पटना : कार्य से अलग रहे जूनियर डॉक्टर, सीनियर ने संभाला कामकाज, जानें क्या है विवाद की वजह

Updated at : 03 Sep 2018 6:04 AM (IST)
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पटना : कार्य से अलग रहे जूनियर डॉक्टर, सीनियर ने संभाला कामकाज, जानें क्या है विवाद की वजह

पटना सिटी : नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बीते शनिवार से जूनियर डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार नेे मरीजों की परेशानी बढ़ा दी है. हालांकि, रविवार होने की वजह से ओपीडी व आॅपरेशन का कार्य नहीं हुआ. इमरजेंसी में उपचार कराने आये मरीजों का उपचार सीनियर डॉक्टरों ने किया. मरीजों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही […]

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पटना सिटी : नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बीते शनिवार से जूनियर डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार नेे मरीजों की परेशानी बढ़ा दी है. हालांकि, रविवार होने की वजह से ओपीडी व आॅपरेशन का कार्य नहीं हुआ. इमरजेंसी में उपचार कराने आये मरीजों का उपचार सीनियर डॉक्टरों ने किया.

मरीजों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही थी. कुछ इसी तरह की स्थिति अस्पताल के सेंट्रल इमरजेंसी, महिला व प्रसूति विभाग की इमरजेंसी, शिशु रोग विभाग की इमरजेंसी व नवजात गहन चिकित्सा इकाई निक्कू में कायम थी. इन जगहों पर सीनियर डॉक्टर मरीजों का उपचार कर रहे थे. हालांकि, इमरजेंसी में कुछ जूनियर डॉक्टरों ने सीनियर के निर्देश पर सहयोग किया, लेकिन बाद में फिर कार्य से अलग हो गये.

इस दरम्यान अस्पताल में निरीक्षण को पहुंचे अधीक्षक डॉ चंद्रशेखर ने मरीजों को परेशानी नहीं हो, इसके लिए सीनियर डॉक्टरों को कामकाज करने का निर्देश दिया. अस्पताल में जूनियर चिकित्सक उपस्थित रहने के बाद भी मरीजों का उपचार नहीं कर रहे थे. उपचार नहीं होने की स्थिति में वार्ड में भर्ती मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. हालांकि, सोमवार को जूनियर के कार्य बहिष्कार से उत्पन्न स्थिति से निबटने के लिए अस्पताल प्रशासन विभागाध्यक्षों के साथ रणनीति बनायेगी.

मरीज को होती रही परेशानी, विभागाध्यक्षों की आज होगी बैठक

बैठक में लिया जा सके ठोस निर्णय

अस्पताल के अधीक्षक डॉ चंद्रशेखर ने बताया कि इस मामले में सोमवार को विभागाध्यक्षों की बैठक बुलायी गयी है. ताकि जूनियर डॉक्टरों के असहयोगात्मक रवैया पर ठोस निर्णय लिया जा सके. मरीजों को असुविधा नहीं हो, इसकी व्यवस्था की गयी है. सुरक्षा की जहां तक बात है तो इमरजेंसी में अलार्म लगाया गया है, अस्पताल के मुख्य द्वार पर सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है. अन्य कार्यों को भी पूरा कराया जा रहा है. जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि रंजन कुमार रमन का कहना है कि कार्य बहिष्कार नहीं किये है. हम लोगों ने सुरक्षा की मांग की है. क्योंकि अस्पताल प्रशासन की ओर से सुरक्षा के लिए स्कैनर नहीं लगाया गया है, बैरिकेडिंग नहीं कराया गया है.

क्या है विवाद की वजह

दरअसल मामला यह है कि मेहंदीगंज थाना के रानीपुर नीमतल मुहल्ला निवासी संतोष कुमार की 25 वर्षीय पत्नी रूपा रानी को प्रसव के लिए में बीते 30 अगस्त महिला व प्रसूति विभाग में डॉ अलका सिंह की यूनिट में भर्ती की करायी गयी थी, जहां आॅपरेशन की बात कही गयी थी. टाल मटोल की स्थिति में बीते 31 अगस्त को महिला की मौत हो गयी थी. इसी बात से नाराज होकर परिजनों ने हंगामा किया था.

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