पटना आसरा होम में दो की मौत का मामला, मनीषा दयाल व चिरंतन तीन दिनों की रिमांड पर
Updated at : 14 Aug 2018 9:08 AM (IST)
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पटना : आसरा होम में दो संवासिनी पूनम कुमारी और बबली की मौत के बाद गिरफ्तार आसरा होम के सचिव चिरंतन और कोषाध्यक्ष मनीषा दयाल को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां मजिस्ट्रेट ने उन्हें पुलिस के आवेदन पर तीन दिनों की रिमांड दे दी. दोनों को जेल नहीं भेजा गया है, बल्कि […]
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पटना : आसरा होम में दो संवासिनी पूनम कुमारी और बबली की मौत के बाद गिरफ्तार आसरा होम के सचिव चिरंतन और कोषाध्यक्ष मनीषा दयाल को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां मजिस्ट्रेट ने उन्हें पुलिस के आवेदन पर तीन दिनों की रिमांड दे दी. दोनों को जेल नहीं भेजा गया है, बल्कि पुलिस कस्टडी में रखा जायेगा और पूछताछ होगी.
इसके अलावा पुलिस ने आसरा होम में ड्यूटी देने वाले डॉक्टर अंशुमान और एएनएम को भी कस्टडी में लिया है. दोनों से पूछताछ हो रही है. आसरा होम में काम करने वाली बेबी कुमारी सिंह समेत तीन लोग पहले से हिरासत में हैं. पुलिस पूरे मामले को खंगालने में जुट गयी है
इस मामले में आईजी नैय्यर हसनैन खान ने बताया कि मृत पूनम कुमारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गयी है. उसमें सेक्सुअल इंज्युरी की पुष्टि नहीं हुई है. मामले में पुलिस ने मजिस्ट्रेट के बयान पर पांच लोगों के खिलाफ धारा 406,409, 420,304 ए (गैर इरादतन हत्या और धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया है. अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है.
आसरा होम को मिले थे 70 लाख, हेरफेर का है शक : पुलिस की पूछताछ में मनीषा दयाल ने बताया कि हाल में ही हमने आसरा होम को संभालने की जिम्मेदारी ली थी. इसके लिए सालाना 70 लाख रुपये का फंड है.
पुलिस के मुताबिक आसरा होम की व्यवस्था ठीक नहीं थी. वहां पर रहने वाली लड़कियों ने बयान दिया है कि न वक्त पर भोजन मिलता है और न ही इलाज होता है. पुलिस को भी शक है कि फंड में हेरफेर और धोखाधड़ी की गयी है. इसलिए धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज किया गया है.
पुलिस ने आसरा होम के सभी दस्तावेजों को जब्त कर लिया है. पूरे लेखा-जोखा की जांच हो रही है. किस मद में कितने रुपये खर्च हुए हैं, इसका मिलान कराया जा रहा है. जांच में यह भी पता चला है पूनम और बबली को पटना सिटी के शेल्टर होम से लाया गया था. इनमें पूनम को निशांत गृह से और बबली को उत्तर रक्षा गृह से लाया गया था.
आईजी ने मांगी सिटी एसपी से सुपरविजन रिपोर्ट
आईजी ने सोमवार की शाम चार बजे अपने कार्यालय में सभी पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठक की. इस दौरान राजीवनगर थाने में दर्ज हुए आसरा होम के केस की समीक्षा की. इस दौरान आईजी ने सिटी एसपी (मध्य) अमरकेश डी से इस मामले में सुपरविजन रिपोर्ट मांगी है. इंस्पेक्टर रैंक के पदाधिकारी को इस केस का आईओ बनाया गया है. आईजी ने इस केस में प्रतिदिन रिपोर्ट मांगी है.
डॉक्टर व एएनएम के खिलाफ आईएमए को आईजी लिखेंगे पत्र
आईजी नैय्यर हसनैन खान ने कहा कि अब तक यह बात साफ हो गयी है कि आसरा गृह में रहने वाली लड़कियों का सही ढंग से इलाज नहीं चल रहा था. वक्त पर दवा और ट्रीटमेंट नहीं हो रहा था. पूनम और बबली की मौत के बाद इलाज में लापरवाही की बात सामने आयी है.
इस संबंध में आईएमए को पत्र लिखकर डॉ अंशुमान और एएनएम के खिलाफ लिखा जायेगा. यहां बता दें कि डॉ अंशुमान का बोरिंग रोड में क्लिनिक है और आसरा होम में उनके साथ एक एएनएम की भी ड्यूटी थी. दोनों को प्रतिदिन आसरा होम जाकर इलाज करना था.
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