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सावधान! संभालिए अपने लाड़लों को, छोटी उम्र में बड़े शौक हो रहे आत्मघाती

Updated at : 05 Aug 2018 6:13 AM (IST)
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सावधान! संभालिए अपने लाड़लों को, छोटी उम्र में बड़े शौक हो रहे आत्मघाती

पटना : हाई प्रोफाइल परिवार के लाड़ले कच्ची उम्र में ही बड़ों जैसा शौक पाल रहे हैं और बहुत जल्दी सब कुछ हासिल कर लेना चाहते हैं. नाबालिग हैं पर एंड्राॅइड फोन, महंगी बाइक, लक्जरी कार का इस्तेमाल कर रहे हैं. परिवार की धमक है इसलिए ड्राइविंग लाइसेंस समेत अन्य कानूनी शर्तें कथित तौर पर […]

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पटना : हाई प्रोफाइल परिवार के लाड़ले कच्ची उम्र में ही बड़ों जैसा शौक पाल रहे हैं और बहुत जल्दी सब कुछ हासिल कर लेना चाहते हैं. नाबालिग हैं पर एंड्राॅइड फोन, महंगी बाइक, लक्जरी कार का इस्तेमाल कर रहे हैं. परिवार की धमक है इसलिए ड्राइविंग लाइसेंस समेत अन्य कानूनी शर्तें कथित तौर पर लागू नहीं हो पा रही हैं. लेकिन यह छूट, यह अनदेखी आत्मघाती साबित हो रही है.
छोटी उम्र के शौक की फेहरिस्त में प्यार-मोहब्बत, सेक्स और नशा भी शामिल है. बच्चों के शौक को स्मार्टनेस से जोड़ने वाले परिवार के लोग तब धोखा खा रहे हैं, जब उनका लाडला शराब और गांजे का आदी हो जा रहा है. इन्हें बाद में काबू करना मुश्किल हो रहा है. या तो ये लाडले भावनाओं में बह कर सुसाइड कर रहे हैं या किसी घटना के शिकार हो रहे हैं. बानगी के तौर पर पीसी कॉलोनी के रहने वाले डॉ विपिन कुमार के 15 वर्षीय पुत्र आदर्श की घटना को देखा जा सकता है.
वह लापता है, आशंका है कि स्कॉर्पियो समेत वह गंगा नदी में गिर गया. घटना चाहे जो भी हो, दो बातें सामने आ चुकी हैं कि आदर्श नाबालिग था लेकिन वह स्काॅर्पियो दौड़ा रहा था, उसकी गर्लफ्रेंड भी थी. साफ है कि छोटी उम्र में ही आदर्श के शौक बड़े हो गये थे. विधायक बीमा भारती के बेटे दीपक राज की भी घटना कुछ ऐसी ही है. दीपक की मौत हादसे में हुई हो या फिर हत्या की गयी हो, लेकिन उसके बुरे शौक ने ही मौत के मुंह तक खींचा है.
सिद्धार्थ को चार-पांच निजी गार्ड और दो गाड़ियां दे रखी थीं, जमाने लगा था धाक
पटना के चर्चित चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉक्टर उत्पलकांत का बेटा सिद्धार्थ (वर्तमान में कांग्रेस विधायक) वर्ष 1998 में सिद्धार्थ साइंस कॉलेज पटना में 11वीं का छात्र था. सिद्धार्थ चरपहिया वाहन से कॉलेज जाता था.
उस समय डॉक्टर के बेटों के किडनैप होने खतरा था, इसलिए शायद पिात ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से सिद्धार्थ को चार-पांच निजी गार्ड और दो गाड़ियां दे रखी थीं. लेकिन, इस सुविधा को सिद्धार्थ ने अपने रुतबे से जोड़ा और कॉलेज में धाक जमाने लगा. बाद में वह कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र अभिषेक की हत्या में जेल गया. मामला प्रेम प्रपंच से जुड़ा था.
वक्त से पहले की ये सुविधाएं साबित हो रही हैं जानलेवा
10 साल के लड़की-लड़के चला रहे एंड्राॅइड फोन
इंटरनेट के प्लेटफॉर्म पर सब कुछ देख रहे हैं नाबालिग बच्चे
हाई प्रोफाइल परिवार के नाबालिग बच्चों को बिगाड़ रही हैं बाइक और लक्जरी कारें
पढ़ाई की उम्र में नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं बच्चे, पहले शौक फिर हो जा रहे हैं आदी
पैसा, खुली छूट और बुरी संगत बिगाड़ दे रही है जिंदगी की ट्रैक
बच्चों के पालन-पोषण में लापरवाही, गलतियों को नजरअंदाज करना पड़ रहा है भारी
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