाता था. यहां से लड़कियों को नेताओं और अधिकारियों के पास भेजता था. लड़कियों द्वारा विरोध किये जाने पर उसकी पिटाई भी की जाती थी. लड़कियों के भागने और विरोध करने पर उसकी हत्या कर शव को दफना दिया जाता था. शेल्टर होम चलाने के लिए ब्रजेश ठाकुर बिहार सरकार से करोड़ों रुपये भी लेता था. मामले की जांच कर रही सीबीआई ने अब तक दस से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है.

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