पटना : महंगी व ब्रांडेड कंपनियों की दवाओं की भारी कीमतों से परेशान मरीजों के लिए राहत भरी खबर आयी है. अब प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों पर बड़ी व ब्रांडेड कंपनियों की जेनेरिक दवाएं सस्ती दरों पर मिलेंगी. अभी तक सिर्फ तय सरकारी व चुनिंदा कंपनियों की दवाएं ही केंद्रों पर बेची जा रही थीं. इस आदेश के बाद मरीजों को दवाओं के लिए एक से दूसरे स्टोर पर भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
ब्रांडेड नाम से बनायी गयी जेनेरिक दवाएं : ब्रांडेड व लोकल दवाओं के नाम पर मरीजों से अधिक पैसे लेकर ठगने जैसी लगातार मिल रही खबरों को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जेनेरिक दवा को लेकर यह कदम उठाया है. जन औषधि केंद्रों में मिलने वाली सभी दवाओं की सप्लाई ब्रांडेड जेनेरिक नाम से औषधि केंद्रों पर की गयी है.
विभाग के अधिकारियों की मानें तो डॉक्टर व दलाल की ओर से ब्रांडेड दवा के नाम पर ठगने के इस गोरखधंधा पर लगाम लगेगी. साथ ही मरीजों को काफी कम रेट में अच्छी व बेस्ट क्वालिटी की दवाएं उपलब्ध हो जायेंगी.
दवाओं की संख्या भी बढ़ेगी : ब्रांडेड जेनेरिक दवा योजना के तहत इन मेडिकल स्टोरों पर करीब 500 तरह की दवाएं मरीजों को सस्ते दामों में मिलेंगी.
इसके अलावा करीब 150 तरह के ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाले उपकरण व वस्तुएं भी सस्ते दाम में मिलेंगी. दवा व्यापारियों की मानें तो वर्तमान समय में बीमारियां बढ़ रही हैं. नयी दवाएं व ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाले सामान की संख्या बढ़ रही है. सीमित दवाओं से योजना काफी प्रभावित हो रही थी. मरीजों को आधी-अधूरी दवाएं ही मिल पा रही थीं.
कारगर हैं जेनेरिक दवाएं
जेनेरिक दवाएं नामी कंपनियों से करीब 60 से 70 प्रतिशत कम दाम में मिलती हैं. ये भी ब्रांडेड दवाओं की तरह मर्ज पर जल्द असर करती हैं. नामचीन कंपनियां कमाई के लालच में जेनेरिक दवाएं कम बनाती हैं. हालांकि कुछ कंपनियां जेनेरिक दवाएं तो बनाती हैं, लेकिन उसकी कीमत भी ब्रांडेड दवाओं के समान ही रहती हैं. मरीजों को जेनेरिक के फायदे न तो डॉक्टर बताते हैं और न ही फार्मासिस्ट. ऐसे में अब औषधि केंद्रों में ब्रांडेड नाम से जेनेरिक दवा बेचने से मरीज लूटने से बचेंगे.
अब ब्रांडेड नाम से सस्ती दवाएं
औषधि विभाग के ड्रग कंट्रोलर रविंद्र सिन्हा ने बताया कि मरीजों को सस्ती दवाएं मिले, इसको लेकर जन औषधि केंद्रों पर ब्रांडेड कंपनियों की जेनेरिक दवा बेचने का निर्णय लिया गया है. इतना ही नहीं जन औषधि केंद्र खुलने से मरीजों को 60 से 70 प्रतिशत तक बाजार कीमत से सस्ती दवाएं मिल रही हैं. अब मरीजों को ब्रांडेड के नाम पर ठगने के काम पर अंकुश लगेगा.
