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बिहार में 85 फीसदी लोगों का बना आधार कार्ड, योजनाओं से महज 22 फीसदी की हुई सीडिंग

Updated at : 22 Sep 2018 2:32 AM (IST)
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बिहार में 85 फीसदी लोगों का बना आधार कार्ड, योजनाओं से महज 22 फीसदी की हुई सीडिंग

पटना : सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभुकों तक पहुंचाने और बिचौलियों या दलाली को खत्म करने के लिए उनके बैंक एकाउंट में सीधे रुपये ट्रांसफर किये जाते हैं. परंतु सरकारी योजनाओं के लाभुकों के बैंक खातों को सीधे आधार से जोड़ने की रफ्तार बेहद धीमी है. राज्य की करीब 12 करोड़ की आबादी में […]

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पटना : सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभुकों तक पहुंचाने और बिचौलियों या दलाली को खत्म करने के लिए उनके बैंक एकाउंट में सीधे रुपये ट्रांसफर किये जाते हैं. परंतु सरकारी योजनाओं के लाभुकों के बैंक खातों को सीधे आधार से जोड़ने की रफ्तार बेहद धीमी है. राज्य की करीब 12 करोड़ की आबादी में अब तक 10 करोड़ 17 लाख यानी करीब 85 फीसदी लोगों के आधार कार्ड बन गये हैं, लेकिन इसमें महज 22 फीसदी लोगों के आधार कार्ड को ही बैंक एकाउंट या किसी सरकारी योजना से जोड़ने (आधार सीडिंग) का काम हुआ है.
इनके प्रमाणीकरण की रफ्तार बेहद धीमी है. इस वजह से कई योजनाओं में एक ही व्यक्ति दो या इससे ज्यादा स्थानों से लाभ ले रहे हैं. आधार सीडिंग नहीं होने से डुप्लीकेसी बंद नहीं हो रही है. कुछ मामलों में बिना समुचित पहचान के गलत व्यक्ति भी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं. योजनाओं में गलत लोगों की छंटनी नहीं हो पा रही है.
आधार सीडिंग से मिल रहे बड़े फायदे: अब तक पेंशन, गैस कनेक्शन समेत कुछ अन्य योजनाओं में आधार सीडिंग का काम तेजी से हुआ, तो बड़ी संख्या में फर्जी पेंशनरों का नाम काटा गया. इसमें बड़ी संख्या में मृत लोगों के नाम भी हटाये गये, जिनके बैंक खाते में गलत तरीके से पेंशन के रुपये ट्रांसफर हो रहे थे. राज्य में वृद्धा, विधवा और दिव्यांग पेंशन धारकों की संख्या 68 लाख 70 हजार है. जब इसके लाभुकों की आधार सीडिंग शुरू हुई, तो पांच लाख 53 हजार बिना ट्रेस वाले या बिना अता-पता वाले पेंशनर्स का नाम हटाया गया. इससे सरकार को करीब 250 करोड़ की बचत हुई है.
सभी लाभुकों की आधार सीडिंग होने के बाद हटाये गये फर्जी पेंशनरों की संख्या ज्यादा बढ़ेगी. इसी तरह एलपीजी कनेक्शन में भी 11 लाख 77 हजार कनेक्शन ब्लॉक किये गये, जिससे सरकार को 425 करोड़ की बचत हुई. आधार सीडिंग होने के कारण बड़ी संख्या में फर्जी लाभुकों के नाम सामने आ रहे और उन्हें हटाया जा रहा है.
सीडिंग की स्थिति
आशा को मिलने वाले मानदेय- 81.80 n परिवार नियोजन क्षतिपूर्ति- 11.10 n इंदिरा गांधी निशक्तता पेंशन- 12.97 n इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्ता पेंशन- 11.81 n विधवा पेंशन योजना- 17.84 n जननी सुरक्षा योजना- 25.91 n मनरेगा- 100 n मातृत्व सुरक्षा कार्यक्रम- 0 n मध्याह्न भोजन- 0 n राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन- 0 n राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मेद्यावृत्ति योजना- 0 n प्रधानमंत्री आवास योजना- 73.97 n पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (एससी के लिए)- 0 n पीएम कृषि सिंचाई योजना- 0 n मुख्यमंत्री साइकिल एवं पोशाक योजना- 0 n सीएम नारी शक्ति योजना- 0 n राज्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना- 17.53
योजनाओं में सीधे भेजे जाते हैं रुपये
आधार सीडिंग का काम अन्य योजनाओं में नहीं होने से दूसरी योजनाओं में अब भी बड़ी संख्या में फर्जीवाड़ा या डुप्लीकेसी जारी है. राज्य सरकार की 83 योजनाएं ऐसे हैं, जिनमें सीधे बैंक खाते में रुपये भेजे जाते हैं. वर्तमान में ऐसी कोई योजना नहीं है, जिसमें कैश ट्रांसफर होता है. सभी योजनाओं में डीबीटी (डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर) के जरिये ही सीधे लाभुकों के बैंक खाते में रुपये ट्रांसफर होते हैं. शिक्षा विभाग में चलने वाली साइकिल, पोशाक समेत अन्य कई योजनाओं में आधार सीडिंग सौ फीसदी नहीं होने से इनमें पूरी तरह से पारदर्शिता बहाल नहीं हो पायी है.
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