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मुजफ्फरपुर बालिका गृह दुष्कर्म कांड : छापेमारी के दौरान ब्रजेश ठाकुर के ठिकाने से CBI को भारी मात्रा में मिले कंडोम और शक्तिवर्धक दवाएं

Updated at : 17 Aug 2018 7:51 PM (IST)
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मुजफ्फरपुर बालिका गृह दुष्कर्म कांड : छापेमारी के दौरान ब्रजेश ठाकुर के ठिकाने से CBI को भारी मात्रा में मिले कंडोम और शक्तिवर्धक दवाएं

पटना : मुजफ्फरपुर बालिका गृह दुष्कर्म कांड मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम ने शुक्रवार को मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर और पूर्व मंत्री कुमारी मंजु वर्मा के कई ठिकानों पर छापेमारी की. इस दौरान सबूतों की तलाश में टीम ने पटना में भी छापेमारी की. पटना के म्यूजियम के पास स्थित प्रात:कमल अखबार […]

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पटना : मुजफ्फरपुर बालिका गृह दुष्कर्म कांड मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम ने शुक्रवार को मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर और पूर्व मंत्री कुमारी मंजु वर्मा के कई ठिकानों पर छापेमारी की. इस दौरान सबूतों की तलाश में टीम ने पटना में भी छापेमारी की. पटना के म्यूजियम के पास स्थित प्रात:कमल अखबार के दफ्तर पर जब सीबीआई की टीम ने छापेमारी की तो उसकी आंखें फटी की फटी रह गयीं. वहां मौजूद सभी लोग सकते में आ गये. ऑफिस के ऊपर की मंजिल को सुइट रूम जैसा बनाया गया था. सीबीआई को यहां से तीन कार्टन (बक्से) कंडोम मिले हैं. दो बक्से में बिना इस्तेमाल किये गये कंडोम रखे गये थे. वहीं, तीसरे में इस्तेमाल हो चुके कंडोम भरे थे. मौके से कई दवाएं भी बरामद की गयी हैं. इनमें से कुछ शक्तिवर्धक दवाएं भी थीं.

कोतवाली थाना से महज सौ कदम की दूरी पर प्रात: कमल का दफ्तर स्थित था. अखबार के दफ्तर का नजारा किसी ऐशगाह से कम नहीं दिख रहा था. अखबार के ऑफिस के ऊपर वाले फ्लोर में महंगे फर्नीचर, सोफा, पलंग और मसाजर रखे गये थे. ठंड के दिनों में परेशानी न हो इसके लिए रूम हीटर की भी व्यवस्था की गई थी. सुइट के साथ वाले रूम में कपड़े रखे थे साथ ही किचन भी था.

गौरतलब हो कि राज्य सरकार की सिफारिश और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद सीबीआई ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इस मामले में सीबीआई ने ‘बालिका गृह’ शेल्‍टर होम के अधिकारियों और कर्मचारियों को आरोपी बनाया है. मुजफ्फरपुर बालिका गृह में रह रही 44 लड़कियों में 42 की मेडिकल जांच कराये जाने पर उनमें से 34 के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हो चुकी है. मुंबई की टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस की ‘कोशिश’ टीम की सोशल ऑडिट रिपोर्ट में यह मामला सामने आया था. करीब 100 पेज की सोशल ऑडिट रिपोर्ट को टीम ने 26 मई को बिहार सरकार, पटना और जिला प्रशासन को भेजा. इसके बाद बालिका गृह से 46 किशोरियों को 31 मई को मुक्त कराया गया. इनको पटना, मोकामा और मधुबनी के बालिका गृह में भेजा गया. बालिका गृह का संचालन कर रही एनजीओ के लोग बच्चियों के साथ रेप करते थे. इस कांड में नेताओं की भागीदारी की बात भी सामने आयी थी. मामले में ब्रजेश ठाकुर, बालिका गृह की अधीक्षिका इंदू कुमारी समेत 11 लोगों को जेल भेजा जा चुका है.एक अन्य फरार दिलीप कुमार वर्मा की गिरफ्तारी के लिए इश्तेहार दिये गये हैं और कुर्की की कार्रवाई की जा रही है.

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