दो संतान के नियम को अनिवार्य बनाने को बने कानून, खत्म हो मुसलमानों का अल्पसंख्यक दर्जा : तोगड़िया

पटना : हिंदूवादी नेता प्रवीण तोगड़िया ने देश में मुसलमानों के लिए अल्पसंख्यक का दर्जा खत्म करने और दो संतान के नियम को अनिवार्य बनाने की सोमवार को मांग की. वह अपने नये संगठन ‘अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद’ के दो दिवसीय कार्यक्रम के सिलसिले में यहां आये थे. विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पूर्व नेता ने […]
पटना : हिंदूवादी नेता प्रवीण तोगड़िया ने देश में मुसलमानों के लिए अल्पसंख्यक का दर्जा खत्म करने और दो संतान के नियम को अनिवार्य बनाने की सोमवार को मांग की. वह अपने नये संगठन ‘अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद’ के दो दिवसीय कार्यक्रम के सिलसिले में यहां आये थे. विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पूर्व नेता ने कहा, ‘‘सरकार को कानून लाकर दो संतान के नियम को अनिवार्य प्रावधान बनाना चाहिए.’
उन्होंने कहा कि मुसलमानों के लिए अल्पसंख्यक का दर्जा समाप्त कर दिया जाना चाहिए और धार्मिक अल्पसंख्यक का दर्जा उन समुदायों को दिया जाना चाहिए, जिनकी जनसंख्या दो-चार फीसदी है. मुसलमान तो देश की कुल जनसंख्या का 14-15 फीसदी हैं. ऐसे में, इतनी बड़ी जनसंख्या वाले समुदाय को अल्पसंख्यक का दर्जा कैसे दिया जा सकता है. हाल ही गठित अपने संगठन के मांगपत्र का जिक्र करते हुए तोगड़िया ने कहा कि सरकार को काशी, मथुरा, अयोध्या, समान नागरिक संहिता और गौरक्षा पर कानून लाना चाहिए. उन्होंने हिंदुओं के पक्ष में अपने मांगपत्र के क्रियान्वयन के लिए दबाव बनाने के लिए 20 करोड़ हस्ताक्षर इकट्ठा करने की योजना बनायी है.
भाजपा पर निशाना साधते हुए पूर्व विहिप नेता ने कहा, ‘जब वे (भाजपा, आरएसएस) सत्ता में नहीं थे, तब वे अयोध्या में राममंदिर के निर्माण के लिए कानून बनाने की बात करते थे, लेकिन जब वे सत्ता में आ गये, तो वे अब कह रहे हैं कि मामला अदालत के फैसले द्वारा सुलझाया जायेगा. मामला तब भी अदालत में था, जब लालकृष्ण आडवाणी ने रथयात्रा शुरू की थी.’ एक सवाल के जवाब में, उन्होंने कहा कि ‘मोदी जी को राम मंदिर बनाना होगा. यह किसी की पसंद या इच्छा का मामला नहीं है, उन्हें (नरेंद्र मोदी) इसका निर्माण करना होगा.’
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