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पटना : गंगा के जल स्तर में आयी भारी कमी

Updated at : 26 Aug 2018 6:57 AM (IST)
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पटना : गंगा के जल स्तर में आयी भारी कमी

21 लाख की जगह साढ़े पांच लाख क्यूसेक रह गया गांधी घाट पर डिस्चार्ज पटना : एक तरफ मॉनसून के कारण तमाम राज्यों में बाढ़ का कहर है, दूसरी तरफ गंगा नदी में जल अभाव का संकट बना हुआ है. मध्य अगस्त तक सामान्य मॉनसून के बाद भी गांधी घाट पर गंगा उफनने लगती है, […]

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21 लाख की जगह साढ़े पांच लाख क्यूसेक रह गया गांधी घाट पर डिस्चार्ज
पटना : एक तरफ मॉनसून के कारण तमाम राज्यों में बाढ़ का कहर है, दूसरी तरफ गंगा नदी में जल अभाव का संकट बना हुआ है. मध्य अगस्त तक सामान्य मॉनसून के बाद भी गांधी घाट पर गंगा उफनने लगती है, यहां अब उसका बहाव अप्रत्याशित रूप में केवल साढ़े पांच लाख क्यूसेक रह गया है, जबकि दो साल पहले वर्ष 2016 तक इसका डिस्चार्ज 21 लाख क्यूसेक तक था. हालांकि वर्ष 2017 में इसका डिस्चार्ज छह लाख क्यूसेक रह गया था. इस साल और कम हो गया है.
पानी की कमी की यह कहानी पटना ही नहीं बिहार के अन्य गंगा घाटों की भी है. जहां तक गांधी घाट पर नदी के जल स्तर का सवाल है, पिछले साल 21 अगस्त को 48़ 42 मीटर से अधिक था. इस साल इसी तारीख को यह जल स्तर 47़ 90 मीटर है. 22 अगस्त को 47़ 85 मीटर रह गया है. इस तरह जल स्तर और लगातार नीचे जा रहा है. पिछले एक दशक में अगस्त मध्य के बाद गांधी घाट पर जल स्तर 48 मीटर से ऊपर ही रहा है. वर्ष 2016 में गांधी घाट का जल स्तर 51़ 68 मीटर और वर्ष 2015 में 48़ 47 मीटर रहा था.
सोन नदी से आता है पानी : गंगा नदी में सबसे ज्यादा वाटर डिस्चार्ज मध्यप्रदेश की सोन नदी का होता है. हालांकि सोन नदी के कैचमेंट में अभी तक समुचित पानी गंगा में नहीं आ सका है. जानकारी के मुताबिक इंद्रपुरी के पास वाल्मीकि बैराज से हर साल पचास हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा जाता था. सोन से गंगा नदी में पानी एक लिंक कैनाल से लाया जाता है.
दिन भर रुक-रुक कर होती रही बारिश मौसम हुआ सुहाना
बीते 48 घंटे से मौसम बदला हुआ है. शुक्रवार को शहर के कई इलाकों में बारिश हुई थी. वहीं शनिवार को भी कई इलाकों में दिन भर रुक-रुक कर बारिश होती रही.
इस दौरान कहीं तेज तो कहीं हल्की फुहार का सामना लोगों को करना पड़ा. मौसम केंद्र की माने तो शनिवार की शाम पांच बजे तक 31.4 एमएम बारिश रिकॉर्ड किया जा चुका था. दिन भर की बारिश के बाद मौसम सुहाना रहा. तापमान में भी गिरावट दर्ज की गयी. इस दौरान शहर का अधिकतम तापमान 32 डिग्री व न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा.
अगले 24 घंटे में बारिश की संभावना : रविवार को भी मौसम साफ रहने के आसार नहीं हैं. अगले 24 घंटे में रुक-रुक कर बारिश हो सकती है.
इस दौरान कहीं हल्की फुहार तो कुछ स्थानों पर अच्छी बारिश हो सकती है. मौसम वैज्ञानिकों की माने तो बंगाल की खाड़ी में कम हवा का दबाव क्षेत्र बना हुआ है. इसका असर राज्य के पश्चिमी व मध्य इलाकों में देखने को मिल रहा है. बारिश होने के कारण तापमान में गिरावट होगी.
बारिश की कमी है कारण
गंगा नदी में इस साल कई वर्षों की तुलना में जल स्तर एवं डिस्चार्ज बेहद कम है. दरअसल गंगा एवं उसकी सहायक नदियों के कैचमेंट में बेहद कम बारिश हुई है. अगर यही स्थिति आगे भी जारी रही, तो कई तरह की समस्याएं खड़ी होंगी. फिलहाल गांधी घाट पर रोज पानी की कमी हो रही है.
—राजेश कुमार एक्जीक्यूटिव इंजीनियर, पटना जल संसाधन विभाग
प्रदेश के 24 जिलों में बारिश के बाद नदियों का जल स्तर बढ़ने की संभावना
प्रदेश के 24 जिलों में शनिवार को बारिश से राज्य की मुख्य नदियों के जल स्तर में बढ़ोतरी की संभावना है. इनमें गंगा, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कमला बलान और महानंदा शामिल हैं. मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार को भी प्रदेश के सभी हिस्सों में बारिश की संभावना जतायी है.
मौसम विज्ञान विभाग के सूत्रों का कहना है कि शनिवार को समस्तीपुर, बेगूसराय, सारण, सीवान, वैशाली, जमुई, मधुबनी, रोहतास, भभुआ, नालंदा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, खगड़िया, सुपौल, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, औरंगाबाद, बक्सर, पटना, भोजपुर, मुंगेर, मधेपुरा, पूर्णिया और सीतामढ़ी जिले में बारिश हुई है.
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