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पॉलीथिन : 50 माइक्रॉन से कम नहीं, पूर्ण प्रतिबंध की तैयारी में सरकार

Updated at : 09 Sep 2018 9:18 AM (IST)
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पॉलीथिन : 50 माइक्रॉन से कम नहीं, पूर्ण प्रतिबंध की तैयारी में सरकार

पटना : नगर विकास एवं आवास विभाग सूबे में सिर्फ 50 माइक्रॉन से कम नहीं, बल्कि पॉलीथिन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध की तैयारियों में जुटा है.सरकार के आदेश के बाद नगर निकायों में पॉलीथिन का उपयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर विभाग ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट बाइलॉज का ड्राफ्ट तैयार कर लिया […]

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पटना : नगर विकास एवं आवास विभाग सूबे में सिर्फ 50 माइक्रॉन से कम नहीं, बल्कि पॉलीथिन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध की तैयारियों में जुटा है.सरकार के आदेश के बाद नगर निकायों में पॉलीथिन का उपयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर विभाग ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट बाइलॉज का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है. इस ड्राफ्ट पर 10 सितंबर तक राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद व नगर निकायों की राय मांगी गयी है. मुख्य सचिव की 24 सितंबर से शहरी निकायों में प्लास्टिक पर रोक लगाने की घोषणा को देखते हुए संशोधित ड्राफ्ट को इससे पहले कैबिनेट की मंजूरी मिलने की उम्मीद है.
पर्षद ने पूर्ण प्रतिबंध का दिया है प्रस्ताव : राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने शहरी निकायों में प्लास्टिक के पूर्ण प्रतिबंध का प्रस्ताव दिया है. फिलहाल इस प्रस्ताव को पब्लिक डोमेन में रख कर उस पर आम लोगों से राय ली जा रही है. अगर यह प्रस्ताव लागू हुआ तो बायो मेडिकल वेस्ट, पैक खाद्य पदार्थ, दूध व दूध से बने उत्पाद तथा नर्सरी प्लांट को छोड़ कर सभी तरह के प्लास्टिक कैरी बैग पर रोक लग जायेगी.
प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अध्यक्ष व नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव इस पूरे अभियान की मॉनिटरिंग करेंगे.
पहले जागरूकता अभियान, फिर कार्रवाई : विभाग के मुताबिक नगर निकायों में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट बाइलॉज लागू करने से पहले जागरूकता अभियान चलाया जायेगा. अभियान के तहत विभिन्न प्रचार माध्यमों से लोगों को इसके दुष्प्रभावों की जानकारी दी जायेगी.
फिर एक्शन प्लान बना कर कार्रवाई की जायेगी. वर्तमान में 50 माइक्रॉन से कम मोटाई के प्लास्टिक का उपयोग करने पर उसके जब्त कर लिये जाने का प्रावधान है. लेकिन, बाइलॉज में प्लास्टिक के निर्माण, स्टोरेज, निर्यात, वितरण, बिक्री या परिवहन के हिसाब से अलग-अलग तरह की जुर्माना राशि तय की गयी है.
… तो निर्माण पर लग जायेगी रोक
वर्तमान में राजधानी सहित कई शहरों में धड़ल्ले से 50 माइक्रॉन से कम मोटाई सहित सामान्य प्लास्टिक निर्माण की फैक्ट्रियां चल रही हैं. पूर्ण प्रतिबंध लगने की स्थिति में इन फैक्ट्रियों को बंद कराते हुए इनके निर्माण और बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी जायेगी. इनके द्वारा उत्पादित व भंडारित प्लास्टिक कैरी बैग के राज्य से बाहर खपत के लिए थोड़ा समय दिया जायेगा.
इन्हें मिलेगा कार्रवाई का अधिकार
प्लास्टिक पर रोक के मामले में वन एवं पर्यावरण विभाग एवं नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव के साथ ही प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अध्यक्ष, डीएम, एसपी, एसडीओ, एसडीपीओ, नगर निकायों के आयुक्त व कार्यपालक पदाधिकारी के साथ ही जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक को अपने क्षेत्राधिकार में कार्रवाई की शक्ति मिल जायेगी. प्राधिकृत पदाधिकारी उल्लंघन करने वालों के खिलाफ न्यायालय में केस दर्ज करा सकेंगे.
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