पटना : 40% से अधिक नियोक्ता अंशदान नहीं कर रहे जमा
Updated at : 26 Aug 2018 5:39 AM (IST)
विज्ञापन

ईएसआईसी द्वारा तैयार की जा रही है सूची, नियोक्ताओं पर होगी कार्रवाई पटना : राज्य के 40 फीसदी से अधिक नियोक्ता ऐसे हैं, जो पिछले चार माह से कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के सदस्यों का अंशदान जमा नहीं कर रहे हैं. इससे कर्मचारियों को मिलने वाला हितलाभ नहीं मिल पा रहा है, जबकि कर्मचारी […]
विज्ञापन
ईएसआईसी द्वारा तैयार की जा रही है सूची, नियोक्ताओं पर होगी कार्रवाई
पटना : राज्य के 40 फीसदी से अधिक नियोक्ता ऐसे हैं, जो पिछले चार माह से कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के सदस्यों का अंशदान जमा नहीं कर रहे हैं.
इससे कर्मचारियों को मिलने वाला हितलाभ नहीं मिल पा रहा है, जबकि कर्मचारी अपने नियोक्ता का बार-बार ध्यान आकृष्ट करा रहे हैं. लेकिन उन पर कोई असर नहीं हो रहा है. इसकी शिकायत कर्मचारियों ने ईएसआईसी से की है. ईएसआईसी ने शिकायत को गंभीरता से लिया है और डिफॉल्टर नियोक्ताओं की सूची तैयार कर रही है. उसके बाद डिफॉल्टर नियोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
सूबे में 14,919 नियोक्ता : मिली जानकारी के अनुसार सूबे में कुल नियोक्ताओं की संख्या 14,919 है. इनमें सबसे अधिक नियोक्ता 8714 पटना जिले में है. इसके बाद मुजफ्फरपुर में 1151, बेगूसराय में 856, भागलपुर में 832, गया में 737, वैशाली में 557, कटिहार में 448, दरभंगा में 512 नियोक्ता सबसे अधिक हैं.
इनमें से 40 फीसदी ऐसे नियोक्ता हैं, जिन्होंने पिछले चार माह से अपने कर्मचारियों का अंशदान कर्मचारी राज्य बीमा निगम के पास जमा नहीं किया है. 1100 नियोक्ता ऐसे हैं, जिन्हाेंने तीन माह से अंशदान नहीं जमा किया है.
सिर्फ पटना में 2.8 लाख से अधिक कर्मचारी
मिली जानकारी के अनुसार सूबे में कुल कर्मचारियों की संख्या 4,38,212 है. इनमें सबसे अधिक पटना जिले में 2,85,300, बेगूसराय में 28,625, भागलपुर में 28,256, मुजफ्फरपुर में 26,869, गया में 10,664, वैशाली में 16,311 कर्मचारी हैं.
अधिकारियों की मानें, तो यदि अंशदान जमा नहीं किया जा रहा होगा, तो वैसे कर्मचारियों को अंशदान के रूप में हितलाभ का पूरा लाभ नहीं मिले पायेगा.
इतना ही नहीं एक साल से अधिक देर होने पर उनके सामान्य हितलाभ में चिकित्सा हितलाभ बंद हो जाता है. इसलिए समय पर अंशदान करना अनिवार्य है. अधिकारियों की मानें, तो बीमा निगम के अधिकारी भी कम दोषी नहीं हैं क्योंकि उन्हें पता होता है कि कौन-कौन नियोक्ता कितने माह से निगम के पास अंशदान जमा नहीं कर रहा है.
धोखाधड़ी का मामला हो सकता है दर्ज
अंशदान हर माह 15 तारीख तक जमा करना होता है. अगर वेतन से अंशदान काट लिया है और जमा नहीं किया है, तो धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया जा सकता है. समय पर अंशदान नहीं करने वाले नियोक्ताओं की सूची तैयार की जा रही है. अगले माह से उन पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
—अरविंद कुमार, निदेशक, कर्मचारी राज्य बीमा निगम
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




