पटना : सीट से लेकर टिकट बंटवारे में चुनौतियों से जूझेंगे तेजस्वी, सबको खुश और संतुष्ट करना होगा बड़ा टास्क
Author Prabhat khabar digital desk
Updated:
विज्ञापन

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की अनुपस्थिति में पहली बार चुनाव की जिम्मेदारी संभालेंगे नेता प्रतिपक्ष सुमित कुमार पटना : नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के लिए वर्ष 2019 का लोकसभा चुनाव किसी लिटमस टेस्ट से कम नहीं होगा. संभव है कि चुनावी सीन से गायब दिख रहे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ही महागठबंधन में सीट […]
विज्ञापन
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की अनुपस्थिति में पहली बार चुनाव की जिम्मेदारी संभालेंगे नेता प्रतिपक्ष
सुमित कुमार
पटना : नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के लिए वर्ष 2019 का लोकसभा चुनाव किसी लिटमस टेस्ट से कम नहीं होगा. संभव है कि चुनावी सीन से गायब दिख रहे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ही महागठबंधन में सीट और टिकट बंटवारे पर अंतिम मुहर लगाएं, लेकिन इसका साइड इफेक्ट सीधे तौर पर तेजस्वी यादव को ही झेलना पड़ेगा. इतना ही नहीं, इस बार टिकट बंटवारे में तेजस्वी को अंदर से लेकर बाहर तक की चुनौती मिल रही है. मसलन उनको परिवार से लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में सामंजस्य बैठाते हुए उनको खुश रखना होगा.
पुराने पांच से सात उम्मीदवारों का टिकट कटना तय : पिछला लोकसभा चुनाव लड़ चुके राजद के पांच से सात उम्मीदवारों के टिकट इस बार कटने तय हैं. इसकी वजह है कि
तेजस्वी सभी विपक्षी दलों को मिला कर बिहार में एक महागठबंधन बनाने की तैयारी में हैं. इस महागठबंधन में कांग्रेस, हम, लोजद, वाम दल (भाकपा, माकपा, माले) से लेकर बसपा, सपा जैसी पार्टियां शामिल होंगी.
पिछले गठबंधन चुनाव में राजद ने 27 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन इस बार सभी गठबंधन पार्टियों को न्यूनतम सीट देने के बावजूद 20-22 से अधिक सीटों पर चुनाव नहीं लड़ पायेगी. शेष 18-20 सीट उसे सहयोगी दलों के लिए छोड़नी होगी. हालांकि, 20-22 सीटों में भी कई जगहों पर राजद के नये उम्मीदवार देखने को मिल सकते हैं.
सबको खुश और संतुष्ट करना होगा बड़ा टास्क
रालोसपा का हो रहा इंतजार
महागठबंधन दलों के बीच सीट बंटवारा लगभग तय हो गया है. महागठबंधन सूत्रों की मानें तो रालोसपा के फैसले में देरी की वजह से इसकी घोषणा नहीं हो पा रही. हालांकि, गठबंधन के बड़े दल एनडीए के सीट बंटवारे के बाद ही अपने पत्ते खोलने की रणनीति पर भी डटे हैं.
राजद सूत्रों की मानें तो रालोसपा के शामिल होने की स्थिति में राजद 20, कांग्रेस 08, रालोसपा 04, हम 02 के अलावा लोजद, भाकपा, माकपा, माले, सपा और बसपा को एक-एक सीट मिल सकती है. रालोसपा के शामिल नहीं होने पर राजद, कांग्रेस के साथ ही हम या लोजद को एक या दो सीट का फायदा हो सकता है. हम से जीतन राम मांझी के अलावा महाचंद्र प्रसाद और वृशिण पटेल, जबकि लोजद से शरद यादव के साथ ही उदय नारायण चौधरी दावेदार बताये जाते हैं.
लालू प्रसाद के रहते तेजस्वी को सीट या टिकट बंटवारे में अधिक परेशानी नहीं आयेगी. इस मामले में लालू जी का निर्णय ही अंतिम होता है. जहां तक तेजस्वी की बात है तो वे अब तक पार्टी को अच्छे से संभालते आये हैं और उम्मीद है आगे भी संभालेंगे.
– सुरेंद्र किशोर, वरिष्ठ पत्रकार
टिकट बंटवारे में झेल रहे दबाव
टिकट बंटवारे में भी तेजस्वी को अपनों से लेकर वरिष्ठों का दबाव झेलना पड़ रहा है. राजद नेताओं की मानें तो लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने खुद के लिए सारण सीट के साथ ही तीन-चार अन्य सीटों पर भी समर्थकों के नाम सुझाएं हैं.
इसी तरह, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में डॉ रघुवंश प्रसाद सिंह, जगदानंद सिंह, अब्दुल बारी सिद्दीकी, आलोक कुमार मेहता, कांति सिंह, प्रभुनाथ सिंह पिछला लोकसभा चुनाव हारे थे, लेकिन इस बार भी टिकट के दावेदार बताये जाते हैं. राबड़ी देवी संभवत: चुनाव नहीं लड़ेंगी, जबकि मीसा भारती का राज्यसभा में अपनी लंबा कार्यकाल शेष है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










